एनी के सीईओ क्लाउडियो देस्काल्ज़ी ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य की लंबी नाकाबंदी को 40 सालों की सबसे बड़ी ऊर्जा घटना बताया है; उन्होंने चेतावनी दी है कि OECD देशों के 400 मिलियन बैरल भंडार खत्म होने के बाद स्थिति और बिगड़ सक... असली समस्या कच्चा तेल नहीं, बल्कि डीज़ल, जेट फ्यूल और प्राकृतिक गैस है; देस्काल्ज़ी ने यूरोपीय स...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: Search & fact-check with cited sources for How is the Strait of Hormuz blockade reshaping the global energy outlook, according to Eni CEO Cl. Article summary: Eni CEO Claudio Descalzi has described the prolonged Strait of Hormuz blockade as the most transformative energy disruption in decades, warning that the global energy crisis could worsen in the short term and calling for. Topic tags: general, news, general web, user generated, education. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermark
एनी (Eni) के सीईओ क्लाउडियो देस्काल्ज़ी ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की लंबी नाकाबंदी को दशकों की सबसे बड़ी ऊर्जा घटना करार दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि वैश्विक ऊर्जा संकट निकट भविष्य में और गहरा सकता है और आपूर्ति मार्गों तथा यूरोपीय नीतियों में बुनियादी बदलाव की जरूरत है ।
इटली की संसदीय समिति के समक्ष बोलते हुए, देस्काल्ज़ी ने कहा कि होर्मुज़ की नाकाबंदी ने रूस और मध्य पूर्व पर आधारित वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति ढांचे को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है । उन्होंने इसे "40 सालों की सबसे महत्वपूर्ण घटना" बताया, जो महामारी और रूस-यूक्रेन युद्ध के झटकों के बाद घटित हुई है और जिसने दुनिया भर में "चीजों के क्रम को बदल दिया है"
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देस्काल्ज़ी के 16 जुलाई के बयान का एक अहम हिस्सा यह है कि असली समस्या की भयावहता अभी कच्चे तेल की कीमतों में नहीं दिख रही है । OECD देशों ने अपने रणनीतिक पेट्रोलियम भंडारों (strategic petroleum reserves) में से लगभग 400 मिलियन बैरल निकालकर बाजार में डाल दिए हैं, जिसने ब्रेंट क्रूड को $90 से $100 प्रति बैरल के दायरे में रखा है
। देस्काल्ज़ी ने कहा कि कीमत ने अभी तक इसे "एक बड़ी समस्या के रूप में प्रमाणित नहीं किया है", क्योंकि ये आपातकालीन निकासी ही सुरक्षा वाल्व (safety valve) का काम कर रही हैं
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इल सोले 24 ओरे (Il Sole 24 Ore) को 11 जुलाई को दिए एक साक्षात्कार में, देस्काल्ज़ी ने चेतावनी दी कि "अल्पावधि में, यह संभव है" कि ऊर्जा संकट और बिगड़ जाए क्योंकि तेल का भंडार घट रहा है और आपूर्ति के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है । उन्होंने यह भी कहा कि सर्दियों से पहले भंडारण को फिर से भरने के लिए यूरोपीय देशों को लगभग 35 बिलियन क्यूबिक मीटर गैस सुरक्षित करने की आवश्यकता होगी
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देस्काल्ज़ी ने एक महत्वपूर्ण अंतर बताया जिसे कई बाजार विशेषज्ञों ने नजरअंदाज कर दिया है :
उन्होंने कहा कि लगभग 8-9 मिलियन बैरल कच्चा तेल अभी भी आवाजाही कर रहा है, लेकिन रिफाइंड उत्पादों का अंतर भरना कहीं अधिक मुश्किल है ।
OECD के 400 मिलियन बैरल भंडार ने अब तक कच्चे तेल की कीमतों पर नियंत्रण रखा है, लेकिन यह बफर सीमित है। ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूशन (Brookings Institution) ने पहले बताया था कि IEA के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल (Fatih Birol) के अनुसार, यह समन्वित निकासी बाजार में प्रतिदिन लगभग 2.5 से 3 मिलियन बैरल डाल रही थी, लेकिन यह जुलाई या अगस्त तक खत्म हो सकती है । एक बार भंडार समाप्त हो जाने पर, कीमतों की सीमाएं तोड़ने की संभावना है
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30 जून को प्रकाशित एक रॉयटर्स पोल में पाया गया कि विश्लेषकों ने पहली बार 2026 के तेल मूल्य पूर्वानुमानों में कटौती की है, क्योंकि होर्मुज़ जलडमरूमध्य के आंशिक रूप से खुलने से आपूर्ति संबंधी चिंताएं कम हुई हैं । 31 अर्थशास्त्रियों और विश्लेषकों के सर्वेक्षण में अनुमान लगाया गया कि 2026 में ब्रेंट क्रूड औसतन $84.50 प्रति बैरल रहेगा, जो पिछले महीने के $90.44 के अनुमान से कम है
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हालांकि, यह आशावाद अल्पकालिक हो सकता है। IEA ने 10 जुलाई को चेतावनी दी कि अमेरिका-ईरान के नए संघर्ष से तेल बाजार में अधिशेष के दृष्टिकोण को पलटकर घाटे में बदला जा सकता है । जून में ईरान के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) के बाद तेल की कीमतों में गिरावट आई थी, जिसमें उत्तरी सागर की कीमतें (North Sea Dated prices) जून में $31 प्रति बैरल गिरकर जुलाई की शुरुआत में $68 पर आ गई थीं, जो जनवरी के बाद सबसे कम और युद्ध-पूर्व स्तर से $2 कम थीं — लेकिन तनाव बढ़ने से यह राहत खतरे में पड़ गई है
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IEA ने संकट के शुरुआती दौर में अनुमान लगाया था कि प्रभावित देशों का तेल उत्पादन 14 मिलियन बैरल प्रति दिन से अधिक घट गया है, इसे "वैश्विक तेल बाजार के इतिहास में सबसे बड़ी आपूर्ति व्यवधान" बताया था । ब्रुकिंग्स के विश्लेषकों ने निष्कर्ष निकाला कि यदि जलडमरूमध्य बंद रहा तो कीमतें और बढ़ेंगी, और किसी भी पुन: खुलने के बाद बाजार को सामान्य होने में महीनों लगेंगे
। विश्व बैंक (World Bank) ने कहा कि मध्य पूर्व के उत्पादन में कमी के कारण 2026 की दूसरी तिमाही (Q2) में तेल बाजार में 3.7 मिलियन बैरल प्रति दिन का घाटा रहने का अनुमान है
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संकट की शुरुआत में, ब्रेंट क्रूड अपने चरम पर $126 प्रति बैरल से अधिक पहुंच गया था, और मार्च 2026 में तेल की कीमतों में अब तक की सबसे बड़ी मासिक वृद्धि दर्ज की गई थी ।
देस्काल्ज़ी ने यूरोपीय संघ (EU) से रूसी गैस आयात पर प्रस्तावित प्रतिबंध पर पुनर्विचार करने का आह्वान किया है, उनका तर्क है कि होर्मुज़ व्यवधान ब्लॉक को आपूर्तिकर्ताओं के एक सीमित समूह पर बहुत अधिक निर्भर बना रहा है । अप्रैल 2026 से रूस के साथ अल्पकालिक एलएनजी (LNG) आयात समझौतों पर प्रतिबंध लगने वाला है, और 1 जनवरी 2027 से दीर्घकालिक अनुबंधों पर पूर्ण प्रतिबंध लग जाएगा
। देस्काल्ज़ी ने इस बात पर अनिश्चितता व्यक्त की कि यूरोपीय संघ वर्तमान में रूस से प्राप्त लगभग 20 बिलियन क्यूबिक मीटर एलएनजी का विकल्प कैसे खोजेगा
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देस्काल्ज़ी के अनुसार, रूसी और मध्य पूर्वी प्रवाह पर आधारित पुरानी संरचना समाप्त हो चुकी है, जिसका अर्थ है कि यूरोप को अपने ऊर्जा आयात मार्गों के एक स्थायी पुनर्गठन का सामना करना पड़ेगा । उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मध्य पूर्व में शांति स्थापित होने के बाद भी, इस क्षेत्र से जुड़ा जोखिम पहले से अधिक होगा
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नाकाबंदी से यूरोप डीज़ल और गैस की कमी के प्रति संवेदनशील है, क्योंकि अमेरिका और अन्य स्थानों से वैकल्पिक आपूर्ति महाद्वीप तक पहुंचने में अधिक समय लेती है । देस्काल्ज़ी ने चेतावनी दी कि सर्दियों से पहले भंडारण को फिर से भरने के लिए यूरोप अमेरिकी तरलीकृत प्राकृतिक गैस (US LNG) पर भारी निर्भर रहेगा
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होर्मुज़ जलडमरूमध्य में शिपिंग के लंबे समय से चल रहे व्यवधान की प्रतिक्रिया में तेल और गैस उद्योग दक्षिण पूर्व एशिया और लैटिन अमेरिका की ओर निवेश में विविधता ला रहा है । 16 जुलाई की संसदीय सुनवाई में बोलते हुए, देस्काल्ज़ी ने कहा कि बड़े उत्पादकों — जिनमें रूस और खाड़ी देश शामिल हैं — को दीर्घकालिक आपूर्ति बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है, और उन्होंने उत्तरी और उप-सहारा अफ्रीका के महत्व को भी रेखांकित किया
। यह बदलाव होर्मुज़ संकट खत्म होने के बाद भी जारी रहेगा
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ब्लूमबर्ग (Bloomberg) ने बताया है कि दुनिया भर में विकास पूर्वानुमानों में कटौती की जा रही है और एशिया (थाईलैंड, पाकिस्तान) में कमी उभर रही है क्योंकि यह झटका पश्चिम की ओर बढ़ रहा है । यदि जलडमरूमध्य बंद रहता है, तो दुनिया को तेल और गैस की खपत में उल्लेखनीय कमी करनी होगी — लेकिन केवल तब जब कीमतें इतनी बढ़ जाएं कि वे उपभोक्ताओं और व्यवसायों को कम उड़ान भरने, कम गाड़ी चलाने और कम खर्च करने के लिए मजबूर कर दें
। ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स (Bloomberg Economics) ने अनुमान लगाया कि लगभग $110 प्रति बैरल तेल पर वैश्विक मंदी शुरू हो जाएगी
। अमेरिकी सरकार के अधिकारियों और वॉल स्ट्रीट विश्लेषकों ने तेल की कीमतों के अभूतपूर्व $200 प्रति बैरल तक पहुंचने की संभावना पर विचार करना शुरू कर दिया है
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देस्काल्ज़ी का विश्लेषण एक ऐसी दुनिया की ओर इशारा करता है जो मौलिक रूप से बदल गई है। रणनीतिक भंडार के सुरक्षा वाल्व कम हो रहे हैं। कच्चे तेल की कीमत, जो जून में हुए समझौते के बाद $68 तक गिरकर अब लगभग $85 पर मंडरा रही है, अभी तक व्यवधान की गंभीरता को नहीं दर्शाती है । असली दर्द — डीज़ल, जेट फ्यूल और प्राकृतिक गैस में — बढ़ रहा है, खासकर यूरोप के लिए। और उद्योग की प्रतिक्रिया एक अस्थायी कदम नहीं बल्कि मध्य पूर्व से दूर वैश्विक ऊर्जा निवेश का एक स्थायी पुनर्निर्देशन है
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एनी के सीईओ क्लाउडियो देस्काल्ज़ी ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य की लंबी नाकाबंदी को 40 सालों की सबसे बड़ी ऊर्जा घटना बताया है; उन्होंने चेतावनी दी है कि OECD देशों के 400 मिलियन बैरल भंडार खत्म होने के बाद स्थिति और बिगड़ सक...
एनी के सीईओ क्लाउडियो देस्काल्ज़ी ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य की लंबी नाकाबंदी को 40 सालों की सबसे बड़ी ऊर्जा घटना बताया है; उन्होंने चेतावनी दी है कि OECD देशों के 400 मिलियन बैरल भंडार खत्म होने के बाद स्थिति और बिगड़ सक... असली समस्या कच्चा तेल नहीं, बल्कि डीज़ल, जेट फ्यूल और प्राकृतिक गैस है; देस्काल्ज़ी ने यूरोपीय संघ से रूसी गैस आयात पर प्रतिबंध की योजना पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है क्योंकि पुरानी आपूर्ति व्यवस्था 'पूरी तरह से...
तेल और गैस उद्योग मध्य पूर्व से दूर दक्षिण पूर्व एशिया और लैटिन अमेरिका की ओर स्थायी रूप से निवेश स्थानांतरित कर रहा है, यह बदलाव होर्मुज़ संकट के बाद भी जारी रहेगा; वहीं IEA ने चेतावनी दी है कि अमेरिका ईरान संघर्ष फि...