ईरान का जवाबी हमला: शनिवार को छह खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले, जानिए पूरा मामला
शनिवार (11 12 जुलाई 2026) को ईरान ने अमेरिकी हमलों के जवाब में छह खाड़ी देशों: जॉर्डन, बहरीन, कतर, ओमान, यूएई और कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए [3][4][13][15]। यूएई, कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान की वायु रक्षा प्रणालियां सक्रिय हो गईं और आने वाले प्रोजेक्टाइल्स को इंटरसेप्ट किया [4]। पिछले एक हमले (9 अप्रैल) में यूएई...
प्रकाशितकर्ताDeepSeek-V4-Flash से संपादितGPT Image 1.5 से चित्र बनाए गए
शनिवार (11 12 जुलाई 2026) को ईरान ने अमेरिकी हमलों के जवाब में छह खाड़ी देशों: जॉर्डन, बहरीन, कतर, ओमान, यूएई और कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए [3][4][13][15]।
यूएई, कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान की वायु रक्षा प्रणालियां सक्रिय हो गईं और आने वाले प्रोजेक्टाइल्स को इंटरसेप्ट किया [4]।
पिछले एक हमले (9 अप्रैल) में यूएई ने 17 बैलिस्टिक मिसाइलों और 35 ड्रोनों को इंटरसेप्ट किया था [2][6]। शनिवार के हमले में अलग अलग देशों के आंकड़े अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं।
हमले का सीधा कारण अमेरिका का ईरान पर तीसरा हवाई हमला था, जिसमें करीब 140 ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया था [5][7][8]। यह हमला होर्मुज जलडमरूमध्य में एक कंटेनर जहाज पर ईरानी हमले की प्रतिक्रिया में किया गया था...
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यह पूरा फ़ैक्ट-चेक किया गया विवरण उपलब्ध स्रोतों पर आधारित है। जहां जानकारी उपलब्ध नहीं है, वहां स्पष्ट रूप से बताया गया है।
शनिवार (11-12 जुलाई) का ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमला
किन देशों को निशाना बनाया गया
शनिवार, 11 जुलाई 2026 को, जब अमेरिका ने ईरान पर हमला किया, उसके कुछ ही घंटों बाद, ईरान ने छह देशों: जॉर्डन, बहरीन, कतर, ओमान, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए ।
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अपना शोध जारी रखें
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
"ईरान का जवाबी हमला: शनिवार को छह खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले, जानिए पूरा मामला" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
शनिवार (11 12 जुलाई 2026) को ईरान ने अमेरिकी हमलों के जवाब में छह खाड़ी देशों: जॉर्डन, बहरीन, कतर, ओमान, यूएई और कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए [3][4][13][15]।
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
शनिवार (11 12 जुलाई 2026) को ईरान ने अमेरिकी हमलों के जवाब में छह खाड़ी देशों: जॉर्डन, बहरीन, कतर, ओमान, यूएई और कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए [3][4][13][15]। यूएई, कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान की वायु रक्षा प्रणालियां सक्रिय हो गईं और आने वाले प्रोजेक्टाइल्स को इंटरसेप्ट किया [4]।
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
पिछले एक हमले (9 अप्रैल) में यूएई ने 17 बैलिस्टिक मिसाइलों और 35 ड्रोनों को इंटरसेप्ट किया था [2][6]। शनिवार के हमले में अलग अलग देशों के आंकड़े अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं।
ईरान का जवाबी हमला: शनिवार को छह खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले, जानिए पूरा मामला
शनिवार (11 12 जुलाई 2026) को ईरान ने अमेरिकी हमलों के जवाब में छह खाड़ी देशों: जॉर्डन, बहरीन, कतर, ओमान, यूएई और कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए [3][4][13][15]। यूएई, कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान की वायु रक्षा प्रणालियां सक्रिय हो गईं और आने वाले प्रोजेक्टाइल्स को इंटरसेप्ट किया [4]। पिछले एक हमले (9 अप्रैल) में यूएई...
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शनिवार (11 12 जुलाई 2026) को ईरान ने अमेरिकी हमलों के जवाब में छह खाड़ी देशों: जॉर्डन, बहरीन, कतर, ओमान, यूएई और कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए [3][4][13][15]।
यूएई, कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान की वायु रक्षा प्रणालियां सक्रिय हो गईं और आने वाले प्रोजेक्टाइल्स को इंटरसेप्ट किया [4]।
पिछले एक हमले (9 अप्रैल) में यूएई ने 17 बैलिस्टिक मिसाइलों और 35 ड्रोनों को इंटरसेप्ट किया था [2][6]। शनिवार के हमले में अलग अलग देशों के आंकड़े अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं।
हमले का सीधा कारण अमेरिका का ईरान पर तीसरा हवाई हमला था, जिसमें करीब 140 ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया था [5][7][8]। यह हमला होर्मुज जलडमरूमध्य में एक कंटेनर जहाज पर ईरानी हमले की प्रतिक्रिया में किया गया था...
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शनिवार (11-12 जुलाई) का ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमला
किन देशों को निशाना बनाया गया
शनिवार, 11 जुलाई 2026 को, जब अमेरिका ने ईरान पर हमला किया, उसके कुछ ही घंटों बाद, ईरान ने छह देशों: जॉर्डन, बहरीन, कतर, ओमान, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए ।
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"ईरान का जवाबी हमला: शनिवार को छह खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले, जानिए पूरा मामला" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
शनिवार (11 12 जुलाई 2026) को ईरान ने अमेरिकी हमलों के जवाब में छह खाड़ी देशों: जॉर्डन, बहरीन, कतर, ओमान, यूएई और कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए [3][4][13][15]।
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
शनिवार (11 12 जुलाई 2026) को ईरान ने अमेरिकी हमलों के जवाब में छह खाड़ी देशों: जॉर्डन, बहरीन, कतर, ओमान, यूएई और कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए [3][4][13][15]। यूएई, कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान की वायु रक्षा प्रणालियां सक्रिय हो गईं और आने वाले प्रोजेक्टाइल्स को इंटरसेप्ट किया [4]।
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
पिछले एक हमले (9 अप्रैल) में यूएई ने 17 बैलिस्टिक मिसाइलों और 35 ड्रोनों को इंटरसेप्ट किया था [2][6]। शनिवार के हमले में अलग अलग देशों के आंकड़े अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं।
रिपोर्टों से पता चलता है कि यूएई, कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान की वायु रक्षा प्रणालियां सक्रिय हो गईं और आने वाले प्रोजेक्टाइल्स पर प्रतिक्रिया दी । कुछ खास इंटरसेप्शन:
यूएई: पिछले एक हमले (9 अप्रैल) में, यूएई रक्षा मंत्रालय ने 17 बैलिस्टिक मिसाइलों और 35 ड्रोनों को इंटरसेप्ट करने की सूचना दी थी । मौजूदा स्रोतों में शनिवार के हमले में छह देशों के लिए अलग-अलग आंकड़े अभी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन हमलों के पैमाने को देखते हुए इसी तरह या उससे भारी इंटरसेप्शन का अनुमान लगाया जा सकता है।
कुवैत, कतर और बहरीन: ईरान की सेना ने पुष्टि की है कि उसने गुरुवार, 9 जुलाई को जवाबी कार्रवाई के एक अलग दौर में इन तीनों देशों में वन-वे अटैक ड्रोन से हमले किए थे । शनिवार के हमले ने इसे बढ़ाकर सभी छह देशों तक पहुंचा दिया।
हताहत और नुकसान
होर्मुज जलडमरूमध्य में एक कंटेनर जहाज पर ईरानी हमले में आग लग गई, जिसके कारण एक चालक दल का सदस्य लापता है। यह अमेरिकी हमले का तत्काल कारण बना ।
संघर्ष के पहले के चरणों में खाड़ी में नागरिक और ऊर्जा सुविधाओं के प्रभावित होने की सूचना है , लेकिन शनिवार (11-12 जुलाई) के हमलों में छह खाड़ी देशों में विशिष्ट हताहतों या क्षति के आकलन के बारे में मौजूदा स्रोतों में जानकारी नहीं है। सबूत बताते हैं कि ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों और नागरिक/ऊर्जा बुनियादी ढांचे, दोनों को निशाना बनाया ।
खाड़ी देशों की राजनयिक प्रतिक्रिया
मौजूदा स्रोतों में शनिवार के इस विशिष्ट हमले की निंदा करने वाले खाड़ी देशों के संयुक्त बयान या उद्धरण शामिल नहीं हैं। हालांकि, यह देखते हुए कि इन देशों ने अपनी वायु रक्षा प्रणालियों को सक्रिय किया (जो यह दर्शाता है कि वे प्रोजेक्टाइल्स को शत्रुतापूर्ण मानते हैं), और पिछली रिपोर्टों में खाड़ी देशों ने अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच "सभी लाल रेखाएं पार होने" की बात कही थी , यह अनुमान लगाया जा सकता है कि वे इसे एक अस्वीकार्य उकसावे के रूप में देखते हैं। 11-12 जुलाई के हमलों पर सटीक राजनयिक भाषा के लिए अतिरिक्त खोज की आवश्यकता होगी।
व्यापक संदर्भ: यह तनाव कैसे बढ़ा
1. अमेरिकी हवाई हमले: ईरान के ~140 ठिकानों पर (11 जुलाई)
ईरान की शनिवार की जवाबी कार्रवाई का सीधा कारण अमेरिकी सेना का एक बड़ा ऑपरेशन था। 11 जुलाई को, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने घोषणा की कि उसने उस सप्ताह ईरान के खिलाफ अपनी तीसरी लहर पूरी कर ली है, जिसमें लगभग 140 ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमला किया गया । इनमें मिसाइल साइटें, ड्रोन लॉन्च पोजीशन, नौसैनिक क्षमताएं और रडार/निगरानी प्रतिष्ठान शामिल थे । अमेरिका ने कहा कि ये हमले होर्मुज जलडमरूमध्य में एक वाणिज्यिक कंटेनर जहाज पर ईरानी हमले के जवाब में किए गए थे, जिसमें जहाज में आग लग गई और एक चालक दल का सदस्य लापता हो गया ।
2. होर्मुज जलडमरूमध्य का बंद होना
युद्ध शुरू होने के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य एक केंद्रीय फ़्लैशपॉइंट रहा है:
28 फरवरी 2026: IRGC ने वीएचएफ चेतावनी प्रसारित करना शुरू किया कि "किसी भी जहाज को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति नहीं है" ।
2 मार्च 2026: एक वरिष्ठ IRGC अधिकारी ने जलडमरूमध्य को बंद घोषित कर दिया और चेतावनी दी कि ईरान पार करने की कोशिश करने वाले किसी भी जहाज पर हमला करेगा ।
4 मार्च 2026: जलडमरूमध्य से यातायात लगभग ठप हो गया, जिससे दुनिया भर में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के ~20% प्रवाह में बाधा उत्पन्न हुई ।
10-11 जून 2026: ईरान ने औपचारिक रूप से पूर्ण बंदी की घोषणा की, जो सभी तेल टैंकरों और वाणिज्यिक जहाजों पर लागू हुई ।
20 जून 2026: ईरान ने फिर से बंदी की पुष्टि की, जबकि अमेरिका ने इसका खंडन किया और कहा कि जलमार्ग सुलभ है ।
2026 के दौरान जलडमरूमध्य की बंदी ईरानी जबरदस्ती की रणनीति का एक मुख्य हथियार बनी रही ।
3. इस्लामाबाद ज्ञापन (कतर-पाकिस्तान मध्यस्थता वाला युद्धविराम)
युद्ध को समाप्त करने के लिए राजनयिक ढांचा इस्लामाबाद ज्ञापन (MoU) था, जिसे मुख्य रूप से पाकिस्तान ने कतर के सह-मध्यस्थता से तैयार किया था । मुख्य बिंदु:
हस्ताक्षरित: जून 2026, जिसका उद्देश्य ईरान पर अमेरिका-इज़राइल युद्ध को समाप्त करना था ।
अनुवर्ती वार्ता (22 जून 2026): MoU के तहत पहली उच्च-स्तरीय समिति की बैठक स्विट्जरलैंड के बर्गनस्टॉक में हुई, जिसकी सह-मेजबानी कतर और पाकिस्तान ने की, और इसमें अमेरिका और ईरान दोनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया ।
परिणाम: ईरान ने UN परमाणु निरीक्षकों को वापस आने की अनुमति देने पर सहमति व्यक्त की; अमेरिका ने ईरानी तेल निर्यात पर प्रतिबंधों में ढील देने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने पर सहमति व्यक्त की ।
1 जुलाई 2026: ईरान MoU के उल्लंघनों की रिपोर्ट करने के लिए वाशिंगटन के साथ एक "संचार चैनल" खोलने पर सहमत हुआ ।
इस राजनयिक ढांचे के बावजूद, युद्धविराम नाजुक साबित हुआ। 11 जुलाई को अमेरिकी हमले और छह खाड़ी देशों के खिलाफ ईरान की जवाबी कार्रवाई इस्लामाबाद प्रक्रिया में एक बड़ा विघटन है, जो होर्मुज जलडमरूमध्य में एक वाणिज्यिक जहाज पर ईरानी हमले से शुरू हुआ ।
तनाव बढ़ने की श्रृंखला का सारांश
घटना
तारीख
विवरण
युद्ध शुरू
28 फरवरी 2026
अमेरिकी-इज़राइली हवाई युद्ध; ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद किया
इस्लामाबाद MoU पर हस्ताक्षर
13-15 जून 2026
पाकिस्तान-कतर मध्यस्थता वाला युद्धविराम ढांचा
स्विट्जरलैंड वार्ता
22 जून 2026
MoU के तहत उच्च-स्तरीय कार्यान्वयन वार्ता
ईरानी जहाज हमला
~10-11 जुलाई 2026
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में कंटेनर जहाज पर हमला किया; 1 चालक दल लापता
अमेरिकी हमला ~140 ठिकानों पर
11 जुलाई 2026
ईरानी सैन्य स्थलों पर अमेरिकी हवाई हमलों की तीसरी लहर
ईरान ने 6 खाड़ी देशों पर जवाबी हमला किया
11-12 जुलाई 2026
जॉर्डन, बहरीन, कतर, ओमान, यूएई, कुवैत पर मिसाइल/ड्रोन हमले
bbc.com
US launches new strikes on Iran after Trump vows to hit 'hard'
रिपोर्टों से पता चलता है कि यूएई, कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान की वायु रक्षा प्रणालियां सक्रिय हो गईं और आने वाले प्रोजेक्टाइल्स पर प्रतिक्रिया दी । कुछ खास इंटरसेप्शन:
यूएई: पिछले एक हमले (9 अप्रैल) में, यूएई रक्षा मंत्रालय ने 17 बैलिस्टिक मिसाइलों और 35 ड्रोनों को इंटरसेप्ट करने की सूचना दी थी । मौजूदा स्रोतों में शनिवार के हमले में छह देशों के लिए अलग-अलग आंकड़े अभी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन हमलों के पैमाने को देखते हुए इसी तरह या उससे भारी इंटरसेप्शन का अनुमान लगाया जा सकता है।
कुवैत, कतर और बहरीन: ईरान की सेना ने पुष्टि की है कि उसने गुरुवार, 9 जुलाई को जवाबी कार्रवाई के एक अलग दौर में इन तीनों देशों में वन-वे अटैक ड्रोन से हमले किए थे । शनिवार के हमले ने इसे बढ़ाकर सभी छह देशों तक पहुंचा दिया।
हताहत और नुकसान
होर्मुज जलडमरूमध्य में एक कंटेनर जहाज पर ईरानी हमले में आग लग गई, जिसके कारण एक चालक दल का सदस्य लापता है। यह अमेरिकी हमले का तत्काल कारण बना ।
संघर्ष के पहले के चरणों में खाड़ी में नागरिक और ऊर्जा सुविधाओं के प्रभावित होने की सूचना है , लेकिन शनिवार (11-12 जुलाई) के हमलों में छह खाड़ी देशों में विशिष्ट हताहतों या क्षति के आकलन के बारे में मौजूदा स्रोतों में जानकारी नहीं है। सबूत बताते हैं कि ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों और नागरिक/ऊर्जा बुनियादी ढांचे, दोनों को निशाना बनाया ।
खाड़ी देशों की राजनयिक प्रतिक्रिया
मौजूदा स्रोतों में शनिवार के इस विशिष्ट हमले की निंदा करने वाले खाड़ी देशों के संयुक्त बयान या उद्धरण शामिल नहीं हैं। हालांकि, यह देखते हुए कि इन देशों ने अपनी वायु रक्षा प्रणालियों को सक्रिय किया (जो यह दर्शाता है कि वे प्रोजेक्टाइल्स को शत्रुतापूर्ण मानते हैं), और पिछली रिपोर्टों में खाड़ी देशों ने अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच "सभी लाल रेखाएं पार होने" की बात कही थी , यह अनुमान लगाया जा सकता है कि वे इसे एक अस्वीकार्य उकसावे के रूप में देखते हैं। 11-12 जुलाई के हमलों पर सटीक राजनयिक भाषा के लिए अतिरिक्त खोज की आवश्यकता होगी।
व्यापक संदर्भ: यह तनाव कैसे बढ़ा
1. अमेरिकी हवाई हमले: ईरान के ~140 ठिकानों पर (11 जुलाई)
ईरान की शनिवार की जवाबी कार्रवाई का सीधा कारण अमेरिकी सेना का एक बड़ा ऑपरेशन था। 11 जुलाई को, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने घोषणा की कि उसने उस सप्ताह ईरान के खिलाफ अपनी तीसरी लहर पूरी कर ली है, जिसमें लगभग 140 ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमला किया गया । इनमें मिसाइल साइटें, ड्रोन लॉन्च पोजीशन, नौसैनिक क्षमताएं और रडार/निगरानी प्रतिष्ठान शामिल थे । अमेरिका ने कहा कि ये हमले होर्मुज जलडमरूमध्य में एक वाणिज्यिक कंटेनर जहाज पर ईरानी हमले के जवाब में किए गए थे, जिसमें जहाज में आग लग गई और एक चालक दल का सदस्य लापता हो गया ।
2. होर्मुज जलडमरूमध्य का बंद होना
युद्ध शुरू होने के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य एक केंद्रीय फ़्लैशपॉइंट रहा है:
28 फरवरी 2026: IRGC ने वीएचएफ चेतावनी प्रसारित करना शुरू किया कि "किसी भी जहाज को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति नहीं है" ।
2 मार्च 2026: एक वरिष्ठ IRGC अधिकारी ने जलडमरूमध्य को बंद घोषित कर दिया और चेतावनी दी कि ईरान पार करने की कोशिश करने वाले किसी भी जहाज पर हमला करेगा ।
4 मार्च 2026: जलडमरूमध्य से यातायात लगभग ठप हो गया, जिससे दुनिया भर में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के ~20% प्रवाह में बाधा उत्पन्न हुई ।
10-11 जून 2026: ईरान ने औपचारिक रूप से पूर्ण बंदी की घोषणा की, जो सभी तेल टैंकरों और वाणिज्यिक जहाजों पर लागू हुई ।
20 जून 2026: ईरान ने फिर से बंदी की पुष्टि की, जबकि अमेरिका ने इसका खंडन किया और कहा कि जलमार्ग सुलभ है ।
2026 के दौरान जलडमरूमध्य की बंदी ईरानी जबरदस्ती की रणनीति का एक मुख्य हथियार बनी रही ।
3. इस्लामाबाद ज्ञापन (कतर-पाकिस्तान मध्यस्थता वाला युद्धविराम)
युद्ध को समाप्त करने के लिए राजनयिक ढांचा इस्लामाबाद ज्ञापन (MoU) था, जिसे मुख्य रूप से पाकिस्तान ने कतर के सह-मध्यस्थता से तैयार किया था । मुख्य बिंदु:
हस्ताक्षरित: जून 2026, जिसका उद्देश्य ईरान पर अमेरिका-इज़राइल युद्ध को समाप्त करना था ।
अनुवर्ती वार्ता (22 जून 2026): MoU के तहत पहली उच्च-स्तरीय समिति की बैठक स्विट्जरलैंड के बर्गनस्टॉक में हुई, जिसकी सह-मेजबानी कतर और पाकिस्तान ने की, और इसमें अमेरिका और ईरान दोनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया ।
परिणाम: ईरान ने UN परमाणु निरीक्षकों को वापस आने की अनुमति देने पर सहमति व्यक्त की; अमेरिका ने ईरानी तेल निर्यात पर प्रतिबंधों में ढील देने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने पर सहमति व्यक्त की ।
1 जुलाई 2026: ईरान MoU के उल्लंघनों की रिपोर्ट करने के लिए वाशिंगटन के साथ एक "संचार चैनल" खोलने पर सहमत हुआ ।
इस राजनयिक ढांचे के बावजूद, युद्धविराम नाजुक साबित हुआ। 11 जुलाई को अमेरिकी हमले और छह खाड़ी देशों के खिलाफ ईरान की जवाबी कार्रवाई इस्लामाबाद प्रक्रिया में एक बड़ा विघटन है, जो होर्मुज जलडमरूमध्य में एक वाणिज्यिक जहाज पर ईरानी हमले से शुरू हुआ ।
तनाव बढ़ने की श्रृंखला का सारांश
घटना
तारीख
विवरण
युद्ध शुरू
28 फरवरी 2026
अमेरिकी-इज़राइली हवाई युद्ध; ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद किया
इस्लामाबाद MoU पर हस्ताक्षर
13-15 जून 2026
पाकिस्तान-कतर मध्यस्थता वाला युद्धविराम ढांचा
स्विट्जरलैंड वार्ता
22 जून 2026
MoU के तहत उच्च-स्तरीय कार्यान्वयन वार्ता
ईरानी जहाज हमला
~10-11 जुलाई 2026
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में कंटेनर जहाज पर हमला किया; 1 चालक दल लापता
अमेरिकी हमला ~140 ठिकानों पर
11 जुलाई 2026
ईरानी सैन्य स्थलों पर अमेरिकी हवाई हमलों की तीसरी लहर
ईरान ने 6 खाड़ी देशों पर जवाबी हमला किया
11-12 जुलाई 2026
जॉर्डन, बहरीन, कतर, ओमान, यूएई, कुवैत पर मिसाइल/ड्रोन हमले
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