अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बताया कि 15-16 जुलाई की रात को उसकी सेना ने ईरान के दक्षिणी तट और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जिनमें मिसाइल और ड्रोन भंडारण स्थल, तटीय रडार स्टेशन और अन्य सैन्य बुनियादी ढांचा शामिल था । पूरे सप्ताह के हमलों में सेंटकॉम ने ईरान भर में सैकड़ों हवाई हमले किए, जिसमें ईरानी स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार कम से कम 35 लोग मारे गए और 300 घायल हुए । इस सप्ताह की शुरुआत में, सेंटकॉम ने एक ही रात में 80 से अधिक ईरानी ठिकानों पर हमला करने की सूचना दी थी, और सीएनएन ने बताया कि एक और हमले की लहर में 140 ईरानी सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया ।
15 जुलाई को फॉक्स न्यूज के एक इंटरव्यू में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा: "अगले सप्ताह उनके लिए हालात बहुत बुरे होने वाले हैं, क्योंकि अगले सप्ताह बिजली संयंत्रों की बारी है... अगले सप्ताह पुलों की बारी है। हम उनके सभी बिजली संयंत्रों को ध्वस्त कर देंगे... जब तक वे बातचीत की मेज पर नहीं आते" । यह बातचीत विफल होने पर नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के इरादे का स्पष्ट संकेत था, जिस पर ईरानी सैन्य कमान ने कड़ी चेतावनी दी ।
छठी रात के हमलों का कारण ईरान द्वारा हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में व्यापारी जहाजों पर किए गए हमले थे। 7 जुलाई को जलडमरूमध्य से गुजरते समय तीन टैंकरों को प्रोजेक्टाइल से निशाना बनाया गया । इससे पहले, 26 जून को एक ईरानी ड्रोन ने एक कार्गो जहाज पर हमला किया, जिसके बाद अमेरिकी प्रतिक्रिया शुरू हुई । शिपिंग पर लगातार हमलों के जवाब में, अमेरिका ने ईरान को तेल बेचने का लाइसेंस रद्द कर दिया और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के आसपास ईरानी शिपिंग पर नौसैनिक नाकाबंदी फिर से लागू कर दी । ईरान ने जवाब में विभिन्न बिंदुओं पर जलडमरूमध्य को सभी जहाजों के लिए बंद घोषित कर दिया और गुजरने वाले जहाजों पर चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाईं । हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20% हिस्सा संभालता है।
ईरान ने कई दिनों में जवाबी हमले किए। 8-9 जुलाई को ईरानी बलों ने कुवैत, बहरीन और कतर में अमेरिकी सैन्य बुनियादी ढांचे पर हमला किया, जिसमें कुवैत में पैट्रियट मिसाइल इंटरसेप्टर, कतर में अर्ली वार्निंग सिस्टम और बहरीन में ईंधन डिपो को निशाना बनाया गया । 14 जुलाई को, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि उसने अमेरिकी हमलों के जवाब में बहरीन, जॉर्डन और कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए । न्यूयॉर्क पोस्ट ने बताया कि ईरान ने कुवैत में पैट्रियट मिसाइल इंटरसेप्टर, कतर में अर्ली वार्निंग सिस्टम और बहरीन में ईंधन डिपो को निशाना बनाने का दावा किया । जॉर्डन में अल-अज़राक एयरबेस पर भी कथित तौर पर 12 बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया गया । सीधे अमेरिकी ठिकानों के अलावा, ईरान ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में दो एमिराती तेल टैंकरों को भी निशाना बनाया और बहरीन में मिसाइल अलर्ट जारी कर दिया ।
13 जुलाई, 2026 को यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर मिसाइलें दागीं, जब उन्होंने राज्य पर सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बमबारी का आरोप लगाया । इसने मार्च 2022 से चली आ रही चार साल की अनौपचारिक युद्धविराम को तोड़ दिया । सऊदी युद्धक विमानों ने सना हवाई अड्डे पर हमला किया, और हूती विद्रोहियों ने जवाब में सऊदी अरब के अभा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को मिसाइलों और ड्रोनों से निशाना बनाया । एक प्रमुख हूती नेता मोहम्मद अल-बुखैती ने सऊदी अरब की 'घेराबंदी' की धमकी दी । हूती विद्रोहियों ने यमन के गृह युद्ध के 'डी-एस्केलेशन चरण' को समाप्त करने की घोषणा की, और होदेइदा के पास भारी संघर्ष में दर्जनों लोगों के मारे जाने की सूचना है । यह नया संघर्ष अमेरिका-ईरान के बढ़ते तनाव के साथ हुआ, जिससे व्यापक क्षेत्रीय युद्ध की आशंका बढ़ गई ।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका पर युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया, और ईरानी सैन्य कमान ने चेतावनी दी कि अगर ट्रंप ने बिजली संयंत्रों पर हमले की धमकी को अंजाम दिया तो वह पूरे क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को निशाना बनाएगी । ईरानी नेतृत्व ने कहा कि जब तक ट्रंप हमले नहीं रोकेंगे, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी । ईरानी जवाबी कार्रवाई का दायरा सीधे अमेरिकी ठिकानों से बढ़कर खाड़ी में अमेरिकी सहयोगियों तक फैल गया, जिसमें एमिराती टैंकरों को निशाना बनाना और जलडमरूमध्य में शिपिंग को धमकी देना शामिल है ।