खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान ईरान ने हिजबुल्लाह, हमास और हूती समेत 'प्रतिरोध की धुरी' के साथ एकजुटता दोहराई, लेकिन किसी विशिष्ट सैन्य निर्देश का कोई प्रमाण नहीं मिला। 10 11 जुलाई तक अंतरिम युद्धविराम समझौता ध्वस्त हो गया। इसके बाद अमेरिका ने 14 जुलाई को ईरान की सभी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी फिर से लागू कर द...
जुलाई 2026 में अमेरिका-ईरान संघर्ष तेजी से बढ़ गया। अंतरिम युद्धविराम ध्वस्त हो गया, अमेरिका ने नौसैनिक नाकाबंदी लागू की, और ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों पर मिसाइलों और ड्रोनों की बौछार कर दी। यह रिपोर्ट प्रमुख दावों और घटनाओं का स्रोत-आधारित आकलन प्रस्तुत करती है, जिसमें पुष्ट तथ्यों और निराधार दावों के बीच स्पष्ट अंतर किया गया है।
4-6 जुलाई, 2026 के दौरान, ईरान ने मारे गए सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के लिए अंतिम संस्कार के कार्यक्रम आयोजित किए। 5 जुलाई को, मोहम्मद फनीश के नेतृत्व में एक हिजबुल्लाह प्रतिनिधिमंडल ने तेहरान में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची से मुलाकात की । इसके समानांतर, हमास, फिलिस्तीन की पॉपुलर फ्रंट फॉर लिबरेशन और हूतियों के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठकें हुईं, जिनमें ईरान के नेतृत्व वाले 'प्रतिरोध की धुरी' (एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस) की एकजुटता की पुष्टि की गई
। ईरानी अधिकारियों द्वारा दिया गया व्यापक संदेश इस्लामिक गणराज्य की निरंतरता और खामेनेई की हत्या का बदला लेने का था
। न्यूयॉर्क टाइम्स ने नोट किया कि खामेनेई ने मुख्य रूप से इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के माध्यम से विदेशी उग्रवादी समूहों का समर्थन करना अपनी सत्ता का एक मूलभूत पहलू बना लिया था
।
साक्ष्य की सीमा: कोई भी एक स्रोत स्पष्ट रूप से यह नहीं बताता कि अंतिम संस्कार की बैठकों से कोई विशिष्ट परिचालन निर्देश जारी किया गया था। उपलब्ध रिपोर्टिंग संबंधों की सामान्य पुष्टि और बदले की मुद्रा का वर्णन करती है, न कि किसी विशिष्ट आदेश का।
जून 2026 के अंत तक, अमेरिका और ईरान पहले से ही बढ़ती गोलीबारी में उलझे हुए थे, जो मौजूदा युद्धविराम की नाजुकता को रेखांकित करता है । 10 जुलाई को, अमेरिका ने नए हवाई हमले किए, और ईरान ने जवाब में अमेरिकी-समर्थित खाड़ी देशों को निशाना बनाया
। कई स्रोत पुष्टि करते हैं कि 10-11 जुलाई के आसपास बढ़ते हमलों के बीच एक अंतरिम समझौता ध्वस्त हो गया। किसी विशिष्ट '8 जुलाई युद्धविराम' तिथि का कोई सबूत नहीं है।
वार्ता के विफल होने और शिपिंग पर लगातार हमलों के जवाब में, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 14 जुलाई को सभी ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी फिर से लागू कर दी । अमेरिका ने 18 जुलाई तक ईरानी ठिकानों पर लगातार सातवीं रात हमले किए
। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरानी तटीय सुरक्षा और मिसाइल साइटों पर हमला किया, और पहली बार तेहरान के पास भी ठिकानों को निशाना बनाया
। अमेरिका ने एक ऐसे जहाज पर भी गोलीबारी की जिस पर नाकाबंदी तोड़ने का आरोप था
।
ईरान ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों के खिलाफ जवाबी मिसाइल और ड्रोन हमलों की कई लहरें चलाईं। महत्वपूर्ण तिथियां इस प्रकार हैं:
कुछ खोज स्निपेट्स में कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों के खिलाफ ईरान द्वारा क्लस्टर बमों के इस्तेमाल का उल्लेख है । हालांकि, उच्च-विश्वसनीयता वाले समाचार स्रोत (NPR, Reuters, NYT, AP) खाड़ी ठिकानों पर वर्तमान रिपोर्टिंग में क्लस्टर बमों के उपयोग की पुष्टि नहीं करते हैं। शीर्ष-स्तरीय स्रोतों से इस विशिष्ट दावे का स्वतंत्र रूप से सत्यापन करने के लिए पर्याप्त प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं हैं।
कई दावे जिनका मूल प्रश्न में उल्लेख किया गया था, उपलब्ध स्रोतों से सत्यापित नहीं हो पाए:
ईरान की सेना ने कहा है कि वह अमेरिका के साथ एक 'अस्तित्वगत युद्ध' में लगी हुई है और उसने क्षेत्रीय ऊर्जा निर्यात को बंद करने की धमकी दी है । ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों की मेजबानी करने वाले किसी भी देश को निशाना बनाने की अपनी धमकी पर अमल किया है
। होर्मुज जलडमरूमध्य - जहाँ से दुनिया का लगभग पाँचवाँ हिस्सा तेल गुजरता है - फरवरी 2026 के अंत से प्रभावी रूप से ईरान द्वारा बंद कर दिया गया है
। इस चोकपॉइंट के माध्यम से शिपिंग ट्रैफिक काफी हद तक ठप हो गया है
।
Studio Global AI
Use this topic as a starting point for a fresh source-backed answer, then compare citations before you share it.
खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान ईरान ने हिजबुल्लाह, हमास और हूती समेत 'प्रतिरोध की धुरी' के साथ एकजुटता दोहराई, लेकिन किसी विशिष्ट सैन्य निर्देश का कोई प्रमाण नहीं मिला।
खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान ईरान ने हिजबुल्लाह, हमास और हूती समेत 'प्रतिरोध की धुरी' के साथ एकजुटता दोहराई, लेकिन किसी विशिष्ट सैन्य निर्देश का कोई प्रमाण नहीं मिला। 10 11 जुलाई तक अंतरिम युद्धविराम समझौता ध्वस्त हो गया। इसके बाद अमेरिका ने 14 जुलाई को ईरान की सभी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी फिर से लागू कर दी।
ईरान ने कुवैत, बहरीन, जॉर्डन, कतर और ओमान में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर कई चरणों में मिसाइल और ड्रोन हमले किए।