इस निवेश उछाल में अमेरिकी सरकार की भूमिका भी अहम रही है।
FIA की 2026 की सप्लाई चेन रिपोर्ट से पता चलता है कि फ्यूजन कंपनियों का आपूर्ति श्रृंखला पर खर्च 2025 में 24% बढ़ा है । 75% फ्यूजन सप्लायर्स ने पिछले साल अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए निवेश किया
। इससे साफ है कि पैसा मैग्नेट, मटेरियल, हीट मैनेजमेंट और मैन्युफैक्चरिंग जैसी चीजों में भी लग रहा है
।
बाजार के अनुमानों में काफी विविधता है। ResearchAndMarkets ने फ्यूजन एनर्जी मार्केट 2025 में $288.05 बिलियन से बढ़कर 2030 तक $419.84 बिलियन होने का अनुमान लगाया है । वहीं, MarketsandMarkets का अनुमान बहुत छोटा है, जो 2026 में मार्केट को $18 बिलियन और 2031 तक $33.77 बिलियन आंकता है
। ये अनुमान काफी भिन्न हैं, इसलिए इन्हें निकट भविष्य के राजस्व के बजाय आशावाद के दिशा-सूचक के रूप में देखा जाना चाहिए।
यहां सबसे बड़ी सच्चाई यह है कि $4.48 बिलियन का आंकड़ा यह नहीं दर्शाता कि पूरा क्षेत्र मजबूत है। यह रकम कुछ मुट्ठी भर कंपनियों में केंद्रित है। अधिकांश फ्यूजन कंपनियों के सामने लंबी विकास अवधि, महंगे उपकरण, नियामक अनिश्चितता और बड़े पैमाने पर वित्तपोषण की कमी जैसी चुनौतियां हैं। रॉयटर्स ने स्पष्ट रूप से बताया कि उद्योग के प्रतिनिधियों का कहना है कि फ्यूजन को व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य बनाने के लिए अभी और अधिक फंडिंग की आवश्यकता है ।