ECB ने यूरो में स्टेबलकॉइन जारी करने के प्रस्तावों को भी खारिज कर दिया है। मई 2026 में ECB ने यूरोपीय संघ के वित्त मंत्रियों को चेतावनी दी थी कि इस तरह की योजनाएं बैंकों की ऋण देने की क्षमता को बाधित कर सकती हैं और दर प्रबंधन को जटिल बना सकती हैं ।
डिजिटल यूरो एक केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC) है — यह एक इलेक्ट्रॉनिक वॉलेट है जिसकी गारंटी ECB देता है, लेकिन इसे बैंकों और फिनटेक कंपनियों द्वारा वितरित किया जाएगा। यह यूरो के नकद नोटों और सिक्कों के साथ-साथ ऑनलाइन और व्यक्तिगत दोनों तरह के भुगतानों के लिए डिज़ाइन किया गया है ।
| मील का पत्थर (Milestone) | तारीख |
|---|---|
| यूरोपीय आयोग का प्रस्ताव | 28 जून 2023 |
| जांच चरण (Investigation Phase) | अक्टूबर 2021 – अक्टूबर 2023 |
| तैयारी चरण (Preparation Phase) | नवंबर 2023 – अक्टूबर 2025 |
| वर्तमान तैयारी चरण | नवंबर 2025 से जारी |
| संसदीय समिति की मंजूरी | जून 2026 (अहम बाधा पार) |
| विनियमन (Regulation) को अपनाने की उम्मीद | वर्ष 2026 के दौरान |
| 12 महीने का पायलट अभ्यास | 2027 की दूसरी छमाही |
| संभावित पहला जारी होना (First Issuance) | 2029 |
ECB की गवर्निंग काउंसिल कानून पूरी तरह पारित होने के बाद ही डिजिटल यूरो जारी करने का अंतिम निर्णय लेगी ।
डिजिटल यूरो पायलट एक सीमित व्यावहारिक अभ्यास है जो यूरोसिस्टम को नियंत्रित वातावरण में तकनीकी, परिचालन और उपयोगकर्ता तैयारी का परीक्षण करने में मदद करेगा ।
डिजिटल यूरो में कई अंतर्निहित सुरक्षा उपाय हैं जो सुनिश्चित करते हैं कि यह वाणिज्यिक बैंकों की जमा राशि के साथ प्रतिस्पर्धा न करे या उसे अस्थिर न करे: