इसके अलावा, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के नेतृत्व में एक और महत्वपूर्ण परीक्षण चल रहा है, जिसे PARTNERS कहा जाता है ।
यह समझना महत्वपूर्ण है कि फिलहाल बुंडिबुग्यो इबोला वायरस (ऑर्थोइबोलावायरस बुंडिबुग्योएंस) के लिए कोई स्वीकृत टीका या विशिष्ट उपचार मौजूद नहीं है । मौजूदा इबोला टीके (जैसे एर्वेबो) और एंटीबॉडी थेरेपी (जैसे इनमाज़ेब, इबांगा) केवल ज़ैरे इबोलावायरस के लिए लाइसेंस प्राप्त हैं, बुंडिबुग्यो के लिए नहीं । यही वजह है कि इन क्लिनिकल ट्रायल को इतनी जल्दी शुरू किया गया।
14 जुलाई, 2026 तक, यूरोपियन सेंटर फॉर डिजीज प्रिवेंशन एंड कंट्रोल (ECDC) के अनुसार :
17 मई, 2026 को, WHO ने बुंडिबुग्यो इबोला के प्रकोप को एक अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल (PHEIC) घोषित किया, जो इस वायरस के असामान्य स्ट्रेन, सीमा पार फैलने और इसके लिए दवाओं की कमी को देखते हुए एक बड़ा कदम था ।