व्यापक स्तर पर, SK ग्रुप के चेयरमैन चे ताए-वोन (क्वाक के वरिष्ठ) ने मार्च और जून 2026 में बार-बार चेतावनी दी कि वैश्विक मेमोरी की कमी 2030 तक बनी रहेगी, और तेज मूल्य वृद्धि AI इकोसिस्टम के दीर्घकालिक विकास को नुकसान पहुंचा सकती है । SK हाइनिक्स ने घोषणा की कि वह पांच वर्षों में वेफर क्षमता दोगुनी करेगा और नए चिप संयंत्रों में 100 ट्रिलियन वॉन ($64.38 बिलियन) का निवेश करेगा, जिसमें 2029 तक 80 ट्रिलियन वॉन ($51.46 बिलियन) का एक NAND फैब शामिल है ।
तीनों CEO मानते हैं कि मेमोरी की कमी संरचनात्मक (स्ट्रक्चरल) है, न कि चक्रीय - और यह वर्षों तक चलेगी।
| कार्यकारी | मुख्य चेतावनियाँ (2026) |
|---|---|
| जेन्सेन हुआंग (Nvidia) | "पूरे उद्योग की आपूर्ति श्रृंखला - वेफर्स से लेकर पैकेजिंग तक, सिलिकॉन फोटोनिक्स तक - मांग इतनी अधिक होने के कारण हर चीज की कमी है। यह कई वर्षों तक बनी रहेगी।" यह बाधा संरचनात्मक है, न कि कोई इन्वेंट्री सुधार । |
| संजय मेहरोत्रा (Micron) | यह कमी "2026 के बाद भी" और "2027 के बाद भी" जारी रहेगी, क्योंकि "उद्योग को नई ग्रीनफील्ड क्षमता (नए क्लीन रूम) की आवश्यकता है", जिसे बनने में वर्षों लग जाते हैं । |
| क्वाक नोह-जुंग / चे ताए-वोन (SK हाइनिक्स) | मेमोरी की कमी 2030 तक बनी रहने की उम्मीद है; भारी क्षमता विस्तार के बावजूद आपूर्ति मांग को पूरी तरह से संतुष्ट नहीं कर पाएगी । |
सामान्य विषय: तीनों का कहना है कि यह कमी आपूर्ति-पक्ष की संरचनात्मक है, जो नए फैब्रिकेशन प्लांटों के लिए कई वर्षों की लीड टाइम और AI की अतृप्त मांग के कारण है, और यह जल्दी खत्म नहीं होगी।
9 जुलाई, 2026 को, Micron ने अपने अमेरिकी निवेश कार्यक्रम में एक बड़ी तेजी की घोषणा की :
कई परस्पर जुड़े कारकों ने एक ऐसी कमी पैदा की है जिसे अधिकांश अधिकारी 2030 से आगे भी जारी देख रहे हैं:
व्यापक स्तर पर, SK ग्रुप के चेयरमैन चे ताए-वोन (क्वाक के वरिष्ठ) ने मार्च और जून 2026 में बार-बार चेतावनी दी कि वैश्विक मेमोरी की कमी 2030 तक बनी रहेगी, और तेज मूल्य वृद्धि AI इकोसिस्टम के दीर्घकालिक विकास को नुकसान पहुंचा सकती है । SK हाइनिक्स ने घोषणा की कि वह पांच वर्षों में वेफर क्षमता दोगुनी करेगा और नए चिप संयंत्रों में 100 ट्रिलियन वॉन ($64.38 बिलियन) का निवेश करेगा, जिसमें 2029 तक 80 ट्रिलियन वॉन ($51.46 बिलियन) का एक NAND फैब शामिल है ।
तीनों CEO मानते हैं कि मेमोरी की कमी संरचनात्मक (स्ट्रक्चरल) है, न कि चक्रीय - और यह वर्षों तक चलेगी।
| कार्यकारी | मुख्य चेतावनियाँ (2026) |
|---|---|
| जेन्सेन हुआंग (Nvidia) | "पूरे उद्योग की आपूर्ति श्रृंखला - वेफर्स से लेकर पैकेजिंग तक, सिलिकॉन फोटोनिक्स तक - मांग इतनी अधिक होने के कारण हर चीज की कमी है। यह कई वर्षों तक बनी रहेगी।" यह बाधा संरचनात्मक है, न कि कोई इन्वेंट्री सुधार । |
| संजय मेहरोत्रा (Micron) | यह कमी "2026 के बाद भी" और "2027 के बाद भी" जारी रहेगी, क्योंकि "उद्योग को नई ग्रीनफील्ड क्षमता (नए क्लीन रूम) की आवश्यकता है", जिसे बनने में वर्षों लग जाते हैं । |
| क्वाक नोह-जुंग / चे ताए-वोन (SK हाइनिक्स) | मेमोरी की कमी 2030 तक बनी रहने की उम्मीद है; भारी क्षमता विस्तार के बावजूद आपूर्ति मांग को पूरी तरह से संतुष्ट नहीं कर पाएगी । |
सामान्य विषय: तीनों का कहना है कि यह कमी आपूर्ति-पक्ष की संरचनात्मक है, जो नए फैब्रिकेशन प्लांटों के लिए कई वर्षों की लीड टाइम और AI की अतृप्त मांग के कारण है, और यह जल्दी खत्म नहीं होगी।
9 जुलाई, 2026 को, Micron ने अपने अमेरिकी निवेश कार्यक्रम में एक बड़ी तेजी की घोषणा की :
कई परस्पर जुड़े कारकों ने एक ऐसी कमी पैदा की है जिसे अधिकांश अधिकारी 2030 से आगे भी जारी देख रहे हैं: