Drive और waveguide में होने वाली dissipation के बीच संतुलन ने क्यूबिट्स को एक entangled steady state में स्थिर किया। टीम के अनुसार, coherent quantum-absorber scheme distance-independent steady-state remote entanglement का रास्ता देती है ।
इसी शोध दिशा से जुड़े पिछले सैद्धांतिक काम ने chiral waveguide quantum electrodynamics में इस driven-dissipative remote-entanglement scheme की loss resilience का भी अध्ययन किया था ।
Johannes Fink के नेतृत्व वाली ISTA टीम ने अलग रणनीति अपनाई। उसने Josephson parametric converter से बना two-mode squeezed microwave-photon reservoir इस्तेमाल किया। यह propagating microwave fields की continuous-variable, या Gaussian, entangled अवस्था पैदा करता है ।
दो स्थानों पर रखे superconducting transmon qubits को इसी साझा squeezed reservoir से जोड़ा गया। परिणामस्वरूप क्यूबिट्स सक्रिय रूप से एक-दूसरे को नियंत्रित किए बिना एक stationary, discrete-variable entangled state में पहुंच गए ।
इस काम के निष्कर्ष 13 जुलाई 2026 को Physical Review X में “Distributing stationary qubit entanglement through a non-local squeezed reservoir” शीर्षक से प्रकाशित हुए ।
ISTA के प्रयोग ने उस सैद्धांतिक भविष्यवाणी की पुष्टि की, जो दो दशक से भी अधिक समय पहले की गई थी। इसके अनुसार, यदि दो क्यूबिट्स को correlated यानी squeezed light के साझा स्रोत से जोड़ा जाए, तो वे केवल reservoir के साथ अपनी बातचीत के जरिए एक stationary entangled state में पहुंच सकते हैं। इसके लिए सक्रिय नियंत्रण या बार-बार measurement जरूरी नहीं होना चाहिए ।
यह विचार पहले आदर्श परिस्थितियों के लिए सैद्धांतिक रूप से प्रस्तावित था। ISTA टीम ने इसे प्रयोगशाला में साकार किया ।
ISTA टीम के अनुसार, मौजूदा prototype ने bath में उपलब्ध entanglement का लगभग 10% हिस्सा क्यूबिट्स में स्थानांतरित किया । शोधकर्ताओं ने इसे proof-of-concept प्रदर्शन बताया है।
अभी active-control वाले कुछ तरीके अधिक कुशल हैं। फिर भी, इस प्रयोग का महत्व इसकी efficiency से ज्यादा इसकी autonomous और लगातार स्थिर रहने वाली प्रकृति में है—खासकर तब, जब भविष्य के क्वांटम सिस्टम में क्यूबिट्स और मॉड्यूल की संख्या बढ़ेगी।
क्वांटम प्रोसेसर को एक ही chip पर बड़ा करते जाना कठिन होता है। इसके बजाय कई छोटे quantum modules को जोड़ना एक व्यावहारिक रणनीति हो सकती है। ऐसे मॉड्यूल्स के बीच entanglement वितरित करना modular quantum computing की बुनियादी जरूरत है।
UIUC और ISTA के तरीके इस दिशा में संभावित लाभ दे सकते हैं:
फिलहाल ISTA प्रयोग में entanglement transfer लगभग 10% रहा है, इसलिए इसे तैयार व्यावसायिक समाधान नहीं कहा जा सकता। efficiency बढ़ाना, losses और noise को नियंत्रित करना तथा बड़ी संख्या में क्यूबिट्स तक इस व्यवस्था को scale करना अभी बाकी है।
फिर भी, दोनों प्रयोग एक अहम वैचारिक बदलाव दिखाते हैं: quantum systems में dissipation हमेशा दुश्मन नहीं होती। सही तरह से engineered किया गया environment दूर स्थित क्यूबिट्स के बीच entanglement को खुद स्थिर कर सकता है। अगर इसकी efficiency और scalability बेहतर होती है, तो यही विचार distributed quantum computing और भविष्य के quantum networks के लिए महत्वपूर्ण आधार बन सकता है।