2. OpenAI के IPO में देरी और भारी घाटा। 25-26 जून को रिपोर्ट आई कि OpenAI अपने बेहद प्रतीक्षित IPO को 2027 तक टालने पर विचार कर रही है। सलाहकारों ने चेतावनी दी थी कि मौजूदा अस्थिर बाजार में प्री-आईपीओ के लिए पर्याप्त उत्साह नहीं है । इस खबर के बाद टेक शेयरों में तुरंत बिकवाली शुरू हो गई । इसके अलावा, OpenAI के वित्तीय आंकड़े भी सामने आए: 2025 में कंपनी ने 13.07 बिलियन डॉलर का राजस्व कमाया, लेकिन उसका परिचालन घाटा 20.92 बिलियन डॉलर रहा, क्योंकि कुल लागत 34 बिलियन डॉलर थी ।
3. चिप स्टॉक्स का सफाया, किओक्सिया सबसे आगे। किओक्सिया का पतन इस गिरावट का सबसे नाटकीय उदाहरण है:
4. 1 ट्रिलियन डॉलर का इन्फ्रास्ट्रक्चर सवाल अब चरम पर। बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स (BIS) ने अपनी जून 2026 की वार्षिक रिपोर्ट में चेतावनी दी कि दुनिया की पांच सबसे बड़ी कंपनियां (हाइपरस्केलर्स) AI इन्फ्रास्ट्रक्चर पर दो साल में 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक खर्च कर रही हैं, और वे अपने परिचालन नकदी प्रवाह को कर्ज से पूरा कर रही हैं । गोल्डमैन सैक्स ने अप्रैल 2026 में दो विरोधाभासी रिपोर्टें प्रकाशित कीं—एक ने AI इन्फ्रास्ट्रक्चर की लागत का अध्ययन किया, दूसरे ने पूछा कि क्या यह मशीन वास्तव में काम कर रही है—और दोनों टीमें अलग-अलग नतीजों पर पहुंचीं ।
सबूतों का भार एक नियमित गिरावट (garden-variety pullback) के बजाय एक बड़े बदलाव की ओर इशारा करता है:
हालांकि, सभी विशेषज्ञ इसे बुलबुला नहीं मानते। कुछ का तर्क है कि AI निर्माण (build-out) औद्योगिक क्रांति या इंटरनेट के निर्माण चरण के समान है, जहां शुरुआती अतिनिवेश के बाद उत्पादकता में बड़े बदलाव आते हैं । BIS ने खुद नोट किया कि निवेशक अभी भी AI ट्रेड पर 'दूसरी राय' लेने से हिचक रहे हैं, जो बताता है कि दहशत अभी चरम पर नहीं है ।
निष्कर्ष: यह बिकवाली एक गंभीर भावना-प्रेरित सुधार (severe sentiment-driven correction) है, जिसमें गहरी संरचनात्मक चिंताएं शामिल हैं। भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा, IPO में गिरता भरोसा, प्रमुख चिप स्टॉक्स का 50% से अधिक सफाया, और 1 ट्रिलियन डॉलर का निवेश-पर-वापसी का अनुत्तरित प्रश्न—ये सभी मिलकर AI रैली के 'आखिरी दौर' के संकेत देते हैं। लेकिन यह एक अस्थायी रीसेट है या लंबी गिरावट की शुरुआत, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि क्या AI कंपनियां अगले 12-18 महीनों में अपने भारी खर्च को सही ठहराने के लिए पर्याप्त राजस्व कमा पाती हैं।