IMF प्रमुख जॉर्जीवा की चेतावनी: दुनिया के पास 'वित्तीय गोला-बारूद' खत्म, अब अगले संकट से निपटने की क्षमता नहीं
IMF प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने चेतावनी दी है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के पास कोई वित्तीय बफर नहीं बचा है, जिससे देश कर्ज डिफॉल्ट और भू राजनीतिक विखंडन की चपेट में आ सकते हैं। IMF ने 2026 के लिए वैश्विक विकास दर का अनुमान घटाकर 3.0% कर दिया है। इसकी वजहें हैं: मिडिल ईस्ट युद्ध, होर्मुज जलडमरूमध्य का बंद होना, तेल...
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IMF प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने चेतावनी दी है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के पास कोई वित्तीय बफर नहीं बचा है, जिससे देश कर्ज डिफॉल्ट और भू राजनीतिक विखंडन की चपेट में आ सकते हैं।
IMF ने 2026 के लिए वैश्विक विकास दर का अनुमान घटाकर 3.0% कर दिया है। इसकी वजहें हैं: मिडिल ईस्ट युद्ध, होर्मुज जलडमरूमध्य का बंद होना, तेल की कीमतों में उछाल, बढ़ती महंगाई (4.7%) और AI बाजार में सुधार का जोखिम।
इस बीच, IMF अपनी नीतियों और उपकरणों में बड़ा बदलाव कर रहा है। संगठन के शासन सुधारों पर भी चर्चा चल रही है, जिसमें उभरती अर्थव्यवस्थाओं को कोटा में अधिक हिस्सेदारी देने का मुद्दा शामिल है।
Search & fact-check with cited sources for What is IMF Managing Director Kristalina Georgieva's latest warning about global fiscal capacity,IMF Managing Director Kristalina Georgieva has warned that the global economy has exhausted its 'fiscal ammunition.'
AI संकेत
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IMF की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने एक गंभीर चेतावनी जारी की है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था ने अपना 'वित्तीय गोला-बारूद' (fiscal ammunition) लगभग खत्म कर लिया है। यानी वे वित्तीय बफर जिन्होंने पिछले संकटों के दौरान देशों को बचाया था, अब समाप्त हो चुके हैं। इस वजह से देश सॉवरिन कर्ज डिफॉल्ट और भू-राजनीतिक विखंडन की चपेट में आ सकते हैं ।
इस बीच, IMF ने 2026 के लिए वैश्विक विकास दर (ग्रोथ) के अपने अनुमान को घटाकर 3.0% कर दिया है। यह अप्रैल में घोषित 3.1% और जनवरी में घोषित 3.3% से कम है । विकास दर के अनुमान में इस गिरावट की वजह कई झटकों का एक साथ आना है: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने से तेल की आपूर्ति पर संकट, महंगाई घटने की रुकी हुई रफ्तार, व्यापार में बढ़ता विखंडन, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बाजार में संभावित सुधार (correction) का जोखिम ।
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"IMF प्रमुख जॉर्जीवा की चेतावनी: दुनिया के पास 'वित्तीय गोला-बारूद' खत्म, अब अगले संकट से निपटने की क्षमता नहीं" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
IMF प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने चेतावनी दी है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के पास कोई वित्तीय बफर नहीं बचा है, जिससे देश कर्ज डिफॉल्ट और भू राजनीतिक विखंडन की चपेट में आ सकते हैं।
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
IMF प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने चेतावनी दी है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के पास कोई वित्तीय बफर नहीं बचा है, जिससे देश कर्ज डिफॉल्ट और भू राजनीतिक विखंडन की चपेट में आ सकते हैं। IMF ने 2026 के लिए वैश्विक विकास दर का अनुमान घटाकर 3.0% कर दिया है। इसकी वजहें हैं: मिडिल ईस्ट युद्ध, होर्मुज जलडमरूमध्य का बंद होना, तेल की कीमतों में उछाल, बढ़ती महंगाई (4.7%) और AI बाजार में सुधार का जोखिम।
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
इस बीच, IMF अपनी नीतियों और उपकरणों में बड़ा बदलाव कर रहा है। संगठन के शासन सुधारों पर भी चर्चा चल रही है, जिसमें उभरती अर्थव्यवस्थाओं को कोटा में अधिक हिस्सेदारी देने का मुद्दा शामिल है।
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IMF प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने चेतावनी दी है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के पास कोई वित्तीय बफर नहीं बचा है, जिससे देश कर्ज डिफॉल्ट और भू राजनीतिक विखंडन की चपेट में आ सकते हैं।
IMF ने 2026 के लिए वैश्विक विकास दर का अनुमान घटाकर 3.0% कर दिया है। इसकी वजहें हैं: मिडिल ईस्ट युद्ध, होर्मुज जलडमरूमध्य का बंद होना, तेल की कीमतों में उछाल, बढ़ती महंगाई (4.7%) और AI बाजार में सुधार का जोखिम।
इस बीच, IMF अपनी नीतियों और उपकरणों में बड़ा बदलाव कर रहा है। संगठन के शासन सुधारों पर भी चर्चा चल रही है, जिसमें उभरती अर्थव्यवस्थाओं को कोटा में अधिक हिस्सेदारी देने का मुद्दा शामिल है।
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IMF की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने एक गंभीर चेतावनी जारी की है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था ने अपना 'वित्तीय गोला-बारूद' (fiscal ammunition) लगभग खत्म कर लिया है। यानी वे वित्तीय बफर जिन्होंने पिछले संकटों के दौरान देशों को बचाया था, अब समाप्त हो चुके हैं। इस वजह से देश सॉवरिन कर्ज डिफॉल्ट और भू-राजनीतिक विखंडन की चपेट में आ सकते हैं ।
इस बीच, IMF ने 2026 के लिए वैश्विक विकास दर (ग्रोथ) के अपने अनुमान को घटाकर 3.0% कर दिया है। यह अप्रैल में घोषित 3.1% और जनवरी में घोषित 3.3% से कम है । विकास दर के अनुमान में इस गिरावट की वजह कई झटकों का एक साथ आना है: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने से तेल की आपूर्ति पर संकट, महंगाई घटने की रुकी हुई रफ्तार, व्यापार में बढ़ता विखंडन, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बाजार में संभावित सुधार (correction) का जोखिम ।
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"IMF प्रमुख जॉर्जीवा की चेतावनी: दुनिया के पास 'वित्तीय गोला-बारूद' खत्म, अब अगले संकट से निपटने की क्षमता नहीं" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
IMF प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने चेतावनी दी है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के पास कोई वित्तीय बफर नहीं बचा है, जिससे देश कर्ज डिफॉल्ट और भू राजनीतिक विखंडन की चपेट में आ सकते हैं।
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
IMF प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने चेतावनी दी है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के पास कोई वित्तीय बफर नहीं बचा है, जिससे देश कर्ज डिफॉल्ट और भू राजनीतिक विखंडन की चपेट में आ सकते हैं। IMF ने 2026 के लिए वैश्विक विकास दर का अनुमान घटाकर 3.0% कर दिया है। इसकी वजहें हैं: मिडिल ईस्ट युद्ध, होर्मुज जलडमरूमध्य का बंद होना, तेल की कीमतों में उछाल, बढ़ती महंगाई (4.7%) और AI बाजार में सुधार का जोखिम।
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
इस बीच, IMF अपनी नीतियों और उपकरणों में बड़ा बदलाव कर रहा है। संगठन के शासन सुधारों पर भी चर्चा चल रही है, जिसमें उभरती अर्थव्यवस्थाओं को कोटा में अधिक हिस्सेदारी देने का मुद्दा शामिल है।
इसी के साथ, जॉर्जीवा ने IMF के अपने टूलकिट और नीतियों में 'व्यापक अपडेट और अपग्रेड' की घोषणा की है, ताकि सदस्य देश झटकों और बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था से निपट सकें ।
1. क्यों जॉर्जीवा कह रही हैं कि वित्तीय गुंजाइश खत्म हो गई?
एक उच्च-स्तरीय नीति भाषण में, जॉर्जीवा ने जोर देकर कहा कि मौजूदा स्थिति कोविड-19 के दौर से बिल्कुल अलग है ।
'एक के बाद एक झटकों का संचयी प्रभाव': उन्होंने चेतावनी दी कि दुनिया लगातार संकटों का सामना कर रही है: महामारी (पैंडेमिक), ऊर्जा संकट, महंगाई (इन्फ्लेशन), और अब युद्ध। इसने वैश्विक सार्वजनिक कर्ज (ग्लोबल पब्लिक डेट) को खतरनाक स्तर पर पहुंचा दिया है । IMF का अनुमान है कि 2029 तक वैश्विक सार्वजनिक कर्ज सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 100% को पार कर जाएगा। यह स्तर द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से नहीं देखा गया है ।
बचाव पैकेज की कोई गुंजाइश नहीं: कर्ज के इस उच्च स्तर का मतलब है कि अमीर देश भी अब पहले की तरह बड़े पैमाने पर वित्तीय बचाव पैकेज (rescue packages) नहीं दे सकते। गरीब देशों की स्थिति तो और भी खराब है ।
तीन सूत्रीय रणनीति: मार्च 2026 के एक भाषण में, जॉर्जीवा ने सदस्य देशों को सलाह दी: (1) मजबूत संस्थानों और नीतिगत ढांचे में निवेश करें, (2) जरूरत पड़ने पर नीतिगत गुंजाइश का उपयोग करें, लेकिन इसे फिर से भरें, और (3) सबसे महत्वपूर्ण, फुर्तीले (agile) बनें ।
2. बिगड़ता वैश्विक परिदृश्य: पांच प्रमुख कारण
IMF के 'वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक' (विश्व आर्थिक परिदृश्य) में 2026 के लिए लगातार कटौती की गई है:
अनुमान की तारीख
वैश्विक विकास दर का अनुमान
मुख्य संशोधन का कारण
जनवरी 2026
3.3%
युद्ध-पूर्व स्थिति; टेक क्षेत्र से प्रेरित गति
अप्रैल 2026
3.1%
मिडिल ईस्ट में युद्ध शुरू, होर्मुज जलडमरूमध्य बंद, ऊर्जा सुविधाओं को नुकसान
जुलाई 2026
3.0%
फिर से शुरू हुई लड़ाई, महंगाई घटने की रफ्तार थमना, व्यापार विखंडन, AI सुधार के जोखिम
कारण 1: मिडिल ईस्ट युद्ध और तेल आपूर्ति पर संकट। इस संघर्ष के कारण, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने और ऊर्जा बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान ने तेल की कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया है (2026 में औसतन $110 प्रति बैरल होने का अनुमान) और आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित किया है । IMF के सबसे बुरे परिदृश्य में, अगर ये व्यवधान जारी रहे तो 2026 में विकास दर 2.5% तक गिर सकती है ।
कारण 2: महंगाई घटने की रफ्तार थमना और फिर से बढ़ती महंगाई। IMF ने 2026 के लिए वैश्विक महंगाई (हेडलाइन इन्फ्लेशन) के अनुमान को 0.3 प्रतिशत अंक बढ़ाकर 4.7% कर दिया है। चेतावनी दी गई है कि युद्ध ने 2024 की शुरुआत से चली आ रही महंगाई घटने की प्रवृत्ति (disinflation trend) को उलट दिया है । ऊर्जा और खाद्य कीमतों में उछाल इसकी मुख्य वजह है ।
कारण 3: व्यापार में विखंडन (ट्रेड फ्रैगमेंटेशन)। अमेरिका के नेतृत्व में चल रहे व्यापार व्यवधान और बढ़ती अनिश्चितता वैश्विक गतिविधियों पर भारी पड़ रही है और मध्यम अवधि की विकास संभावनाओं को कम कर रही है ।
कारण 4: AI बाजार में सुधार का जोखिम। IMF ने AI के प्रति बाजार की उम्मीदों में संभावित सुधार (correction) को एक जोखिम के रूप में चिह्नित किया है, खासकर जब पिछले कुछ वर्षों में टेक्नोलॉजी कंपनियों के वैल्यूएशन में भारी उछाल आया है ।
कारण 5: असमान और कमजोर सुधार। जुलाई 2026 के अपडेट में, IMF का कहना है कि युद्ध का झटका ऊर्जा आयात करने वाले देशों और कमजोर अर्थव्यवस्थाओं पर सबसे ज्यादा भारी है। वहीं, AI से प्रेरित मांग उन देशों को फायदा पहुंचा रही है जो वैश्विक टेक्नोलॉजी मूल्य श्रृंखला में शामिल हैं। इससे वैश्विक सुधार असमान और नाजुक बन गया है ।
3. IMF में चल रहा बड़ा बदलाव
एक अधिक अस्थिर दुनिया का सामना करते हुए, IMF खुद भी एक महत्वपूर्ण बदलाव से गुजर रहा है:
'व्यापक अपडेट और अपग्रेड': 15 जुलाई 2026 को, जॉर्जीवा ने घोषणा की कि फंड ने अपने टूलकिट और नीतियों के आधुनिकीकरण की एक विस्तृत प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य सदस्यों को झटकों से भरी और बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था में मार्गदर्शन करना है । पांच प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है: (1) झटकों और अनिश्चितता का प्रबंधन, (2) बाहरी असंतुलन को कम करना, (3) कर्ज के जोखिमों की पहचान और समाधान, (4) तेजी से बदलते वित्तीय नवाचार के बीच वित्तीय स्थिरता बनाए रखना, और (5) देशों की विशिष्ट जरूरतों के अनुसार वित्तीय सहायता तैयार करना ।
शासन सुधार पर दबाव: बाहरी प्रस्तावों, जैसे कि उभरती बाजार और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं (EMDEs) को अधिक प्रतिनिधित्व देने के लिए वोटिंग शेयरों को पुनर्संतुलित करना, पर सक्रिय चर्चा चल रही है। हालांकि, कोटा सुधार पर अभी भी काम जारी है । अप्रैल 2026 में अपनाए गए 'दिरियाह गाइडिंग प्रिंसिपल्स' (Diriyah Guiding Principles) ने IMF की कोटा-आधारित प्रकृति की पुष्टि तो की है, लेकिन इसे ठोस सुधार से कम बताकर आलोचना की गई है ।
राजकोषीय नीति का पुनर्गठन: IMF की सदस्य देशों को केंद्रीय सलाह है कि वे सबसे कमजोर वर्गों की रक्षा करें, साथ ही अर्थव्यवस्था को समायोजित करने के लिए मूल्य संकेतों (price signals) को बनाए रखें। कर्ज पहले से ही उच्च होने के कारण, किसी भी राजकोषीय प्रतिक्रिया (fiscal response) से सार्वजनिक वित्त को और जोखिम में नहीं डालना चाहिए । फंड यह भी सलाह देता है कि अलग-थलग कार्रवाइयों (go-it-alone actions) जैसे निर्यात नियंत्रण और मूल्य नियंत्रण से बचना चाहिए ।
वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए इसका क्या मतलब है?
जॉर्जीवा की मुख्य चेतावनी यह है कि दुनिया के पास अगले संकट से निपटने के लिए कोई वित्तीय बफर नहीं बचा है। ईरान से जुड़े युद्ध, तेल की कीमतों में उछाल, फिर से बढ़ती महंगाई, व्यापार विखंडन और AI से जुड़ी अनिश्चितता के कारण IMF का दृष्टिकोण तेजी से बिगड़ा है। इसके जवाब में, फंड अपने स्वयं के संस्थागत ढांचे को नया रूप दे रहा है — अपने ऋण देने के टूलकिट, शासन संरचना और नीतिगत सलाह को अपडेट कर रहा है — ताकि एक अधिक अस्थिर दुनिया में प्रासंगिक बना रह सके। क्या ये सुधार गहरे आर्थिक मंदी को रोकने के लिए पर्याप्त होंगे, यह एक खुला प्रश्न है।
nytimes.comGlobal Economy, Hit by Iran War and Inflation, Faces Sharp ...
इसी के साथ, जॉर्जीवा ने IMF के अपने टूलकिट और नीतियों में 'व्यापक अपडेट और अपग्रेड' की घोषणा की है, ताकि सदस्य देश झटकों और बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था से निपट सकें ।
1. क्यों जॉर्जीवा कह रही हैं कि वित्तीय गुंजाइश खत्म हो गई?
एक उच्च-स्तरीय नीति भाषण में, जॉर्जीवा ने जोर देकर कहा कि मौजूदा स्थिति कोविड-19 के दौर से बिल्कुल अलग है ।
'एक के बाद एक झटकों का संचयी प्रभाव': उन्होंने चेतावनी दी कि दुनिया लगातार संकटों का सामना कर रही है: महामारी (पैंडेमिक), ऊर्जा संकट, महंगाई (इन्फ्लेशन), और अब युद्ध। इसने वैश्विक सार्वजनिक कर्ज (ग्लोबल पब्लिक डेट) को खतरनाक स्तर पर पहुंचा दिया है । IMF का अनुमान है कि 2029 तक वैश्विक सार्वजनिक कर्ज सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 100% को पार कर जाएगा। यह स्तर द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से नहीं देखा गया है ।
बचाव पैकेज की कोई गुंजाइश नहीं: कर्ज के इस उच्च स्तर का मतलब है कि अमीर देश भी अब पहले की तरह बड़े पैमाने पर वित्तीय बचाव पैकेज (rescue packages) नहीं दे सकते। गरीब देशों की स्थिति तो और भी खराब है ।
तीन सूत्रीय रणनीति: मार्च 2026 के एक भाषण में, जॉर्जीवा ने सदस्य देशों को सलाह दी: (1) मजबूत संस्थानों और नीतिगत ढांचे में निवेश करें, (2) जरूरत पड़ने पर नीतिगत गुंजाइश का उपयोग करें, लेकिन इसे फिर से भरें, और (3) सबसे महत्वपूर्ण, फुर्तीले (agile) बनें ।
2. बिगड़ता वैश्विक परिदृश्य: पांच प्रमुख कारण
IMF के 'वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक' (विश्व आर्थिक परिदृश्य) में 2026 के लिए लगातार कटौती की गई है:
अनुमान की तारीख
वैश्विक विकास दर का अनुमान
मुख्य संशोधन का कारण
जनवरी 2026
3.3%
युद्ध-पूर्व स्थिति; टेक क्षेत्र से प्रेरित गति
अप्रैल 2026
3.1%
मिडिल ईस्ट में युद्ध शुरू, होर्मुज जलडमरूमध्य बंद, ऊर्जा सुविधाओं को नुकसान
जुलाई 2026
3.0%
फिर से शुरू हुई लड़ाई, महंगाई घटने की रफ्तार थमना, व्यापार विखंडन, AI सुधार के जोखिम
कारण 1: मिडिल ईस्ट युद्ध और तेल आपूर्ति पर संकट। इस संघर्ष के कारण, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने और ऊर्जा बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान ने तेल की कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया है (2026 में औसतन $110 प्रति बैरल होने का अनुमान) और आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित किया है । IMF के सबसे बुरे परिदृश्य में, अगर ये व्यवधान जारी रहे तो 2026 में विकास दर 2.5% तक गिर सकती है ।
कारण 2: महंगाई घटने की रफ्तार थमना और फिर से बढ़ती महंगाई। IMF ने 2026 के लिए वैश्विक महंगाई (हेडलाइन इन्फ्लेशन) के अनुमान को 0.3 प्रतिशत अंक बढ़ाकर 4.7% कर दिया है। चेतावनी दी गई है कि युद्ध ने 2024 की शुरुआत से चली आ रही महंगाई घटने की प्रवृत्ति (disinflation trend) को उलट दिया है । ऊर्जा और खाद्य कीमतों में उछाल इसकी मुख्य वजह है ।
कारण 3: व्यापार में विखंडन (ट्रेड फ्रैगमेंटेशन)। अमेरिका के नेतृत्व में चल रहे व्यापार व्यवधान और बढ़ती अनिश्चितता वैश्विक गतिविधियों पर भारी पड़ रही है और मध्यम अवधि की विकास संभावनाओं को कम कर रही है ।
कारण 4: AI बाजार में सुधार का जोखिम। IMF ने AI के प्रति बाजार की उम्मीदों में संभावित सुधार (correction) को एक जोखिम के रूप में चिह्नित किया है, खासकर जब पिछले कुछ वर्षों में टेक्नोलॉजी कंपनियों के वैल्यूएशन में भारी उछाल आया है ।
कारण 5: असमान और कमजोर सुधार। जुलाई 2026 के अपडेट में, IMF का कहना है कि युद्ध का झटका ऊर्जा आयात करने वाले देशों और कमजोर अर्थव्यवस्थाओं पर सबसे ज्यादा भारी है। वहीं, AI से प्रेरित मांग उन देशों को फायदा पहुंचा रही है जो वैश्विक टेक्नोलॉजी मूल्य श्रृंखला में शामिल हैं। इससे वैश्विक सुधार असमान और नाजुक बन गया है ।
3. IMF में चल रहा बड़ा बदलाव
एक अधिक अस्थिर दुनिया का सामना करते हुए, IMF खुद भी एक महत्वपूर्ण बदलाव से गुजर रहा है:
'व्यापक अपडेट और अपग्रेड': 15 जुलाई 2026 को, जॉर्जीवा ने घोषणा की कि फंड ने अपने टूलकिट और नीतियों के आधुनिकीकरण की एक विस्तृत प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य सदस्यों को झटकों से भरी और बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था में मार्गदर्शन करना है । पांच प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है: (1) झटकों और अनिश्चितता का प्रबंधन, (2) बाहरी असंतुलन को कम करना, (3) कर्ज के जोखिमों की पहचान और समाधान, (4) तेजी से बदलते वित्तीय नवाचार के बीच वित्तीय स्थिरता बनाए रखना, और (5) देशों की विशिष्ट जरूरतों के अनुसार वित्तीय सहायता तैयार करना ।
शासन सुधार पर दबाव: बाहरी प्रस्तावों, जैसे कि उभरती बाजार और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं (EMDEs) को अधिक प्रतिनिधित्व देने के लिए वोटिंग शेयरों को पुनर्संतुलित करना, पर सक्रिय चर्चा चल रही है। हालांकि, कोटा सुधार पर अभी भी काम जारी है । अप्रैल 2026 में अपनाए गए 'दिरियाह गाइडिंग प्रिंसिपल्स' (Diriyah Guiding Principles) ने IMF की कोटा-आधारित प्रकृति की पुष्टि तो की है, लेकिन इसे ठोस सुधार से कम बताकर आलोचना की गई है ।
राजकोषीय नीति का पुनर्गठन: IMF की सदस्य देशों को केंद्रीय सलाह है कि वे सबसे कमजोर वर्गों की रक्षा करें, साथ ही अर्थव्यवस्था को समायोजित करने के लिए मूल्य संकेतों (price signals) को बनाए रखें। कर्ज पहले से ही उच्च होने के कारण, किसी भी राजकोषीय प्रतिक्रिया (fiscal response) से सार्वजनिक वित्त को और जोखिम में नहीं डालना चाहिए । फंड यह भी सलाह देता है कि अलग-थलग कार्रवाइयों (go-it-alone actions) जैसे निर्यात नियंत्रण और मूल्य नियंत्रण से बचना चाहिए ।
वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए इसका क्या मतलब है?
जॉर्जीवा की मुख्य चेतावनी यह है कि दुनिया के पास अगले संकट से निपटने के लिए कोई वित्तीय बफर नहीं बचा है। ईरान से जुड़े युद्ध, तेल की कीमतों में उछाल, फिर से बढ़ती महंगाई, व्यापार विखंडन और AI से जुड़ी अनिश्चितता के कारण IMF का दृष्टिकोण तेजी से बिगड़ा है। इसके जवाब में, फंड अपने स्वयं के संस्थागत ढांचे को नया रूप दे रहा है — अपने ऋण देने के टूलकिट, शासन संरचना और नीतिगत सलाह को अपडेट कर रहा है — ताकि एक अधिक अस्थिर दुनिया में प्रासंगिक बना रह सके। क्या ये सुधार गहरे आर्थिक मंदी को रोकने के लिए पर्याप्त होंगे, यह एक खुला प्रश्न है।
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