ट्रंप के रुख में बड़ा बदलाव: इस कॉल ने यूक्रेन पर एक सीधा अमेरिका-रूस चैनल फिर से सक्रिय कर दिया, जो काफी समय से निष्क्रिय था । कॉल के बाद ट्रंप ने यह विश्वास जताया कि पुतिन "इसे समाप्त करना चाहते हैं" और उन्होंने निकट भविष्य में शांति समझौते को लेकर आशावाद दिखाना शुरू कर दिया
। यह उनके पिछले रुख से एक उल्लेखनीय बदलाव था: 2025 की शुरुआती कॉलों के बाद, ट्रंप ने कई बार रूसी स्थितियों को दोहराया था – यूक्रेन के लिए नाटो सदस्यता को "असंभव" और क्षेत्रीय वापसी को "भ्रामक" बताया था
। लेकिन जुलाई 2026 की कॉल के बाद, उनका सार्वजनिक रुख रूसी अधिकतमवादी मांगों को स्वीकार करने के बजाय सक्रिय मध्यस्थता की ओर झुक गया।
इसी दौरान, ट्रंप को सीआईए निदेशक जॉन रैटक्लिफ ने रूस के उस दावे के बारे में खुफिया आकलन से अवगत कराया कि यूक्रेन ने पुतिन के आवास पर ड्रोन हमला किया था। सीआईए को कोई सबूत नहीं मिला कि यूक्रेन ने पुतिन के किसी भी आवास पर हमला करने की कोशिश की थी, जो सीधे तौर पर रूस के आरोपों का खंडन करता है । ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से कहा कि उन्हें इस हमले पर विश्वास नहीं है: "मुझे विश्वास नहीं है कि वह हमला हुआ"
। इस खुफिया जानकारी ने ट्रंप के रूसी कथाओं के प्रति संदेह को मजबूत किया और मास्को के संस्करण को अपनाने की किसी भी प्रवृत्ति को कम किया।
ट्रंप ने पुतिन कॉल वाले दिन ही यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की से भी अलग से बात की । व्हाइट हाउस ने पुष्टि की कि यूक्रेन के साथ खुफिया जानकारी साझा करना जारी रहेगा
। दोनों नेताओं से की गई ये कॉलें – ट्रंप के इस इरादे का संकेत थीं कि वे अमेरिका को युद्धविराम का मध्यस्थ बनाना चाहते हैं, न कि कीव को छोड़ना।
ट्रंप-पुतिन कॉल में मुख्य रूप से ये विषय रहे:
ज़ेलेंस्की की टीम ने ट्रंप-पुतिन के इस सीधे चैनल को एक अवांछित घटनाक्रम के रूप में देखा, उन्हें डर था कि किसी भी बातचीत वाले समझौते में यूक्रेन को किनारे किया जा सकता है ।
36वां नाटो शिखर सम्मेलन 7-8 जुलाई, 2026 को तुर्की के अंकारा में बेस्टेप प्रेसिडेंशियल कॉम्प्लेक्स में हुआ, जिसकी अध्यक्षता महासचिव मार्क रूटे ने की । इस शिखर सम्मेलन पर ट्रंप की रक्षा खर्च, ईरान नीति और ग्रीनलैंड को लेकर मांगों के कारण तनाव का खतरा मंडरा रहा था, लेकिन अंततः कई ठोस परिणाम सामने आए
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यूक्रेन के लिए €70 बिलियन सहायता प्रतिज्ञा: नाटो सहयोगियों ने रूस के खिलाफ यूक्रेन की लड़ाई के लिए €70 बिलियन ($80 बिलियन) सहायता देने का वादा किया, जिसे शिखर सम्मेलन की घोषणा में औपचारिक रूप दिया गया । युद्ध शुरू होने के बाद से गठबंधन द्वारा यह सबसे बड़ी एकल वित्तीय प्रतिबद्धताओं में से एक है।
यूक्रेन के लिए पैट्रियट वायु रक्षा लाइसेंस: ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका यूक्रेन को घरेलू स्तर पर पैट्रियट वायु रक्षा प्रणाली बनाने का लाइसेंस देगा – यह कीव के लिए एक बड़ी जीत है, जो लंबे समय से रूसी मिसाइल हमलों का मुकाबला करने के लिए इस तकनीक की मांग कर रहा था ।
रक्षा प्रतिबद्धता का नवीनीकरण: शिखर सम्मेलन से पहले ट्रंप की सहयोगी देशों के खर्च पर आलोचना के बावजूद, नेताओं ने अनुच्छेद 5 के तहत एक-दूसरे की रक्षा करने की अपनी प्रतिज्ञा को नवीनीकृत किया ।
ट्रंप का लहजा: विस्फोट की आशंकाओं के विपरीत, ट्रंप ने बंद कमरे में हुए नेताओं के संवाद को "उस कमरे में बहुत प्यार, बहुत एकता" के रूप में वर्णित किया । उन्होंने शांति प्रगति के बारे में आशावाद दिखाया और कहा कि उनका मानना है कि पुतिन वास्तव में एक समझौता चाहते हैं
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सैन्य स्थिति: यह युद्ध चार साल से अधिक समय से जारी है । रूसी सेना पूर्वी मोर्चे पर दबाव बनाए हुए है, और यूक्रेन अभी भी वायु रक्षा प्रणालियों और पश्चिम द्वारा आपूर्ति की गई मिसाइलों पर बहुत अधिक निर्भर है। पैट्रियट निर्माण लाइसेंस यूक्रेनी बुनियादी ढांचे और शहरों पर लगातार रूसी मिसाइल और ड्रोन हमलों का सीधा जवाब है
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कूटनीतिक स्थिति:
मुख्य अनिश्चितता: शिखर सम्मेलन के समापन तक किसी भी आधिकारिक युद्धविराम या शांति वार्ता की रूपरेखा की घोषणा नहीं की गई है। स्थिति तरल बनी हुई है, ज़मीन पर लड़ाई जारी है और कूटनीति अभी भी अपने शुरुआती चरणों में है।