वैज्ञानिकों ने पहली बार रेडियोधर्मी रेडियम 226 युक्त ठंडे (4 केल्विन), गैसीय अणु (RaOH, RaOD, RaF) बनाए और उच्च रिज़ॉल्यूशन लेज़र स्पेक्ट्रोस्कोपी की। रेडियम का नाभिक नाशपाती के आकार (octupole deformed) का होता है, जो गोलाकार नाभिकों की तुलना में सममिति उल्लंघन प्रभावों के प्रति 1,000 गुना अधिक संवेदनशील होता है। इस...

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यहाँ कैल्टेक के हट्ज़लर प्रयोगशाला द्वारा जुलाई 2026 में साइंस पत्रिका में प्रकाशित शोध पर आधारित एक तथ्य-जांच सारांश प्रस्तुत है।
शोधकर्ताओं ने पहली बार एक टेबलटॉप प्रयोगशाला उपकरण में रेडियोधर्मी तत्व रेडियम (²²⁶Ra) युक्त ठंडे, गैसीय अणु बनाए और उन पर उच्च-रिज़ॉल्यूशन लेज़र स्पेक्ट्रोस्कोपी की । विशेष रूप से, उन्होंने तीन प्रकार के अणुओं - रेडियम मोनोहाइड्रॉक्साइड (RaOH), रेडियम मोनोड्यूटेरॉक्साइड (RaOD), और रेडियम मोनोफ्लोराइड (RaF) - को मिलीग्राम स्तर के रेडियम नमूनों से संश्लेषित किया, क्रायोजेनिक रूप से ~4 K तक ठंडा किया, और स्पेक्ट्रोस्कोपिक रूप से चित्रण किया
। यह पहली बार है जब रेडियम के अणुओं को क्वांटम सटीकता माप के लिए उपयुक्त ठंडी, कम-वेग अवस्था में तैयार किया गया है
।
रेडियम का नाभिक नाशपाती के आकार (ऑक्टुपोल-विकृत) का होता है । अधिकांश परमाणु नाभिक गोलाकार या थोड़े लम्बे होते हैं (संतरे या तरबूज की तरह), लेकिन नाशपाती के आकार के नाभिक असममित होते हैं। यह विकृति सममिति-उल्लंघन प्रभावों के प्रति संवेदनशीलता को नाटकीय रूप से बढ़ा देती है - गोलाकार नाभिकों की तुलना में लगभग 1,000 गुना अधिक - जो यह समझा सकती है कि प्रारंभिक ब्रह्मांड में पदार्थ ने एंटीमैटर पर प्रभुत्व क्यों किया
। परमाणुओं पर आणविक संवेदनशीलता वृद्धि (एक और ~1,000×) के साथ मिलकर, रेडियम अणु मानक मॉडल से परे भौतिकी की जांच के लिए अत्यंत शक्तिशाली जांच उपकरण बन जाते हैं
।
रेडियम अत्यधिक रेडियोधर्मी, अत्यधिक प्रतिक्रियाशील है, और केवल बहुत कम मात्रा में उपलब्ध है (लगभग 1 मिलीग्राम ²²⁶Ra नाइट्रेट नमक से शुरू, जो लगभग 1 mCi गतिविधि है) । टीम ने एक बहु-चरणीय समाधान विकसित किया:
प्रक्रिया की तुलना कैंडी बनाने से की गई: लक्ष्य प्लेट लॉलीपॉप स्टिक की तरह काम करती है, रेडियम नमक चीनी की तरह, और ठंडी बफर गैस उस शीतलन चरण की तरह है जो अंतिम उत्पाद को ठोस बनाती है ।
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वैज्ञानिकों ने पहली बार रेडियोधर्मी रेडियम 226 युक्त ठंडे (4 केल्विन), गैसीय अणु (RaOH, RaOD, RaF) बनाए और उच्च रिज़ॉल्यूशन लेज़र स्पेक्ट्रोस्कोपी की।
वैज्ञानिकों ने पहली बार रेडियोधर्मी रेडियम 226 युक्त ठंडे (4 केल्विन), गैसीय अणु (RaOH, RaOD, RaF) बनाए और उच्च रिज़ॉल्यूशन लेज़र स्पेक्ट्रोस्कोपी की। रेडियम का नाभिक नाशपाती के आकार (octupole deformed) का होता है, जो गोलाकार नाभिकों की तुलना में सममिति उल्लंघन प्रभावों के प्रति 1,000 गुना अधिक संवेदनशील होता है।
इस अध्ययन से ब्रह्मांड में पदार्थ की एंटीमैटर पर विजय के रहस्य को सुलझाने में मदद मिल सकती है।