काला सागर में शैडो फ्लीट जहाज: उसी रात, यूक्रेन के मानवरहित सिस्टम बलों (USF) ने चल रहे 'मोलोचका' समुद्री अभियान के तहत काला सागर में रूस के शैडो फ्लीट के चार जहाजों को नष्ट किया। साथ ही कब्जे वाले क्रीमिया में 13 बिजली सबस्टेशनों पर भी हमला किया गया। USF कमांडर रॉबर्ट ब्रोवडी (कॉल साइन 'मग्यार') ने बताया कि ये चार जहाज उस रात के लक्ष्यों में से थे।
कुल समुद्री लक्ष्यों की संख्या: 18 जुलाई तक, यूक्रेन का 'ऑपरेशन मोलोचका' (जो 6 जुलाई को शुरू हुआ था) काला सागर और आज़ोव सागर में मिलाकर कुल 172 रूसी शैडो फ्लीट जहाजों को नष्ट कर चुका था (आज़ोव सागर में 118, काला सागर में 54)। इससे पहले, 17 जुलाई को USF ने 12 जहाजों को निशाना बनाया था, जिनमें नौ बल्क कैरियर, एक टैंकर, एक गैस टैंकर और एक टगबोट शामिल थे।
18-19 जुलाई के हमले एक बहुत बड़े, बहु-क्षेत्रीय अवरोध अभियान का हिस्सा हैं। नीचे स्रोत-दर-स्रोत सत्यापन दिया गया है:
| मीट्रिक | स्रोत और सत्यापन |
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| रूस की 42.74% तेल रिफाइनिंग क्षमता ठप | पुष्टि। यूक्रेन के जनरल स्टाफ ने 4 जुलाई 2026 को यह आंकड़ा घोषित किया, जिसमें बताया गया कि पिछले महीने आठ रिफाइनरियों पर हमला हुआ और 60 से अधिक भंडारण टैंक नष्ट या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुए। अल जज़ीरा और यूरोमैडन प्रेस ने स्वतंत्र रूप से इस जनरल स्टाफ के बयान की सूचना दी। ब्लूमबर्ग ने अलग से बताया कि यूक्रेन ने संभवतः रूस की रिफाइनिंग क्षमता के एक महत्वपूर्ण हिस्से को निशाना बनाया है, जिससे रूसी रिफाइनिंग 2005 के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। |
| संचयी रिफाइनिंग घाटा $13.5 बिलियन | पुष्टि, 4 जुलाई 2026 के यूक्रेनी जनरल स्टाफ के दावे के रूप में। जनरल स्टाफ ने अगस्त 2025 से संचयी उद्योग क्षति का अनुमान $13.5 बिलियन लगाया। यह यूक्रेन का अपना अनुमान है और इसे वैसे ही समझा जाना चाहिए। |
| अगस्त 2025 से 60 से अधिक ईंधन भंडारण टैंक नष्ट | पुष्टि। जनरल स्टाफ ने कहा कि 4 जुलाई तक "60 से अधिक भंडारण टैंक" नष्ट या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए थे। |
| 13 दिनों में 172 शैडो फ्लीट जहाज नष्ट | पुष्टि। 'ऑपरेशन मोलोचका' (6-18 जुलाई) पर विकिपीडिया का लेख 172 जहाजों के नष्ट होने का दस्तावेजीकरण करता है: आज़ोव सागर में 118 और काला सागर में 54। यूनाइटेड24 मीडिया ने एसबीएस कमांडर के हवाले से 172 के आंकड़े की स्वतंत्र रूप से पुष्टि की। अवधि की अंतिम रात (18-19 जुलाई) में काला सागर में चार और जहाज जोड़े गए। |
| '90% से अधिक रूसी क्षेत्रों ने ईंधन राशनिंग शुरू की' | पर्याप्त प्रत्यक्ष स्रोत नहीं मिला। खोज में '90%+' आंकड़े या क्षेत्रों की सूची की पुष्टि करने वाली कोई आधिकारिक रिपोर्ट नहीं मिली। इस विशिष्ट दावे को उपलब्ध खोज परिणामों से स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया जा सका। व्यापक ईंधन संकट अच्छी तरह से प्रलेखित है — रॉयटर्स, बीबीसी और द गार्जियन ने बताया कि यूक्रेन के रिफाइनरियों और टैंकरों पर हमलों ने गंभीर ईंधन की कमी पैदा कर दी, रूस को आज़ोव सागर में शिपिंग निलंबित करने के लिए मजबूर कर दिया, और सेना को आपूर्ति बाधित कर दी। हालांकि, खोज परिणामों में किसी भी स्रोत ने राशनिंग लागू करने वाले क्षेत्रों के एक विशिष्ट प्रतिशत की पुष्टि नहीं की। |
18-19 जुलाई के हमले यूक्रेन के दो मुख्य ऊर्जा युद्ध अक्षों का अभिसरण हैं:
भूमि-आधारित गहरे हमले (रिफाइनिंग और भंडारण पर) — मिखाइलोव्स्क डिपो (स्टावरोपोल) पर तीसरा हमला उसी ठिकानों पर बार-बार, विनाशकारी हमलों का एक सुनियोजित पैटर्न है, जिससे मरम्मत रुक जाती है और अग्निशमन क्षमता समाप्त हो जाती है। यह उस व्यापक अभियान को दर्शाता है जिसने रूस की 42.74% रिफाइनिंग क्षमता को ठप कर दिया है, 60+ भंडारण टैंक नष्ट कर दिए हैं, और $13.5 बिलियन का नुकसान पहुंचाया है।
शैडो फ्लीट की समुद्री नाकेबंदी (ऑपरेशन मोलोचका) — 18-19 जुलाई को काला सागर में नष्ट किए गए चार जहाज 13 दिनों के उस ब्लिट्ज का नवीनतम हिस्सा हैं जिसने 172 जहाजों को ध्वस्त कर दिया। यह अभियान, जिसने रूस को 12 जुलाई तक आज़ोव सागर में शिपिंग पूरी तरह से निलंबित करने पर मजबूर कर दिया, कब्जे वाले क्रीमिया में रूसी सेना को ईंधन की आपूर्ति की लाइनों को काटने और प्रतिबंधों से बचने वाले निर्यात मार्गों को पंगु बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
संचयी प्रभाव यह है कि यूक्रेन एक साथ रूसी तेल के उत्पादन, भंडारण और समुद्री परिवहन पर हमला कर रहा है, जिससे एक जटिल ईंधन संकट पैदा हो रहा है, जिसने कई रिपोर्टों के अनुसार, रूसी घरेलू रिफाइनिंग को 2005 के बाद से सबसे निचले स्तर पर पहुंचा दिया है।
निष्कर्ष: 18-19 जुलाई 2026 के हमलों ने मिखाइलोव्स्क (स्टावरोपोल) में तीन तेल डिपो और काला सागर में शैडो फ्लीट के चार जहाजों को सफलतापूर्वक नष्ट किया। ये हमले सीधे यूक्रेन के व्यापक अभियान से जुड़े हैं, जिसके तहत रूस की 42.74% रिफाइनिंग क्षमता ठप, 60+ भंडारण टैंक नष्ट, 13 दिनों में 172 शैडो फ्लीट जहाज बर्बाद, और अनुमानित $13.5 बिलियन का नुकसान हुआ है। यह दावा कि "90% से अधिक रूसी क्षेत्रों में ईंधन राशनिंग लागू की गई", उपलब्ध स्रोतों से स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी और इसे मान्य करने के लिए एक विशिष्ट उद्धरण की आवश्यकता है।