राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की इस हमले के तुरंत बाद 7-8 जुलाई 2026 को अंकारा में NATO शिखर सम्मेलन में गए, जहाँ उन्होंने कई तत्काल माँगें रखीं:
1. तुरंत अधिक पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम और इंटरसेप्टर — ज़ेलेंस्की ने अमेरिका और यूरोपीय सहयोगियों से अतिरिक्त पैट्रियट बैटरियाँ और PAC-3 इंटरसेप्टर देने की अपील की। उन्होंने कहा कि "अपर्याप्त आपूर्ति" के कारण कीव बैलिस्टिक हमलों के सामने असुरक्षित है
2. जर्मनी के साथ मिसाइल-एक्सचेंज समझौता — यूक्रेन ने एक सौदा प्रस्तावित किया जिसमें जर्मनी अपने वर्तमान पैट्रियट मिसाइल स्टॉक अब देगा, बदले में यूक्रेन अपने रक्षा उद्योग से भविष्य में इंटरसेप्टर का उत्पादन करेगा। इसके लिए शिखर सम्मेलन में जर्मनी से निर्णय की आवश्यकता थी
3. "एंटी-बैलिस्टिक गठबंधन" की स्थापना — ज़ेलेंस्की ने NATO से बैलिस्टिक मिसाइल रोधी प्रणालियों की आपूर्ति और उत्पादन के लिए समर्पित एक औपचारिक गठबंधन बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यूरोप को "आज ही किफायती, बड़े पैमाने पर उत्पादित एंटी-बैलिस्टिक सिस्टम की ज़रूरत है"
4. सहयोगियों से बढ़ा हुआ औद्योगिक उत्पादन — ज़ेलेंस्की ने सहयोगियों से इंटरसेप्टर मिसाइलों का उत्पादन बढ़ाने का दबाव डाला और इसे "बेतुका" बताया कि आधुनिक युग में नागरिक जीवन की रक्षा के लिए उत्पादन नहीं बढ़ाया गया
5. शिखर सम्मेलन का केंद्रीय परिणाम: एयर डिफेंस — शिखर सम्मेलन से पहले और उसके दौरान, ज़ेलेंस्की ने कहा कि ठोस एयर डिफेंस प्रतिबद्धताएँ अंकारा शिखर सम्मेलन के मुख्य नतीजों में से एक होनी चाहिए। उन्होंने कहा, "यह — एयर डिफेंस — मुख्य परिणामों में से एक होना चाहिए, अगर गठबंधन अभी भी अपने सहयोगियों के लिए कुछ मायने रखता है"