बदलाव (2026 की शुरुआत-मध्य): फरवरी 2026 तक, ओ'नील ने इस बहस को फिर से खोल दिया। उन्होंने कहा कि हाल के भू-राजनीतिक बदलावों ने संभावनाएं बढ़ा दी हैं । जुलाई 2026 में, उन्होंने रॉयटर्स को स्पष्ट रूप से बताया कि BRICS के डॉलर के विकल्प अब 'कल्पना' नहीं हैं, हालांकि समूह का आउटपुट अभी भी प्रतीकों से भरा है, ठोस नीति से नहीं ।
बदलाव के कारण:
क्या नहीं बदला: ओ'नील अब भी मानते हैं कि चीन BRICS का अपरिहार्य केंद्र है, और भारत के साथ उसकी प्रतिबद्धता के बिना डी-डॉलरीकरण का एजेंडा अटक जाता है ।
BRICS एक बहुस्तरीय, डॉलर-स्वतंत्र भुगतान इकोसिस्टम बना रहा है। मुख्य घटक इस प्रकार हैं:
| परत (Layer) | यह क्या है? | स्थिति |
|---|---|---|
| BRICS Pay | एक ब्लॉकचेन-आधारित क्रॉस-बॉर्डर भुगतान प्लेटफॉर्म, जो स्थानीय मुद्राओं में लेन-देन को सक्षम बनाता है और प्रति सेकंड 20,000 लेन-देन प्रोसेस कर सकता है । | 2025 में परीक्षण, मई 2026 तक आधिकारिक लॉन्च । |
| CBDC इंटरकनेक्शन | भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने सभी BRICS देशों के सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) को एक इंटरऑपरेबल नेटवर्क से जोड़ने का प्रस्ताव दिया है । | जनवरी 2026 में प्रस्तावित; 2026 शिखर सम्मेलन (भारत की मेजबानी) में शीर्ष एजेंडा । |
| 'यूनिट' डिजिटल एसेट | 40% सोने और 60% BRICS मुद्राओं की टोकरी पर आधारित एक डिजिटल सेटलमेंट टोकन । | अभी प्रस्ताव चरण में; आंतरिक मतभेद । |
| स्थानीय मुद्रा व्यापार | सदस्य देशों के बीच द्विपक्षीय समझौते, जैसे चीन-रूस (युआन-रूबल), भारत-यूएई (रुपया-दिरहम) । | बढ़ रहा है, लेकिन कुल BRICS व्यापार में हिस्सेदारी अभी छोटी। |
रणनीतिक लक्ष्य SWIFT और डॉलर-आधारित क्लियरिंग दोनों को दरकिनार करते हुए एक भुगतान संदेश और सेटलमेंट सिस्टम बनाना है । 2024 के कज़ान शिखर सम्मेलन की घोषणा ने स्पष्ट रूप से ऐसे विकल्पों का समर्थन किया था ।
डोनाल्ड ट्रंप ने BRICS देशों को डी-डॉलरीकरण से रोकने के लिए बार-बार कड़ी चेतावनी दी है:
संक्षेप में: ओ'नील अब BRICS के डॉलर विकल्पों को 'कल्पना' नहीं मानते। भुगतान का बुनियादी ढांचा (BRICS Pay, CBDC लिंक, स्थानीय मुद्रा व्यापार) बन रहा है। लेकिन गहरे आंतरिक मतभेद, ट्रंप के टैरिफ की धमकी और डॉलर के दबदबे के कारण प्रतीकात्मक महत्वाकांक्षा और ठोस परिणाम के बीच की खाई अभी भी बहुत बड़ी है ।