Sanofi ने कहा कि वह "अपनी पेटेंट तकनीक के उपयोग के लिए उचित मुआवज़ा" मांग रहा है और किसी भी वैक्सीन की बिक्री पर रोक लगाना नहीं चाहता ।
पेटेंट जिनका उल्लंघन होने का आरोप है: Sanofi का आरोप है कि Moderna और Pfizer की वैक्सीनें Translate Bio द्वारा रखे गए 10 पेटेंट का उल्लंघन करती हैं, जो mRNA डिलीवरी की मुख्य तकनीक से संबंधित हैं । ये पेटेंट विशेष रूप से निम्नलिखित से जुड़े हैं:
उल्लंघन के आरोप वाले उत्पाद:
शिकायतों में कोई निश्चित रॉयल्टी प्रतिशत या विशिष्ट डॉलर राशि सार्वजनिक रूप से नहीं बताई गई है। Sanofi के एक प्रवक्ता के अनुसार, कंपनी अपनी पेटेंट तकनीक के उपयोग के लिए "उचित मुआवज़ा" मांग रही है । हालांकि, दांव पर लगी राशि बहुत बड़ी है — नामित वैक्सीनों ने करोड़ों-अरबों डॉलर का संचयी राजस्व उत्पन्न किया है, और Sanofi के Life Sciences IP Review के अनुसार, कंपनी "अरबों डॉलर" मूल्य की वैक्सीनों से हर्जाना मांग रही है
।
ये मुकदमे मौद्रिक हर्जाना (उचित रॉयल्टी) मांगते हैं, न कि निषेधाज्ञा ( injunction), जो इस पेटेंट परिदृश्य में अन्य वादियों के दृष्टिकोण के अनुरूप है ।
Sanofi के मुकदमे इस घने और उच्च-दांव वाले mRNA पेटेंट लिटिगेशन जाल में नवीनतम विस्तार हैं, जो वर्षों से चल रहा है। प्रमुख चालू और हालिया विवादों में शामिल हैं:
मुख्य निष्कर्ष: Sanofi के मुकदमे एक ऐसे युद्ध में एक नया मोर्चा जोड़ते हैं जो पहले से ही बहु-पक्षीय और बहु-क्षेत्राधिकार वाला है, जो mRNA और LNP बौद्धिक संपदा पर लड़ा जा रहा है। हर प्रमुख mRNA वैक्सीन खिलाड़ी — Moderna, Pfizer/BioNTech, Sanofi/Translate Bio, CureVac, Arbutus, Genevant, Alnylam — या तो मुकदमा कर रहा है या कराया जा रहा है, या दोनों। विवाद तीन मुख्य तकनीकी स्तंभों को कवर करते हैं: mRNA अनुक्रम संशोधन (विशेष रूप से 1-मिथाइलस्यूडोरिडीन), लिपिड नैनोपार्टिकल डिलीवरी सिस्टम, और mRNA निर्माण/शुद्धिकरण विधियाँ। Sanofi का प्रवेश विशेष रूप से LNP डिलीवरी और प्यूरिफिकेशन परत को लक्षित करता है, जो पूरे परिदृश्य में सबसे अधिक विवादित क्षेत्रों में से एक बना हुआ है।