पेरिस में 25 से अधिक देशों के नेताओं की बैठक में 10 देशों (डेनमार्क, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, नॉर्वे, स्पेन, स्वीडन, यूक्रेन और ब्रिटेन) ने 'इंटीग्रेटेड एंटी बैलिस्टिक मिसाइल कोएलिशन (ABC)' की स्थापना की घोषणा... फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने घोषणा की कि यूक्रेन के लिए नियोजित बहुराष्ट्रीय सेना (MNF...

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13 जुलाई 2026 को पेरिस में 'कोएलिशन ऑफ द विलिंग' (इच्छुक देशों का गठबंधन) का एक महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन हुआ। इसकी सह-अध्यक्षता फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मेर्ट्ज़ ने की, जिसमें यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की भी शामिल हुए । इस बैठक में कई ठोस सैन्य प्रतिबद्धताएँ बनीं, लेकिन एक उल्लेखनीय इनकार भी देखने को मिला।
सम्मेलन का केंद्रबिंदु इंटीग्रेटेड एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल कोएलिशन (ABC) की स्थापना रहा। दस देशों—डेनमार्क, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, नॉर्वे, स्पेन, स्वीडन, यूक्रेन और यूनाइटेड किंगडम—ने यूरोप के लिए एक साझा बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा क्षमता विकसित करने के लिए एक संयुक्त घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए ।
संस्थापक देशों ने कहा कि उनका लक्ष्य "यूरोप के लिए एक साझा बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा क्षमता का निर्माण करना" और "भविष्य के मिसाइल खतरों को रोकने और उन्हें विफल करने के लिए एक एकीकृत मिसाइल रक्षा ढाँचा तैयार करना" है । यह गठबंधन चार साल से अधिक समय से चल रहे युद्ध में रूस के खिलाफ यूक्रेन के युद्धक अनुभव का उपयोग करेगा
। घोषणा पत्र में ABC को "उन अन्य देशों के लिए खुला रखा गया है जो इसके सिद्धांतों और उद्देश्यों को साझा करते हैं"
। नाटो के महासचिव मार्क रुटे ने भी शिखर सम्मेलन में भाग लिया
।
राष्ट्रपति मैक्रॉन ने घोषणा की कि यूक्रेन के लिए नियोजित बहुराष्ट्रीय सेना (MNFU) आने वाले महीनों में यूक्रेन के पड़ोसी देशों में अपना पहला संयुक्त सैन्य अभ्यास करेगी । मैक्रॉन ने कहा कि ये अभ्यास "हमारी तैनाती योजनाओं को मान्य करने और यह प्रदर्शित करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं कि भाग लेने वाले देश जमीन, वायु और समुद्र के द्वारा कार्रवाई के लिए तैयार हैं"
। यह बल युद्धविराम के बाद ही यूक्रेनी धरती पर पूरी तरह से तैनात किया जाएगा
। मैक्रॉन ने सम्मेलन से पहले ही इन नई रक्षा पहलों और संयुक्त सैन्य अभ्यासों की जानकारी दी थी
।
फ्रांस और ब्रिटेन द्वारा शुरू किया गया 'कोएलिशन ऑफ द विलिंग' अब कम से कम 25 राष्ट्राध्यक्षों और सरकार के प्रमुखों तक विस्तारित हो गया है। पेरिस बैठक के बाद कुल गठबंधन सदस्यों की संख्या 37 हो गई । मोल्दोवा और उत्तरी मैसेडोनिया ने पहली बार भाग लिया
।
सम्मेलन के सह-अध्यक्षों के बयान में यूक्रेन को "वायु रक्षा प्रणालियों, इंटरसेप्टर मिसाइलों और लंबी दूरी की क्षमताओं की आपूर्ति बढ़ाने" पर सहमति व्यक्त की गई । बयान में रूस पर दबाव बढ़ाने के लिए प्रतिबद्धता जताई गई, जिसमें ईयू प्रतिबंधों के 21वें पैकेज की योजना भी शामिल है
।
मैक्रॉन ने यूक्रेन को 16 राफेल लड़ाकू विमानों की आपूर्ति के लिए एक रोडमैप की घोषणा की, जिसमें पहला विमान 2028-2029 तक परिचालन में आने की उम्मीद है । उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन "अगली पीढ़ी की SAMP/T बैटरियों का पहला बैच" हासिल करेगा
।
शिखर सम्मेलन ने यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटी और युद्धविराम के बाद तैनात की जा सकने वाली बहुराष्ट्रीय सेना के गठन पर चर्चा का दायरा बढ़ाया ।
बुल्गारिया एकमात्र आमंत्रित EU और NATO सदस्य देश था जिसने भाग लेने से इनकार कर दिया। प्रधानमंत्री रुमेन रादेव ने सार्वजनिक रूप से कहा कि उन्हें राष्ट्रपति मैक्रॉन से बुल्गारिया को 'कोएलिशन ऑफ द विलिंग' में शामिल होने का व्यक्तिगत निमंत्रण मिला था, लेकिन उन्होंने इसे अस्वीकार कर दिया। उन्होंने कहा, "हम उस गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं जो यूक्रेन को निरंतर वित्तीय और सैन्य सहायता देने पर जोर देता है" । इस तरह, विस्तारित गठबंधन में आमंत्रित देशों में से बुल्गारिया एकमात्र ऐसा देश रहा जो अलग हो गया।
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पेरिस में 25 से अधिक देशों के नेताओं की बैठक में 10 देशों (डेनमार्क, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, नॉर्वे, स्पेन, स्वीडन, यूक्रेन और ब्रिटेन) ने 'इंटीग्रेटेड एंटी बैलिस्टिक मिसाइल कोएलिशन (ABC)' की स्थापना की घोषणा...
पेरिस में 25 से अधिक देशों के नेताओं की बैठक में 10 देशों (डेनमार्क, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, नॉर्वे, स्पेन, स्वीडन, यूक्रेन और ब्रिटेन) ने 'इंटीग्रेटेड एंटी बैलिस्टिक मिसाइल कोएलिशन (ABC)' की स्थापना की घोषणा... फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने घोषणा की कि यूक्रेन के लिए नियोजित बहुराष्ट्रीय सेना (MNFU) आने वाले महीनों में यूक्रेन के पड़ोसी देशों में अपना पहला संयुक्त सैन्य अभ्यास करेगी [11][25]।
बुल्गारिया ने 'कोएलिशन ऑफ द विलिंग' में शामिल होने के निमंत्रण को अस्वीकार कर दिया। प्रधानमंत्री रुमेन रादेव ने कहा कि यह गठबंधन यूक्रेन को निरंतर वित्तीय और सैन्य सहायता देने पर जोर देता है, जिसमें वे शामिल नहीं होना...