फ्रांस के एवियन-ले-बैंस में G7 शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप और मेलोनी की एक करीबी, मुस्कुराते हुए बातचीत की तस्वीर ली गई। इटली के प्रधानमंत्री कार्यालय ने 17 जून, 2026 को इस तस्वीर को संबंधों के प्रतीकात्मक रूप से बहाल होने के संकेत के रूप में जारी किया । दो दिन बाद, इतालवी टीवी चैनल LA7 को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने दावा किया कि मेलोनी ने 'मुझ से फोटो खिंचवाने की भीख माँगी। वह मेरे साथ फोटो चाहती थीं। मैं नहीं खिंचवाता, लेकिन मुझे उन पर तरस आ गया' । BBC और AP सहित कई मीडिया आउटलेट्स ने ट्रंप के इस दावे को सार्वजनिक विवाद का तत्काल कारण बताया ।
मेलोनी का इनकार: मेलोनी ने 19 जून को एक वीडियो जारी कर ट्रंप के दावे को 'पूरी तरह मनगढ़ंत' बताया और कहा, 'मैं और इटली कभी भीख नहीं माँगते' । इतालवी सरकार ने उनके पीछे एकजुटता दिखाई और कई मंत्रियों ने सार्वजनिक रूप से उनका समर्थन किया ।
इटली ने वाशिंगटन दौरा रद्द किया: इटली के विदेश मंत्री (और उप प्रधानमंत्री) एंटोनियो ताजानी ने 21-22 जून के लिए निर्धारित अपना वाशिंगटन दौरा अचानक रद्द कर दिया। उन्होंने ट्रंप की टिप्पणियों को 'गंभीर और अपमानजनक' बताते हुए कहा कि इसने 'पूरे इटली का अपमान किया है' । इस रद्दीकरण को एक लंबे समय के अमेरिकी सहयोगी की ओर से एक तीखी कूटनीतिक फटकार के रूप में देखा गया ।
ट्रंप का पलटवार: ट्रंप ने फिर से दावा किया कि मेलोनी ने ही फोटो के लिए कहा था, और 20 जून को Truth Social पर एक पोस्ट में इटली पर ईरान के खिलाफ अमेरिकी अभियानों के लिए रनवे एक्सेस देने से इनकार करने का भी आरोप लगाया ।
NATO रक्षा खर्च विवाद: 24 जून को NATO महासचिव मार्क रूटे ने कहा कि इटली ने अपनी रक्षा खर्च प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं किया है। इटली के रक्षा मंत्री ने सार्वजनिक रूप से इन टिप्पणियों का खंडन किया, जिससे तनाव की एक और परत जुड़ गई ।
6 जुलाई, 2026 को — अंकारा, तुर्की में 7-8 जुलाई के NATO शिखर सम्मेलन से एक दिन पहले — ट्रंप ने Truth Social पर एक मीम पोस्ट किया, जिसमें मेलोनी के साथ अपनी एक तस्वीर पर 'RESTRAINING ORDER NEEDED' (निरोधक आदेश ज़रूरी) कैप्शन लिखा था, जिसका अर्थ था कि वह मेलोनी का पीछा करते-करते थक गए हैं । ट्रंप ने मेलोनी की मजाक के साथ बराक ओबामा और मिशेल ओबामा से जुड़ी एक छेड़छाड़ की गई तस्वीर भी पोस्ट की । फोर्ब्स, आयरिश टाइम्स और NDTV ने इसे ट्रंप द्वारा ठीक उस समय विवाद को 'फिर से हवा देना' बताया जब दोनों नेता शिखर सम्मेलन में आमने-सामने मिलने वाले थे ।
उपलब्ध साक्ष्यों से स्पष्ट संकेत मिलता है कि यह विवाद NATO के अहम कार्यों को प्रभावित कर सकता है:
कई मीडिया आउटलेट्स ने इस विवाद को 'कूटनीतिक आग' और 'संकट' करार दिया है, जो 'एक महत्वपूर्ण NATO शिखर सम्मेलन से पहले ट्रान्साटलांटिक गठबंधन को नुकसान पहुँचाने' की धमकी देता है । संभावना है कि रक्षा प्रतिबद्धताओं, यूक्रेन को हथियारों की बिक्री और रूस के प्रति रणनीति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर शिखर सम्मेलन का वास्तविक काम अमेरिकी राष्ट्रपति और इतालवी प्रधानमंत्री के बीच निजी नाटक की वजह से छाया में रह सकता है।
यह विवाद अप्रैल 2026 में ट्रंप के गुस्से से शुरू हुआ, जब मेलोनी ने उनकी ईरान नीति का समर्थन करने से इनकार कर दिया। फिर यह जून में तब भड़क गया जब ट्रंप ने दावा किया कि मेलोनी ने G7 फोटो के लिए 'भीख मांगी' — एक ऐसा दावा जिसे मेलोनी और इतालवी सरकार ने जोरदार तरीके से खारिज कर दिया। ताजानी की अमेरिका यात्रा रद्द होना और अंकारा शिखर सम्मेलन की पूर्व संध्या पर ट्रंप का 'रेस्ट्रेनिंग ऑर्डर' मीम ने एक कूटनीतिक संकट पैदा कर दिया है, जो शिखर सम्मेलन के एजेंडे — रक्षा खर्च, हथियार सौदे और यूक्रेन समर्थन — को भी अपनी चपेट में ले सकता है।
फ्रांस के एवियन-ले-बैंस में G7 शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप और मेलोनी की एक करीबी, मुस्कुराते हुए बातचीत की तस्वीर ली गई। इटली के प्रधानमंत्री कार्यालय ने 17 जून, 2026 को इस तस्वीर को संबंधों के प्रतीकात्मक रूप से बहाल होने के संकेत के रूप में जारी किया । दो दिन बाद, इतालवी टीवी चैनल LA7 को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने दावा किया कि मेलोनी ने 'मुझ से फोटो खिंचवाने की भीख माँगी। वह मेरे साथ फोटो चाहती थीं। मैं नहीं खिंचवाता, लेकिन मुझे उन पर तरस आ गया' । BBC और AP सहित कई मीडिया आउटलेट्स ने ट्रंप के इस दावे को सार्वजनिक विवाद का तत्काल कारण बताया ।
मेलोनी का इनकार: मेलोनी ने 19 जून को एक वीडियो जारी कर ट्रंप के दावे को 'पूरी तरह मनगढ़ंत' बताया और कहा, 'मैं और इटली कभी भीख नहीं माँगते' । इतालवी सरकार ने उनके पीछे एकजुटता दिखाई और कई मंत्रियों ने सार्वजनिक रूप से उनका समर्थन किया ।
इटली ने वाशिंगटन दौरा रद्द किया: इटली के विदेश मंत्री (और उप प्रधानमंत्री) एंटोनियो ताजानी ने 21-22 जून के लिए निर्धारित अपना वाशिंगटन दौरा अचानक रद्द कर दिया। उन्होंने ट्रंप की टिप्पणियों को 'गंभीर और अपमानजनक' बताते हुए कहा कि इसने 'पूरे इटली का अपमान किया है' । इस रद्दीकरण को एक लंबे समय के अमेरिकी सहयोगी की ओर से एक तीखी कूटनीतिक फटकार के रूप में देखा गया ।
ट्रंप का पलटवार: ट्रंप ने फिर से दावा किया कि मेलोनी ने ही फोटो के लिए कहा था, और 20 जून को Truth Social पर एक पोस्ट में इटली पर ईरान के खिलाफ अमेरिकी अभियानों के लिए रनवे एक्सेस देने से इनकार करने का भी आरोप लगाया ।
NATO रक्षा खर्च विवाद: 24 जून को NATO महासचिव मार्क रूटे ने कहा कि इटली ने अपनी रक्षा खर्च प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं किया है। इटली के रक्षा मंत्री ने सार्वजनिक रूप से इन टिप्पणियों का खंडन किया, जिससे तनाव की एक और परत जुड़ गई ।
6 जुलाई, 2026 को — अंकारा, तुर्की में 7-8 जुलाई के NATO शिखर सम्मेलन से एक दिन पहले — ट्रंप ने Truth Social पर एक मीम पोस्ट किया, जिसमें मेलोनी के साथ अपनी एक तस्वीर पर 'RESTRAINING ORDER NEEDED' (निरोधक आदेश ज़रूरी) कैप्शन लिखा था, जिसका अर्थ था कि वह मेलोनी का पीछा करते-करते थक गए हैं । ट्रंप ने मेलोनी की मजाक के साथ बराक ओबामा और मिशेल ओबामा से जुड़ी एक छेड़छाड़ की गई तस्वीर भी पोस्ट की । फोर्ब्स, आयरिश टाइम्स और NDTV ने इसे ट्रंप द्वारा ठीक उस समय विवाद को 'फिर से हवा देना' बताया जब दोनों नेता शिखर सम्मेलन में आमने-सामने मिलने वाले थे ।
उपलब्ध साक्ष्यों से स्पष्ट संकेत मिलता है कि यह विवाद NATO के अहम कार्यों को प्रभावित कर सकता है:
कई मीडिया आउटलेट्स ने इस विवाद को 'कूटनीतिक आग' और 'संकट' करार दिया है, जो 'एक महत्वपूर्ण NATO शिखर सम्मेलन से पहले ट्रान्साटलांटिक गठबंधन को नुकसान पहुँचाने' की धमकी देता है । संभावना है कि रक्षा प्रतिबद्धताओं, यूक्रेन को हथियारों की बिक्री और रूस के प्रति रणनीति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर शिखर सम्मेलन का वास्तविक काम अमेरिकी राष्ट्रपति और इतालवी प्रधानमंत्री के बीच निजी नाटक की वजह से छाया में रह सकता है।
यह विवाद अप्रैल 2026 में ट्रंप के गुस्से से शुरू हुआ, जब मेलोनी ने उनकी ईरान नीति का समर्थन करने से इनकार कर दिया। फिर यह जून में तब भड़क गया जब ट्रंप ने दावा किया कि मेलोनी ने G7 फोटो के लिए 'भीख मांगी' — एक ऐसा दावा जिसे मेलोनी और इतालवी सरकार ने जोरदार तरीके से खारिज कर दिया। ताजानी की अमेरिका यात्रा रद्द होना और अंकारा शिखर सम्मेलन की पूर्व संध्या पर ट्रंप का 'रेस्ट्रेनिंग ऑर्डर' मीम ने एक कूटनीतिक संकट पैदा कर दिया है, जो शिखर सम्मेलन के एजेंडे — रक्षा खर्च, हथियार सौदे और यूक्रेन समर्थन — को भी अपनी चपेट में ले सकता है।