2026 में IEA के पूर्वानुमानों और रूस के वास्तविक उत्पादन के बीच का अंतर काफी बढ़ गया:
IEA का जून 2026 का मासिक तेल बाजार रिपोर्ट अभी भी लगभग 10.3 मिलियन bpd का पूर्ण-वर्ष पूर्वानुमान दिखाता था, लेकिन मई का वास्तविक उत्पादन 8.7 मिलियन bpd इस स्तर से काफी नीचे था - जो दर्शाता है कि और नीचे की ओर संशोधन की आवश्यकता थी । रूस के अपने अर्थव्यवस्था मंत्रालय ने भी मई 2026 में 2026-2029 के लिए तेल और गैस उत्पादन एवं निर्यात के पूर्वानुमानों को नीचे की ओर संशोधित किया
।
ड्रोन हमलों से हुई भौतिक क्षति ने रूस के तेल क्षेत्र में व्यापक प्रभाव पैदा किए:
एक अप्रत्याशित पैटर्न उभरा: जैसे-जैसे रूस का उत्पादन गिरा, कच्चे तेल का निर्यात वास्तव में बढ़ गया - क्योंकि क्षतिग्रस्त रिफाइनरियां तेल को प्रोसेस नहीं कर पा रही थीं, जिससे मास्को को अधिक कच्चा तेल विदेश भेजने के लिए मजबूर होना पड़ा । लेकिन कुल निर्यात की कहानी अधिक जटिल थी:
जहां रूसी आपूर्ति बाधित हो रही थी, वहीं वैश्विक तेल मांग में नाटकीय उलटफेर हुआ। 2026 के लिए IEA के मांग पूर्वानुमानों को ईरान-अमेरिका संघर्ष, उच्च कीमतों और ईंधन राशनिंग के कारण लगातार कम किया गया:
IEA द्वारा रूसी उत्पादन पूर्वानुमानों में कटौती कोई जुलाई की एक घटना नहीं थी, बल्कि 2026 की अपनी मासिक रिपोर्टों में एक क्रमिक कटौती थी, जो हर बार बिगड़ते ड्रोन नुकसान से प्रेरित थी। 2026 के मध्य की तस्वीर दिखाती है:
सबसे आधिकारिक स्रोत - IEA की मासिक तेल बाजार रिपोर्ट (रॉयटर्स, सीएनबीसी और आर्गस मीडिया द्वारा कवर), रूस के अपने अर्थव्यवस्था मंत्रालय के दस्तावेज और उद्योग स्रोतों के वास्तविक समय के डेटा - सभी एक ही कहानी पर सहमत हैं: यूक्रेन के लगातार ड्रोन हमले रूस के उत्पादन को लक्ष्य से नीचे ले जाने और IEA को अपने पूर्वानुमानों को लगातार कम करने के लिए मजबूर करने वाला सबसे बड़ा कारक थे।