राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 8 जुलाई को अंकारा, तुर्की में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान अंतरिम युद्धविराम को 'खत्म' घोषित कर दिया। उन्होंने ईरान के साथ बातचीत को 'समय की बर्बादी' बताया और ईरानी नेताओं को 'बीमार लोग' कहा । उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका एक और रात के हमलों की तैयारी कर रहा है ।
8 जुलाई की सुबह, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया । कुवैत, बहरीन और कतर में गुरुवार (9 जुलाई) की सुबह मिसाइल हमले की चेतावनी वाले सायरन बज उठे । ईरान ने इसे अमेरिकी हमलों का सीधा जवाब बताया ।
एक अमेरिकी अधिकारी ने अमेरिकी प्रतिष्ठानों पर हमलों की पुष्टि की, लेकिन कहा कि अमेरिकी हताहतों की कोई खबर नहीं है ।
तेल की कीमतों में भारी उछाल आया:
| तारीख | घटना |
|---|---|
| 28 फरवरी, 2026 | अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर समन्वित हमले किए । |
| 8 अप्रैल, 2026 | 14 दिनों के लिए सशर्त युद्धविराम पर सहमति; होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खुला । |
| 11 जून, 2026 | ट्रंप ने बातचीत में प्रगति का हवाला देते हुए योजनाबद्ध हमले रद्द किए । |
| 15 जून, 2026 | अमेरिका और ईरान शांति समझौते की समयसीमा पर सहमत; होर्मुज जलडमरूमध्य में परिचालन फिर से शुरू । |
| 27 जून, 2026 | होर्मुज में एक टैंकर पर हमला; अमेरिका ने नए हमले किए; ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की । |
| 7 जुलाई, 2026 | ईरान ने होर्मुज में तीन वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाया; अमेरिका ने 80 से अधिक ईरानी ठिकानों पर हमला किया । |
| 8 जुलाई, 2026 | ट्रंप ने नाटो शिखर सम्मेलन में युद्धविराम खत्म घोषित किया; अमेरिकी हमलों का दूसरा दौर शुरू; ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागीं । |
इस पूरी अवधि में मुख्य कमज़ोरी यह रही कि हर युद्धविराम या अंतरिम समझौता कुछ ही हफ्तों में टूट गया। होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक शिपिंग ही इस नए सिरे से शुरू हुई शत्रुता का ट्रिगर और लक्ष्य दोनों बन गई।