बदलाव के कारण:
क्या नहीं बदला: ओ'नील अब भी मानते हैं कि चीन BRICS का अपरिहार्य केंद्र है, और भारत के साथ उसकी प्रतिबद्धता के बिना डी-डॉलरीकरण का एजेंडा अटक जाता है ।
BRICS एक बहुस्तरीय, डॉलर-स्वतंत्र भुगतान इकोसिस्टम बना रहा है। मुख्य घटक इस प्रकार हैं:
रणनीतिक लक्ष्य SWIFT और डॉलर-आधारित क्लियरिंग दोनों को दरकिनार करते हुए एक भुगतान संदेश और सेटलमेंट सिस्टम बनाना है । 2024 के कज़ान शिखर सम्मेलन की घोषणा ने स्पष्ट रूप से ऐसे विकल्पों का समर्थन किया था
।
डोनाल्ड ट्रंप ने BRICS देशों को डी-डॉलरीकरण से रोकने के लिए बार-बार कड़ी चेतावनी दी है:
संक्षेप में: ओ'नील अब BRICS के डॉलर विकल्पों को 'कल्पना' नहीं मानते। भुगतान का बुनियादी ढांचा (BRICS Pay, CBDC लिंक, स्थानीय मुद्रा व्यापार) बन रहा है। लेकिन गहरे आंतरिक मतभेद, ट्रंप के टैरिफ की धमकी और डॉलर के दबदबे के कारण प्रतीकात्मक महत्वाकांक्षा और ठोस परिणाम के बीच की खाई अभी भी बहुत बड़ी है ।