ईरानी हमलों की निंदा: दोनों गुटों ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों और कई खाड़ी देशों तथा जॉर्डन की संप्रभुता पर ईरान के हमलों की "सबसे कड़ी शब्दों में" निंदा की, इसे क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय नेविगेशन के लिए एक गंभीर खतरा बताया ।
शत्रुता समाप्त करने की मांग: EU और GCC ने ईरान से "तत्काल और बिना शर्त सभी हमलों और समुद्री नेविगेशन में सभी प्रकार के हस्तक्षेप को रोकने" और होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी शर्त, पारगमन शुल्क या सेवा शुल्क के खुला रखने का आह्वान किया ।
UNSC प्रस्ताव 2817 का अनुपालन: वक्तव्य में ईरान से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का पालन करने का आग्रह किया गया। यह प्रस्ताव 11 मार्च 2026 को पारित हुआ था, जिसमें चीन और रूस ने मतदान से परहेज किया था, और इसमें खाड़ी देशों के खिलाफ ईरान के "गंभीर हमलों" की निंदा करते हुए उनके आत्मरक्षा के अधिकार की पुष्टि की गई थी ।
एकजुटता और IMO समन्वय: दोनों गुटों ने प्रभावित देशों और नाविकों के साथ "पूर्ण एकजुटता" व्यक्त की और अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) जैसे निकायों के माध्यम से शिपिंग की सुरक्षा और कूटनीति के लिए समन्वय जारी रखने का वादा किया ।
यह वक्तव्य जुलाई 2026 की शुरुआत में हुई गंभीर उथल-पुथल के बीच आया:
इस वक्तव्य के माध्यम से EU और GCC ने अंतरराष्ट्रीय कानून और समुद्री सुरक्षा पर अपनी साझा प्रतिबद्धता को मजबूती से दोहराया है।