अमेरिका और ईरान के बीच जून 2026 में हुआ नाजुक युद्धविराम जुलाई में तेजी से बिगड़ती स्थिति के चलते ध्वस्त हो गया। इस संघर्ष में पहली बार ईरान की सीधी गोलीबारी से अमेरिकी सैनिकों की जान गई, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से शिपिंग लगभग ठप हो गई, और अमेरिका ने दुनिया भर के लिए यात्रा चेतावनी जारी कर दी। आइए, प्रमुख घटनाओं और उनके परिणामों को विस्तार से समझते हैं।
अमेरिकी सैनिकों की बढ़ती मौत का आंकड़ा
19 जुलाई 2026 तक, 28 फरवरी से शुरू हुए युद्ध में अमेरिकी सेना के मृत सैनिकों की संख्या कम से कम 16–17 थी, और एक संभावित 18वीं मौत की जांच चल रही थी।
- 17 जुलाई 2026 को ईरान ने जॉर्डन में एक अमेरिकी बेस पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों से हमला बोला। इस हमले में दो अमेरिकी सैनिक शहीद हो गए, एक लापता बताया गया, और चार अन्य घायल हुए (जिन्हें बाद में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई)
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। यह युद्ध के शुरुआती दिनों के बाद पहली बार था जब ईरान की सीधी गोलीबारी से अमेरिकी सैनिक मारे गए
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- 19 जुलाई को अमेरिकी सेना ने जवाबी कार्रवाई में तेज हवाई हमलों के दौरान एक और सैनिक की मौत की सूचना दी
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- अलग से, इराक में एक ईरानी ड्रोन को नष्ट करने के अभियान के दौरान एक अमेरिकी सैनिक की मौत हो गई
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समाचार एजेंसियों के अनुसार, 19 जुलाई तक कुल मृतकों की संख्या 16
या 17 ![]()
थी। द गार्जियन ने इसी तारीख को 'एक और सैनिक के मारे जाने' की सूचना दी, जिससे यह संख्या 17 या 18 हो सकती है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है
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पेंटागन के मार्च 2026 के आंकड़ों के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से लगभग 140 अमेरिकी सैनिक घायल हो चुके हैं
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जॉर्डन और इराक पर ड्रोन और मिसाइल हमले
17 जुलाई को जॉर्डन पर हुआ हमला ईरानी हमलों की श्रृंखला में सबसे गंभीर था।
- ईरान के 17 जुलाई के हमले में जॉर्डन में अमेरिकी बेस को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे गए
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। जॉर्डन की वायु रक्षा प्रणाली ने काफी संख्या में प्रोजेक्टाइल को रोका; अकेले उस दिन जॉर्डन ने तीन ईरानी मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया
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- 19 जुलाई को ईरान ने फिर से जॉर्डन पर मिसाइलें दागीं, जिससे इज़राइल तक संघर्ष फैलने की आशंका बढ़ गई
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- युद्ध की शुरुआत (28 फरवरी 2026) में ही ईरान ने जॉर्डन, बहरीन, कतर और कुवैत सहित पूरे मध्य पूर्व में अमेरिकी और सहयोगी सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमला किया था
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अमेरिकी हवाई हमलों का जवाब
ट्रंप प्रशासन ने कई चरणों में सैन्य दबाव बढ़ाया:
- 7 जुलाई को, ईरान द्वारा तीन वाणिज्यिक जहाजों पर हमला करने के बाद, अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमला किया
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- 9–10 जुलाई को अमेरिका ने दो रातों में ईरान के 170 ठिकानों को निशाना बनाया। तेहरान ने जवाबी कार्रवाई में बहरीन, कतर, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया
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। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इन अमेरिकी हमलों में 14 लोगों के मारे जाने और 78 के घायल होने की सूचना दी
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- 17 जुलाई को जॉर्डन हमले के बाद, अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई में ईरान पर हवाई हमले तेज कर दिए
। राष्ट्रपति ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से युद्धविराम को 'खत्म' घोषित कर दिया ।
होर्मुज जलडमरूमध्य और वैश्विक शिपिंग पर प्रभाव
युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है, जो तेल, गैस और अन्य वस्तुओं के निर्यात के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है ![]()
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- जून 2026 के युद्धविराम ने शिपिंग को कुछ समय के लिए बहाल कर दिया था, लेकिन कार्गो जहाजों पर ईरानी हमलों (सिंगापुर के झंडे वाले जहाज पर ड्रोन हमला) और अमेरिकी जवाबी हमलों के बाद यातायात फिर से लगभग ठप हो गया
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- 10 जुलाई तक, अमेरिकी समन्वित मार्ग से कोई भी बड़ा जहाज अपनी लोकेशन प्रसारित करके होर्मुज पार नहीं कर रहा था। एक दिन में केवल 22 जहाज ही गुज़रे — जो तीन सप्ताह में सबसे कम था
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। युद्ध से पहले रोज़ाना 130 से अधिक जहाज आते-जाते थे
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इस व्यवधान को ऊर्जा इतिहास का सबसे बड़ा आपूर्ति व्यवधान कहा गया है, जिसके वैश्विक तेल बाजारों पर गंभीर परिणाम हुए हैं
। लगभग 6,000 नाविक सैकड़ों जहाजों पर फंसे हुए हैं
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कूटनीतिक परिणाम और यात्रा चेतावनी
- अमेरिकी विदेश विभाग ने 18 जुलाई 2026 को दुनिया भर के लिए यात्रा चेतावनी जारी की, जिसमें 'अप्रत्याशित वृद्धि की संभावना' का हवाला दिया गया। इसमें खासतौर पर मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकियों को सतर्क रहने और उड़ान रद्द होने व हवाई क्षेत्र बंद होने की चेतावनी दी गई
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- बढ़ती हुई गोलीबारी के जवाब में ईरान ने वाशिंगटन के साथ अंतरिम समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को निलंबित कर दिया
। यह अंतरिम समझौता, जो होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और संघर्ष को कम करने के लिए किया गया था, दोनों पक्षों द्वारा बड़े पैमाने पर हमले फिर से शुरू करने के बाद पूरी तरह से ध्वस्त हो गया ![]()
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- राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ युद्धविराम 'खत्म' हो चुका है
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