इस तिमाही में औसत डील साइज़ लगभग 53 मिलियन डॉलर रहा, जो बड़े लेट-स्टेज राउंड्स के चलन को दर्शाता है ।
SpaceX ने 12 जून 2026 को इतिहास का सबसे बड़ा IPO पूरा किया। कंपनी ने अपने शेयर की कीमत 135 डॉलर तय की और इसके जरिए लगभग 75 अरब डॉलर जुटाए (कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार ओवरऑलोटमेंट सहित यह आंकड़ा लगभग 86 अरब डॉलर है)। इससे कंपनी का वैल्यूएशन लगभग 1.75 ट्रिलियन डॉलर हो गया ।
इस IPO का सबसे बड़ा प्रभाव यह रहा कि इसने पहली बार स्पेशलिस्ट फंड्स से आगे बढ़कर आम निवेशकों को स्पेस सेक्टर में लाया, जिससे पूंजी का आधार काफी व्यापक हुआ । निवेशकों की मांग इतनी अधिक थी कि IPO के लिए 150 अरब डॉलर से अधिक की दिलचस्पी दिखी, जो फंडरेजिंग टार्गेट से दोगुना से भी अधिक था ।
SpaceX की लिस्टिंग ने सीधे तौर पर Q1 और Q2 के रिकॉर्ड्स को बढ़ावा दिया। Q1 2026 में 8.0 अरब डॉलर का ऑल-टाइम हाई इसलिए बना क्योंकि "SpaceX के सार्वजनिक बाजार में आने को लेकर निवेशकों में काफी उत्साह था" । Q2 में भी IPO के बाद यह उत्साह बरकरार रहा ।
| मीट्रिक | TTM Q2 2026 तक | TTM Q2 2025 तक | बदलाव |
|---|---|---|---|
| कुल निवेश | 23 अरब डॉलर | ~9.7 अरब डॉलर | +137% |
| डील्स की संख्या | 620 | 582 | +6.5% |
TTM का कुल 23 अरब डॉलर का आंकड़ा पिछले साल के ~9.7 अरब डॉलर से दोगुना से भी अधिक है, जो सेक्टर में पूंजी प्रवाह में नाटकीय तेजी को दर्शाता है । डील्स की संख्या में मामूली वृद्धि (620 बनाम 582) यह इंगित करती है कि बढ़ा हुआ निवेश मुख्य रूप से बड़े डील साइज़ के कारण है, न कि राउंड्स की संख्या में वृद्धि के कारण ।
Seraphim Space का कहना है कि निवेशक अब इस बात पर नजर रख रहे हैं कि क्या Blue Origin लगभग 10 अरब डॉलर जुटाएगी, जो सेक्टर में पूंजी निर्माण की रिकॉर्ड-ब्रेकिंग गति को और बढ़ा सकता है ।