EU का महत्वाकांक्षी विद्युतीकरण अभियान: 2040 तक 46% लक्ष्य, ₹23 लाख करोड़ की बचत और कार्बन बाजार में बड़ा बदलाव
यूरोपीय आयोग ने 17 जुलाई 2026 को अपनी बहुप्रतीक्षित विद्युतीकरण कार्य योजना पेश की, जिसमें EU की कुल ऊर्जा खपत में बिजली की हिस्सेदारी को मौजूदा 23% से बढ़ाकर 2040 तक 46% करने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना से 2040 तक गैस आयात में 70% से अधिक और कच्चे तेल के आयात में 40% से अधिक की कमी आने का अनुमान है, जिससे सालाना...
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यूरोपीय आयोग ने 17 जुलाई 2026 को अपनी बहुप्रतीक्षित विद्युतीकरण कार्य योजना पेश की, जिसमें EU की कुल ऊर्जा खपत में बिजली की हिस्सेदारी को मौजूदा 23% से बढ़ाकर 2040 तक 46% करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस योजना से 2040 तक गैस आयात में 70% से अधिक और कच्चे तेल के आयात में 40% से अधिक की कमी आने का अनुमान है, जिससे सालाना €260 बिलियन (लगभग ₹23 लाख करोड़) की बचत हो सकती है।
कार्बन उत्सर्जन व्यापार प्रणाली (ETS) में सुधार के तहत उत्सर्जन कटौती की दर को धीमा किया जाएगा, मुफ्त उत्सर्जन परमिट 2038 तक बढ़ाए जाएंगे, और औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन के लिए €100 बिलियन का एक नया बैंक बनाया जाएगा।
Search & fact-check with cited sources for What does the European Commission's 2026 Electrification Action Plan propose, including the targeThe European Commission published the Electrification Action Plan on 17 July 2026, pairing it with a major revision of the EU Emissions Trading System.
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17 जुलाई 2026 को, यूरोपीय आयोग ने अपनी लंबे समय से प्रतीक्षित विद्युतीकरण कार्य योजना (Electrification Action Plan) के साथ-साथ EU उत्सर्जन व्यापार प्रणाली (ETS) में एक बड़े संशोधन की घोषणा की । इस पैकेज का उद्देश्य यूरोप को दुनिया का पहला 'इलेक्ट्रो-पावर्ड' महाद्वीप बनाना है, जिसमें ऊर्जा मिश्रण में बिजली की हिस्सेदारी को दोगुना करना, जीवाश्म ईंधन के आयात में भारी कटौती करना और औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन को समर्थन देने के लिए कार्बन बाजार को नया रूप देना शामिल है ।
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"EU का महत्वाकांक्षी विद्युतीकरण अभियान: 2040 तक 46% लक्ष्य, ₹23 लाख करोड़ की बचत और कार्बन बाजार में बड़ा बदलाव" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
यूरोपीय आयोग ने 17 जुलाई 2026 को अपनी बहुप्रतीक्षित विद्युतीकरण कार्य योजना पेश की, जिसमें EU की कुल ऊर्जा खपत में बिजली की हिस्सेदारी को मौजूदा 23% से बढ़ाकर 2040 तक 46% करने का लक्ष्य रखा गया है।
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
यूरोपीय आयोग ने 17 जुलाई 2026 को अपनी बहुप्रतीक्षित विद्युतीकरण कार्य योजना पेश की, जिसमें EU की कुल ऊर्जा खपत में बिजली की हिस्सेदारी को मौजूदा 23% से बढ़ाकर 2040 तक 46% करने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना से 2040 तक गैस आयात में 70% से अधिक और कच्चे तेल के आयात में 40% से अधिक की कमी आने का अनुमान है, जिससे सालाना €260 बिलियन (लगभग ₹23 लाख करोड़) की बचत हो सकती है।
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
कार्बन उत्सर्जन व्यापार प्रणाली (ETS) में सुधार के तहत उत्सर्जन कटौती की दर को धीमा किया जाएगा, मुफ्त उत्सर्जन परमिट 2038 तक बढ़ाए जाएंगे, और औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन के लिए €100 बिलियन का एक नया बैंक बनाया जाएगा।
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यूरोपीय आयोग ने 17 जुलाई 2026 को अपनी बहुप्रतीक्षित विद्युतीकरण कार्य योजना पेश की, जिसमें EU की कुल ऊर्जा खपत में बिजली की हिस्सेदारी को मौजूदा 23% से बढ़ाकर 2040 तक 46% करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस योजना से 2040 तक गैस आयात में 70% से अधिक और कच्चे तेल के आयात में 40% से अधिक की कमी आने का अनुमान है, जिससे सालाना €260 बिलियन (लगभग ₹23 लाख करोड़) की बचत हो सकती है।
कार्बन उत्सर्जन व्यापार प्रणाली (ETS) में सुधार के तहत उत्सर्जन कटौती की दर को धीमा किया जाएगा, मुफ्त उत्सर्जन परमिट 2038 तक बढ़ाए जाएंगे, और औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन के लिए €100 बिलियन का एक नया बैंक बनाया जाएगा।
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17 जुलाई 2026 को, यूरोपीय आयोग ने अपनी लंबे समय से प्रतीक्षित विद्युतीकरण कार्य योजना (Electrification Action Plan) के साथ-साथ EU उत्सर्जन व्यापार प्रणाली (ETS) में एक बड़े संशोधन की घोषणा की । इस पैकेज का उद्देश्य यूरोप को दुनिया का पहला 'इलेक्ट्रो-पावर्ड' महाद्वीप बनाना है, जिसमें ऊर्जा मिश्रण में बिजली की हिस्सेदारी को दोगुना करना, जीवाश्म ईंधन के आयात में भारी कटौती करना और औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन को समर्थन देने के लिए कार्बन बाजार को नया रूप देना शामिल है ।
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इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
"EU का महत्वाकांक्षी विद्युतीकरण अभियान: 2040 तक 46% लक्ष्य, ₹23 लाख करोड़ की बचत और कार्बन बाजार में बड़ा बदलाव" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
यूरोपीय आयोग ने 17 जुलाई 2026 को अपनी बहुप्रतीक्षित विद्युतीकरण कार्य योजना पेश की, जिसमें EU की कुल ऊर्जा खपत में बिजली की हिस्सेदारी को मौजूदा 23% से बढ़ाकर 2040 तक 46% करने का लक्ष्य रखा गया है।
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
यूरोपीय आयोग ने 17 जुलाई 2026 को अपनी बहुप्रतीक्षित विद्युतीकरण कार्य योजना पेश की, जिसमें EU की कुल ऊर्जा खपत में बिजली की हिस्सेदारी को मौजूदा 23% से बढ़ाकर 2040 तक 46% करने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना से 2040 तक गैस आयात में 70% से अधिक और कच्चे तेल के आयात में 40% से अधिक की कमी आने का अनुमान है, जिससे सालाना €260 बिलियन (लगभग ₹23 लाख करोड़) की बचत हो सकती है।
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
कार्बन उत्सर्जन व्यापार प्रणाली (ETS) में सुधार के तहत उत्सर्जन कटौती की दर को धीमा किया जाएगा, मुफ्त उत्सर्जन परमिट 2038 तक बढ़ाए जाएंगे, और औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन के लिए €100 बिलियन का एक नया बैंक बनाया जाएगा।
46% का विद्युतीकरण लक्ष्य — महत्वाकांक्षी लेकिन संकेतात्मक
फिलहाल, EU की कुल अंतिम ऊर्जा खपत में बिजली का हिस्सा केवल 23% है, जो पिछले एक दशक से स्थिर बना हुआ है । आयोग ने 2040 तक इस हिस्सेदारी को बढ़ाकर 46% करने का एक संकेतात्मक (indicative) लक्ष्य प्रस्तावित किया है, जो वर्तमान दर को प्रभावी रूप से दोगुना कर देगा । इससे पहले, क्लीन इंडस्ट्रियल डील के तहत 2030 तक 32% का एक मध्यवर्ती लक्ष्य पहले ही स्थापित किया जा चुका है ।
यह लक्ष्य फिलहाल 'संकेतात्मक' है, कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। आयोग 2026 की चौथी तिमाही में एक प्रभाव आकलन करेगा, जिसके बाद इसे 2030 के बाद के एनर्जी यूनियन पैकेज के हिस्से के रूप में बाध्यकारी कानून में शामिल करने पर विचार किया जाएगा । गौरतलब है कि एक प्रारंभिक मसौदे में इसे कानूनी रूप से बाध्यकारी बनाने का प्रस्ताव था, लेकिन अंतिम योजना में इसे हटा लिया गया ।
आयोग के अनुसार, इस लक्ष्य को प्राप्त करने से 2040 तक गैस आयात में 70% से अधिक और कच्चे तेल के आयात में 40% से अधिक की कमी आएगी, जिससे EU को जीवाश्म ईंधन आयात बिल पर प्रति वर्ष €260 बिलियन (लगभग ₹23 लाख करोड़) तक की बचत होगी । यह योजना विद्युतीकरण को केवल एक जलवायु उपाय के रूप में नहीं, बल्कि एक आर्थिक प्रतिस्पर्धात्मकता और ऊर्जा सुरक्षा अनिवार्यता के रूप में भी प्रस्तुत करती है, विशेष रूप से 2026 के मध्य पूर्व संकट और अस्थिर जीवाश्म ईंधन बाजारों के मद्देनजर ।
बिजली और जीवाश्म ईंधन के बीच मूल्य अंतर को कम करना
एक केंद्रीय चुनौती यह है कि EU में, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली की कीमत गैस की तुलना में लगभग 2.5 गुना अधिक है । इस अंतर को कम करने के लिए योजना में कई उपाय पेश किए गए हैं:
कम नेटवर्क शुल्क: बिजली के बिलों को फिर से डिजाइन किया जाएगा ताकि नेटवर्क शुल्क उपभोक्ताओं के प्रति किलोवाट-घंटा (kWh) की लागत से हटाकर लचीले ग्रिड उपयोग को प्रोत्साहित किया जा सके ।
कर कटौती और VAT में कमी: सदस्य देशों को ऊर्जा कर निर्देश और VAT निर्देश के तहत अनुमति न्यूनतम स्तर तक बिजली पर उत्पाद शुल्क और VAT कम करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। विशेष रूप से घरेलू बैटरी, इलेक्ट्रिक वाहनों और हीट पंप पर VAT में कमी को बढ़ावा दिया जाएगा ।
बिजली-से-गैस मूल्य बेंचमार्क: योजना में एक लक्ष्य रखा गया है कि 2030 तक, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली की कीमत गैस की कीमत से 2.5 गुना से कम और उद्योग के लिए 2 गुना से कम रहनी चाहिए ।
स्मार्ट मीटर का अनिवार्य उपयोग: एक बाध्यकारी लक्ष्य के तहत, 2030 तक कम से कम 50% उपभोक्ताओं और 2033 तक कम से कम 75% उपभोक्ताओं के पास स्मार्ट मीटर होना अनिवार्य होगा ।
क्लीन हीट मार्केट मैकेनिज्म: यह तंत्र इलेक्ट्रिक हीट पंपों की तैनाती में तेजी लाने और जीवाश्म ईंधन आधारित हीटिंग को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसके तहत, 2025 में 2.4 मिलियन से बढ़ाकर 2030 तक प्रति वर्ष 4 मिलियन हीट पंप स्थापित करने का लक्ष्य है ।
ETS सुधार: धीमी उत्सर्जन कटौती, लंबे समय तक मुफ्त परमिट
ETS संशोधन (COM(2026) 600) को उसी दिन प्रकाशित किया गया और यह यूरोप के कार्बन बाजार का एक महत्वपूर्ण पुनर्डिज़ाइन है :
रैखिक कटौती कारक (LRF): उत्सर्जन सीमा में वार्षिक गिरावट की दर को काफी धीमा कर दिया गया है। यह 2027-2028 के लिए 4.3% और 2029-2030 के लिए 4.4% पर बना रहेगा, फिर 2031-2035 के लिए 3.7% और 2036-2040 के लिए 1.7% हो जाएगा । पर्यावरण समूहों का कहना है कि इससे सैकड़ों मिलियन टन अतिरिक्त CO₂ उत्सर्जित हो सकता है ।
मुफ्त उत्सर्जन परमिट: CBAM-उजागर क्षेत्रों के लिए मुफ्त परमिट का वितरण बढ़ा दिया गया है, जो अब 2038 तक जारी रहेगा । 2031 से, मुफ्त आवंटन डीकार्बोनाइजेशन योजनाओं और निवेश पर सशर्त होगा ।
CBAM चरण-आउट: अब इसे 2038 तक के लिए स्थगित कर दिया गया है, जिसका अर्थ है कि CBAM क्षेत्रों को केवल उसी समय मुफ्त परमिट मिलना बंद होगा ।
औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन बैंक (IDB): औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन परियोजनाओं के लिए €100 बिलियन का फंड प्रदान करने के लिए एक नया साधन बनाया जाएगा, जो ETS राजस्व का एक बड़ा हिस्सा कवर किए गए क्षेत्रों को लौटाएगा । एक ETS 'निवेश प्रोत्साहन' के तहत 2027 से 400 मिलियन EUA आवंटित किए जाएंगे ।
ETS सुधार में कार्बन हटाने और अंतर्राष्ट्रीय क्रेडिट तक नियंत्रित पहुंच (2036 से आवश्यक कटौती का 2% तक) भी शामिल है, और यह सीमा को EU के 2040 तक -90% शुद्ध उत्सर्जन कटौती लक्ष्य के साथ संरेखित करता है ।
आगे की राह और आलोचना
विद्युतीकरण कार्य योजना और ETS विधायी प्रस्ताव अब आगे की बातचीत और अनुमोदन के लिए यूरोपीय संसद और परिषद में जाएंगे । आयोग 2026 की चौथी तिमाही में 46% लक्ष्य को बाध्यकारी बनाने पर एक प्रभाव आकलन करेगा ।
कई पर्यावरण समूहों ने इस पैकेज की आलोचना की है। यूरोपीय पर्यावरण ब्यूरो (EEB) ने कहा कि आयोग 'औद्योगिक पिछड़ेपन के आगे झुक गया', और कमजोर LRF और विस्तारित मुफ्त परमिटों को प्रमुख चिंता के रूप में उजागर किया । 350.org ने महत्वाकांक्षा का स्वागत किया, लेकिन चेतावनी दी कि 'अधिक महत्वाकांक्षा, कूटनीति और वित्त के बिना यह योजना अधूरी है' । रॉयटर्स ने बताया कि आलोचकों का तर्क है कि उच्च बिजली की कीमतें लक्ष्यों को प्राप्त करने में बाधा बन सकती हैं । हेनरिक बोल फाउंडेशन ने कहा कि लक्ष्य 'प्रौद्योगिकी-तटस्थ' है और यह जीवाश्म ईंधन और परमाणु ऊर्जा के निरंतर उपयोग को बढ़ावा दे सकता है ।
महत्वपूर्ण तथ्यात्मक सुधार
स्मार्ट मीटर का लक्ष्य 2033 तक 75% है, न कि 65%, जैसा कि कुछ प्रारंभिक मसौदा दस्तावेजों में बताया गया था। आधिकारिक विधायी प्रस्ताव COM(2026) 600 में 2033 का लक्ष्य 75% निर्धारित किया गया है ।
europarl.europa.euElectrification action plan, including heating and cooling | Legislative ...
46% का विद्युतीकरण लक्ष्य — महत्वाकांक्षी लेकिन संकेतात्मक
फिलहाल, EU की कुल अंतिम ऊर्जा खपत में बिजली का हिस्सा केवल 23% है, जो पिछले एक दशक से स्थिर बना हुआ है । आयोग ने 2040 तक इस हिस्सेदारी को बढ़ाकर 46% करने का एक संकेतात्मक (indicative) लक्ष्य प्रस्तावित किया है, जो वर्तमान दर को प्रभावी रूप से दोगुना कर देगा । इससे पहले, क्लीन इंडस्ट्रियल डील के तहत 2030 तक 32% का एक मध्यवर्ती लक्ष्य पहले ही स्थापित किया जा चुका है ।
यह लक्ष्य फिलहाल 'संकेतात्मक' है, कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। आयोग 2026 की चौथी तिमाही में एक प्रभाव आकलन करेगा, जिसके बाद इसे 2030 के बाद के एनर्जी यूनियन पैकेज के हिस्से के रूप में बाध्यकारी कानून में शामिल करने पर विचार किया जाएगा । गौरतलब है कि एक प्रारंभिक मसौदे में इसे कानूनी रूप से बाध्यकारी बनाने का प्रस्ताव था, लेकिन अंतिम योजना में इसे हटा लिया गया ।
आयोग के अनुसार, इस लक्ष्य को प्राप्त करने से 2040 तक गैस आयात में 70% से अधिक और कच्चे तेल के आयात में 40% से अधिक की कमी आएगी, जिससे EU को जीवाश्म ईंधन आयात बिल पर प्रति वर्ष €260 बिलियन (लगभग ₹23 लाख करोड़) तक की बचत होगी । यह योजना विद्युतीकरण को केवल एक जलवायु उपाय के रूप में नहीं, बल्कि एक आर्थिक प्रतिस्पर्धात्मकता और ऊर्जा सुरक्षा अनिवार्यता के रूप में भी प्रस्तुत करती है, विशेष रूप से 2026 के मध्य पूर्व संकट और अस्थिर जीवाश्म ईंधन बाजारों के मद्देनजर ।
बिजली और जीवाश्म ईंधन के बीच मूल्य अंतर को कम करना
एक केंद्रीय चुनौती यह है कि EU में, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली की कीमत गैस की तुलना में लगभग 2.5 गुना अधिक है । इस अंतर को कम करने के लिए योजना में कई उपाय पेश किए गए हैं:
कम नेटवर्क शुल्क: बिजली के बिलों को फिर से डिजाइन किया जाएगा ताकि नेटवर्क शुल्क उपभोक्ताओं के प्रति किलोवाट-घंटा (kWh) की लागत से हटाकर लचीले ग्रिड उपयोग को प्रोत्साहित किया जा सके ।
कर कटौती और VAT में कमी: सदस्य देशों को ऊर्जा कर निर्देश और VAT निर्देश के तहत अनुमति न्यूनतम स्तर तक बिजली पर उत्पाद शुल्क और VAT कम करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। विशेष रूप से घरेलू बैटरी, इलेक्ट्रिक वाहनों और हीट पंप पर VAT में कमी को बढ़ावा दिया जाएगा ।
बिजली-से-गैस मूल्य बेंचमार्क: योजना में एक लक्ष्य रखा गया है कि 2030 तक, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली की कीमत गैस की कीमत से 2.5 गुना से कम और उद्योग के लिए 2 गुना से कम रहनी चाहिए ।
स्मार्ट मीटर का अनिवार्य उपयोग: एक बाध्यकारी लक्ष्य के तहत, 2030 तक कम से कम 50% उपभोक्ताओं और 2033 तक कम से कम 75% उपभोक्ताओं के पास स्मार्ट मीटर होना अनिवार्य होगा ।
क्लीन हीट मार्केट मैकेनिज्म: यह तंत्र इलेक्ट्रिक हीट पंपों की तैनाती में तेजी लाने और जीवाश्म ईंधन आधारित हीटिंग को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसके तहत, 2025 में 2.4 मिलियन से बढ़ाकर 2030 तक प्रति वर्ष 4 मिलियन हीट पंप स्थापित करने का लक्ष्य है ।
ETS सुधार: धीमी उत्सर्जन कटौती, लंबे समय तक मुफ्त परमिट
ETS संशोधन (COM(2026) 600) को उसी दिन प्रकाशित किया गया और यह यूरोप के कार्बन बाजार का एक महत्वपूर्ण पुनर्डिज़ाइन है :
रैखिक कटौती कारक (LRF): उत्सर्जन सीमा में वार्षिक गिरावट की दर को काफी धीमा कर दिया गया है। यह 2027-2028 के लिए 4.3% और 2029-2030 के लिए 4.4% पर बना रहेगा, फिर 2031-2035 के लिए 3.7% और 2036-2040 के लिए 1.7% हो जाएगा । पर्यावरण समूहों का कहना है कि इससे सैकड़ों मिलियन टन अतिरिक्त CO₂ उत्सर्जित हो सकता है ।
मुफ्त उत्सर्जन परमिट: CBAM-उजागर क्षेत्रों के लिए मुफ्त परमिट का वितरण बढ़ा दिया गया है, जो अब 2038 तक जारी रहेगा । 2031 से, मुफ्त आवंटन डीकार्बोनाइजेशन योजनाओं और निवेश पर सशर्त होगा ।
CBAM चरण-आउट: अब इसे 2038 तक के लिए स्थगित कर दिया गया है, जिसका अर्थ है कि CBAM क्षेत्रों को केवल उसी समय मुफ्त परमिट मिलना बंद होगा ।
औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन बैंक (IDB): औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन परियोजनाओं के लिए €100 बिलियन का फंड प्रदान करने के लिए एक नया साधन बनाया जाएगा, जो ETS राजस्व का एक बड़ा हिस्सा कवर किए गए क्षेत्रों को लौटाएगा । एक ETS 'निवेश प्रोत्साहन' के तहत 2027 से 400 मिलियन EUA आवंटित किए जाएंगे ।
ETS सुधार में कार्बन हटाने और अंतर्राष्ट्रीय क्रेडिट तक नियंत्रित पहुंच (2036 से आवश्यक कटौती का 2% तक) भी शामिल है, और यह सीमा को EU के 2040 तक -90% शुद्ध उत्सर्जन कटौती लक्ष्य के साथ संरेखित करता है ।
आगे की राह और आलोचना
विद्युतीकरण कार्य योजना और ETS विधायी प्रस्ताव अब आगे की बातचीत और अनुमोदन के लिए यूरोपीय संसद और परिषद में जाएंगे । आयोग 2026 की चौथी तिमाही में 46% लक्ष्य को बाध्यकारी बनाने पर एक प्रभाव आकलन करेगा ।
कई पर्यावरण समूहों ने इस पैकेज की आलोचना की है। यूरोपीय पर्यावरण ब्यूरो (EEB) ने कहा कि आयोग 'औद्योगिक पिछड़ेपन के आगे झुक गया', और कमजोर LRF और विस्तारित मुफ्त परमिटों को प्रमुख चिंता के रूप में उजागर किया । 350.org ने महत्वाकांक्षा का स्वागत किया, लेकिन चेतावनी दी कि 'अधिक महत्वाकांक्षा, कूटनीति और वित्त के बिना यह योजना अधूरी है' । रॉयटर्स ने बताया कि आलोचकों का तर्क है कि उच्च बिजली की कीमतें लक्ष्यों को प्राप्त करने में बाधा बन सकती हैं । हेनरिक बोल फाउंडेशन ने कहा कि लक्ष्य 'प्रौद्योगिकी-तटस्थ' है और यह जीवाश्म ईंधन और परमाणु ऊर्जा के निरंतर उपयोग को बढ़ावा दे सकता है ।
महत्वपूर्ण तथ्यात्मक सुधार
स्मार्ट मीटर का लक्ष्य 2033 तक 75% है, न कि 65%, जैसा कि कुछ प्रारंभिक मसौदा दस्तावेजों में बताया गया था। आधिकारिक विधायी प्रस्ताव COM(2026) 600 में 2033 का लक्ष्य 75% निर्धारित किया गया है ।
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