यह कैटलॉग अपने पूर्ववर्तियों की तुलना में कहीं अधिक गहरा और विस्तृत है। पिछले SPTpol-500d कैटलॉग में 689 उम्मीदवार थे, जिनमें से लगभग 21% बहुत दूर (z > 1) थे। यह नया SPT-3G कैटलॉग और भी छोटे द्रव्यमान वाले और उससे भी अधिक दूरी पर स्थित समूहों को खोजने में सक्षम है । हालांकि इस सूची के लिए 'नए खोजे गए' समूहों का सटीक प्रतिशत अभी प्रकाशित नहीं हुआ है, लेकिन इसने दक्षिणी ध्रुव दूरबीन से ज्ञात SZ-चयनित समूहों की संख्या को लगभग तीन गुना कर दिया है ।
एक साथी शोधपत्र के अनुसार, ξ = 4 के महत्व स्तर (सिग्निफिकेंस थ्रेशोल्ड) पर 8,892 आकाशगंगा समूह उम्मीदवारों का एक नमूना मिला है, जिसकी शुद्धता 82% से अधिक होने की उम्मीद है ।
SPT-3G आकाशगंगा समूहों की पहचान एक अनोखी तकनीक से करता है। यह तीन मिलीमीटर-तरंग बैंड (95, 150 और 220 GHz) में आकाश का नक्शा बनाता है । यहां 'थर्मल सन्याएव-ज़ेल्डोविच (tSZ) प्रभाव' नामक घटना काम करती है। जब ब्रह्मांड की शुरुआत से बची हुई रोशनी (कॉस्मिक माइक्रोवेव बैकग्राउंड या CMB) आकाशगंगा समूहों की गर्म गैसों (इंट्राक्लस्टर मीडियम) से टकराती है, तो इसकी ऊर्जा में थोड़ा बदलाव आता है। इसे ही SZ प्रभाव कहते हैं ।
SPT-3G अलग-अलग तरंगदैर्ध्य पर इन मानचित्रों की तुलना करके CMB और अन्य पृष्ठभूमि से इस अनूठे SZ सिग्नेचर को अलग कर लेता है। इस तरह से वह 'कॉम्पटन-y' मानचित्र बनाता है, जिसमें से आकाशगंगा समूहों के उम्मीदवार स्पष्ट रूप से उभर कर आते हैं ।
यह सूची ब्रह्मांड के सबसे बड़े रहस्यों को सुलझाने का एक शक्तिशाली औज़ार है: