ECB की गवर्निंग काउंसिल जुलाई 2026 की बैठक में ब्याज दरों पर फैसले को लेकर बंटी हुई है। बुंडेसबैंक प्रमुख नागेल (सख्त रुख) आगे बढ़ोतरी के पक्ष में हैं, जबकि बैंक ऑफ इटली के गवर्नर पैनेटा (सतर्क रुख) इंतजार करने की वका... ऑस्ट्रियाई सेंट्रल बैंक प्रमुख कोचर ने कहा है कि फैसला या तो दरें बढ़ाने या उन्हें स्थिर रखने का...

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यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) काफी मुश्किल फैसले की ओर बढ़ रहा है। 11 जून, 2026 को 25 आधार अंकों (बेसिस पॉइंट्स) की बढ़ोतरी के बाद , गवर्निंग काउंसिल इस बात पर बंटी हुई है कि जुलाई 2026 की बैठक में ब्याज दरों में फिर से बढ़ोतरी की जाए या नहीं।
11 जून, 2026 को ECB ने अपनी जमा सुविधा दर (Deposit Facility Rate) को 25 आधार अंक बढ़ाकर 2.25% कर दिया, जो 17 जून से प्रभावी हुआ । यह कदम सीधे तौर पर मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष से उत्पन्न ऊर्जा मूल्यवृद्धि के कारण उठाया गया। ECB ने साफ कहा कि "मध्य पूर्व का युद्ध मुद्रास्फीति के दबाव पैदा कर रहा है" और यह दर वृद्धि सभी आर्थिक परिदृश्यों में मजबूत है
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यूरो क्षेत्र में HICP मुद्रास्फीति (Consumer Price Index) 2026 की शुरुआत में 2% से नीचे थी, जो मई 2026 में बढ़कर 3.2% हो गई । यह मुख्य रूप से ऊर्जा की बढ़ती लागत के कारण हुआ। ECB के जून के अनुमानों के अनुसार, 2026 में मुद्रास्फीति औसतन 3.0% रहेगी और 2027 की दूसरी छमाही में ही यह 2% के लक्ष्य पर वापस आएगी
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नागेल आगे और सख्ती बरतने के सबसे मुखर समर्थक हैं। 30 जून को सिंत्रा (Sintra) में उन्होंने चेतावनी दी कि मुद्रास्फीति "शायद काफी समय तक लक्ष्य से ऊपर बनी रहेगी" । उन्होंने कहा कि ऊर्जा मूल्य का झटका "अभी भी सिस्टम में है"
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नागेल ने 12 जून को कहा था कि ECB "जुलाई में लगातार दूसरी बैठक में ब्याज दरें बढ़ाने के लिए तैयार है, अगर मध्य पूर्व के युद्ध से झटका लगता है" । उन्होंने कहा है कि ECB सभी विकल्पों को खुला रख रहा है
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पैनेटा ECB के अधिक सतर्क विचारधारा वाले सदस्य हैं। 15 जुलाई को उन्होंने कहा कि ECB की नीति "इतनी मापी-तुली होनी चाहिए कि मुद्रास्फीति की उम्मीदें कायम रहें" । उन्होंने स्वीकार किया कि मुद्रास्फीति के जोखिम और विकास के जोखिम दोनों मौजूद हैं
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पैनेटा ने आर्थिक दृष्टिकोण को "नाजुक" बताया और परिदृश्य-आधारित निर्णय लेने पर जोर दिया । उन्होंने कहा कि हालिया आंकड़े "बेहतर वृद्धि और मुद्रास्फीति के दबाव में कमी" दिखाते हैं और यह "ECB के लिए जुलाई में दरों को स्थिर रखने और गर्मियों में और डेटा इकट्ठा करने के लिए पर्याप्त होना चाहिए"
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कोचर ने आगामी बैठकों के विकल्पों को स्पष्ट रूप से रखा है। 1 जुलाई को उन्होंने कहा कि अगले फैसले "या तो ब्याज दरों को और बढ़ाने या उन्हें स्थिर रखने पर केंद्रित होंगे" । उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व की स्थिति में सुधार से "जून के लिए कम मुद्रास्फीति के आंकड़ों की उम्मीद है"
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15 जुलाई को कोचर ने कहा कि तेल की कीमतों के झटके के दूसरे दौर के प्रभाव (Second-round effects) अभी तक सामने नहीं आए हैं । उन्होंने जोर देकर कहा कि दरों को स्थिर रखने से "जोखिमों का आकलन करने का समय मिलता है"
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जुलाई 2026 के मध्य तक, यह माना जाता है कि बैठक "लाइव" होगी। सतर्क रुख रखने वाला समूह (पैनेटा के नेतृत्व में, कोचर के "रुकने" के रुख से समर्थित) और अधिक डेटा की प्रतीक्षा करने के पक्ष में है। नागेल का सख्त रुख यह सुनिश्चित करता है कि अगर ऊर्जा की कीमतें फिर से बढ़ती हैं तो बढ़ोतरी की संभावना बनी रहेगी।
एक रॉयटर्स सर्वेक्षण के अनुसार, 90% से अधिक अर्थशास्त्रियों को जून में बढ़ोतरी और सितंबर में एक और बढ़ोतरी की उम्मीद थी । लेकिन जुलाई का फैसला कम निश्चित है: जुलाई की शुरुआत में बाजार में बढ़ोतरी की सिर्फ 28% संभावना थी, जो सितंबर के लिए 62% तक बढ़ जाती है
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ECB सर्वे ऑफ मॉनिटरी एनालिस्ट्स (जून 2026) के अनुसार, मीडियम उत्तरदाता को सितंबर में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की उम्मीद थी, जिससे जमा सुविधा दर बढ़कर 2.50% हो जाएगी ।
हालांकि, सबसे बड़ा वेरिएबल तेल की कीमतों का है, जो ईरान संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से परिवहन से जुड़ा है। एक नई बढ़ोतरी काउंसिल को जुलाई में बढ़ोतरी की ओर झुका सकती है और सितंबर में बढ़ोतरी की पुष्टि कर सकती है। ऊर्जा की कीमतों में लगातार कमी जुलाई में दरों को स्थिर रख सकती है, जबकि सितंबर की संभावना बनी रहेगी ।
ECB 23 जुलाई की अपनी बैठक से पहले 'शांत अवधि' में प्रवेश कर रहा है। मुख्य डेटा पॉइंट होंगे:
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ECB की गवर्निंग काउंसिल जुलाई 2026 की बैठक में ब्याज दरों पर फैसले को लेकर बंटी हुई है। बुंडेसबैंक प्रमुख नागेल (सख्त रुख) आगे बढ़ोतरी के पक्ष में हैं, जबकि बैंक ऑफ इटली के गवर्नर पैनेटा (सतर्क रुख) इंतजार करने की वका...
ECB की गवर्निंग काउंसिल जुलाई 2026 की बैठक में ब्याज दरों पर फैसले को लेकर बंटी हुई है। बुंडेसबैंक प्रमुख नागेल (सख्त रुख) आगे बढ़ोतरी के पक्ष में हैं, जबकि बैंक ऑफ इटली के गवर्नर पैनेटा (सतर्क रुख) इंतजार करने की वका... ऑस्ट्रियाई सेंट्रल बैंक प्रमुख कोचर ने कहा है कि फैसला या तो दरें बढ़ाने या उन्हें स्थिर रखने का होगा। उन्होंने यह भी कहा कि तेल की कीमतों के दूसरे दौर के प्रभाव (Second round effects) अभी तक सामने नहीं आए हैं।
बाजार में सितंबर 2026 में एक और ब्याज दर बढ़ोतरी की 62% संभावना है, लेकिन जुलाई में इसकी संभावना सिर्फ 28% है। आखिरी फैसला तेल की कीमतों और जून के मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर निर्भर करेगा।