होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर विवाद के कारण अमेरिका ईरान के बीच 60 दिवसीय युद्धविराम महज तीन हफ्तों में ध्वस्त हो गया। 9 10 जुलाई 2026 को अमेरिका के पाँचवें दौर के हमलों में ईरान के लगभग 90 ठिकानों को निशाना बनाया गया, जो पहले के परमाणु लक्ष्यों से आगे बढ़कर बुशहर के पास सैन्य बुनियादी ढाँचे तक विस्तारित था...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: Search & fact-check with cited sources for What triggered the collapse of the U.S.-Iran ceasefire in late June 2025, what did the fifth roun. Article summary: ## What Triggered the Collapse of the U.S.-Iran Ceasefire. Topic tags: general, news, general web, user generated, education. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers, clickbait thumbnails, icons, and tiny thumbnail layouts. Make it useful as an illustrative visual, not as factual evidence.
अमेरिका और ईरान के बीच 17 जून 2025 को हुए समझौता ज्ञापन (MOU) के तहत 60-दिवसीय युद्धविराम की शुरुआत हुई थी, लेकिन यह महज तीन हफ्तों में ही टूट गया। इसकी तात्कालिक वजह थी होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर विवाद, जहाँ से दुनिया का लगभग पाँचवाँ हिस्सा तेल गुजरता है । MOU में 'दोहरी नाकाबंदी' हटाने और व्यापारिक जहाजों की आवाजाही शुरू करने पर सहमति बनी थी, लेकिन दोनों पक्षों ने इसके कार्यान्वयन में विफलता का आरोप लगाया
। ईरान ने जलडमरूमध्य से गुजर रहे व्यापारिक जहाजों पर हमले शुरू कर दिए, जवाब में अमेरिका ने हवाई हमलों के कई दौर किए
। 8 जुलाई 2025 को नाटो शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति ट्रंप ने युद्धविराम को समाप्त घोषित करते हुए कहा, "मैं अब उनके साथ और डील नहीं करना चाहता... मेरे हिसाब से, यह खत्म हो गया है"
। उन्होंने दक्षिणी बंदरगाहों और होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी सैन्य प्रतिष्ठानों पर और अधिक हमलों को मंजूरी दी
।
9-10 जुलाई 2025 को अमेरिकी सेना के 'पाँचवें दौर' के बड़े हमलों की खबरें हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि ईरान में लगभग 90 ठिकानों पर हमले किए गए, जिनमें हवाई पट्टी और मिसाइल लॉन्चरों को निशाना बनाने की काली-सफेद फुटेज जारी की गई । ईरानी अधिकारियों ने बुशहर स्थित अपने एकमात्र परमाणु ऊर्जा संयंत्र के आसपास और देश के कई अन्य स्थानों पर विस्फोटों की सूचना दी
। पहले के हमले दक्षिणी बंदरगाहों और होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी सैन्य प्रतिष्ठानों पर केंद्रित थे
। यह पाँचवाँ दौर परमाणु स्थलों से आगे बढ़कर पारंपरिक सैन्य बुनियादी ढाँचे और बुशहर परमाणु परिसर के पास के क्षेत्रों को निशाना बनाने का संकेत देता है।
ईरान की प्रतिक्रिया तेज़ और बहुआयामी थी। ईरान ने अमेरिकी सहयोगियों कुवैत और बहरीन को निशाना बनाकर मिसाइलें दागीं, हालाँकि अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि ये मिसाइलें या तो खराब हो गईं या इंटरसेप्ट कर ली गईं । ईरान ने कतर और ओमान के माध्यम से अमेरिकी मध्यस्थों के साथ संवाद भी बंद कर दिया, जो कूटनीतिक चैनलों के टूटने का संकेत था
। ईरानी अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से अमेरिका पर बुशहर परमाणु संयंत्र के पास हमला करने का आरोप लगाया, और राज्य मीडिया ने कई प्रांतों में विस्फोटों की सूचना दी
। यह प्रतिक्रिया पिछली धमकियों के अनुरूप थी: ईरान के सर्वोच्च नेता ने जून 2025 के अंत में ही चेतावनी दी थी कि अगर अमेरिका ने फिर से ईरान पर हमला किया तो वे अमेरिकी ठिकानों पर हमला करेंगे
।
युद्धविराम के टूटने का तात्कालिक कारण होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर विवाद था, और इसकी स्थिति केंद्रीय अनसुलझा मुद्दा बनी हुई है। MOU में केवल सिद्धांत रूप में जलडमरूमध्य के माध्यम से नौवहन फिर से शुरू करने पर सहमति बनी थी, लेकिन इसमें यह स्पष्ट नहीं था कि आवाजाही का प्रबंधन और नियंत्रण कौन करेगा । 12 जुलाई को IRGC नेवी ने जलडमरूमध्य को बंद घोषित कर दिया
। जलडमरूमध्य के माध्यम से यातायात अनिश्चित बना हुआ है
।
तेल बाजारों ने तुरंत और जोरदार प्रतिक्रिया दी। जब मध्य जून में युद्धविराम पर हस्ताक्षर हुए थे, तब ब्रेंट क्रूड घटकर लगभग 79.85 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया था । जैसे ही जुलाई की शुरुआत में युद्धविराम टूटने लगा, कीमतों में एक ही दिन में लगभग 7% की उछाल आई, ब्रेंट 79.07 डॉलर पर पहुँच गया
। 9-10 जुलाई को मांग संबंधी चिंताओं के कारण कीमतों में करीब 2% की गिरावट आई
। हालाँकि, अंतर्निहित संवेदनशीलता बनी रही: ब्रेंट 8 जुलाई को संक्षिप्त रूप से 80 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुँच गया था
। NPR और Politico दोनों ने रिपोर्ट किया कि इस पतन ने वैश्विक बाजारों में "नई अनिश्चितता" भर दी
। अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने चेतावनी दी कि लड़ाई की वापसी से वैश्विक ऊर्जा संकट बढ़ सकता है
।
MOU प्रभावी रूप से समाप्त हो चुका है। ट्रंप ने 8 जुलाई को इसे खत्म घोषित कर दिया । किसी भी नए युद्धविराम ढाँचे का प्रस्ताव नहीं किया गया है
। इस पतन के साथ ही ईरानी तेल पर प्रतिबंधों की अस्थायी छूट भी वापस ले ली गई
।
युद्धविराम के इस तेजी से पतन ने 17 जून के MOU की एक गंभीर खामी को उजागर किया: इसने शत्रुता समाप्त करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का ढाँचा तो स्थापित किया, लेकिन सबसे विवादास्पद मुद्दा — जलडमरूमध्य को कौन नियंत्रित करेगा — अनसुलझा छोड़ दिया । रॉयटर्स के विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक ऊर्जा बाजारों के लिए इस पतन का मतलब है कि खाड़ी के निर्बाध तेल प्रवाह का युग समाप्त हो गया है
।
Studio Global AI
Use this topic as a starting point for a fresh source-backed answer, then compare citations before you share it.
होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर विवाद के कारण अमेरिका ईरान के बीच 60 दिवसीय युद्धविराम महज तीन हफ्तों में ध्वस्त हो गया।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर विवाद के कारण अमेरिका ईरान के बीच 60 दिवसीय युद्धविराम महज तीन हफ्तों में ध्वस्त हो गया। 9 10 जुलाई 2026 को अमेरिका के पाँचवें दौर के हमलों में ईरान के लगभग 90 ठिकानों को निशाना बनाया गया, जो पहले के परमाणु लक्ष्यों से आगे बढ़कर बुशहर के पास सैन्य बुनियादी ढाँचे तक विस्तारित था।
तेल की कीमतों में तीव्र उछाल: ब्रेंट क्रूड 8 जुलाई को 80 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया, हालांकि बाद में मांग संबंधी चिंताओं के चलते यह 76 77 डॉलर पर आ गया।