सबसे प्रत्यक्ष ट्रिगर 17 जून को फेडरल रिजर्व की FOMC बैठक थी, जिसकी अध्यक्षता नवनियुक्त अध्यक्ष केविन वॉर्श ने की। मार्च में 3.4% के अनुमान की तुलना में साल के अंत तक ब्याज दर का औसत अनुमान बढ़कर 3.8% हो गया, जिससे दरों में कटौती की उम्मीदें खत्म हो गईं और 2026 के अंत तक दर में बढ़ोतरी की आशंका बढ़ गई II। इसके कुछ ही दिनों बाद बिटकॉइन लगभग 66,000 डॉलर से गिरकर 63,000 डॉलर से नीचे आ गया, और बैठक के अगले ही दिन बिटकॉइन/ईथर ETFs से 111 मिलियन डॉलर का शुद्ध बहिर्वाह हुआ TF। विश्लेषकों ने इस सख्त रुख को बिटकॉइन की कीमत को कुचलने वाले दो एक साथ "तरलता के झटकों" (liquidity shocks) में से एक बताया B।
FOMC के 18 सदस्यों में से नौ अब दिसंबर से पहले कम से कम एक दर वृद्धि का अनुमान लगा रहे हैं — यह मार्च की बैठक से पूरी तरह उलट है, जहां किसी भी अधिकारी ने दर वृद्धि का अनुमान नहीं लगाया था FI।
जब फेड ने उच्च ब्याज दरों के लंबे समय तक बने रहने का संकेत दिया, तो अल्पकालिक ट्रेजरी यील्ड अधिक आकर्षक हो गईं। इसके चलते एक क्लासिक 'जोखिम-रहित' (risk-off) रोटेशन शुरू हुआ, जहां निवेशकों ने सट्टा परिसंपत्तियों से पैसा निकालकर पारंपरिक सुरक्षित ठिकानों की ओर रुख किया। कई रिपोर्टों में कहा गया कि संस्थागत निवेशक पारंपरिक सुरक्षित विकल्पों के पक्ष में "कोर क्रिप्टो से जोखिम कम" कर रहे थे BCF। एक महत्वपूर्ण अंतर यह था कि बिटकॉइन की कीमत मई में केवल 3.69% गिरी, लेकिन ETFs से उसी महीने 2.3 अरब डॉलर निकले — यह दर्शाता है कि कीमत में तेज गिरावट से पहले ही संस्थान ETF रिडेम्पशन के जरिए जोखिम कम कर रहे थे G।
ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन (Bernstein) ने रिपोर्ट किया कि निवेशकों के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े शेयरों की ओर रुख करने के कारण बिटकॉइन में पूंजी का प्रवाह काफी धीमा हो गया C। बिटकॉइन ETFs की बिक्री उस समय हुई जब वॉल स्ट्रीट पर S&P 500 नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा था, जबकि क्रिप्टो ETFs से पूंजी निकल रही थी — यह एक स्पष्ट अलगाव (decoupling) था GB। यह क्रिप्टो के उच्च-बीटा (high-beta) निवेश से हटकर AI मेगाकैप इक्विटीज की ओर एक क्रॉस-एसेट रोटेशन था। बर्नस्टीन के अनुसार, निवेशक "बूमिंग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस थीम" की ओर पैसे लगा रहे थे BG।
क्रिप्टो ETF स्पेस के अंदर ही एक छोटा लेकिन वास्तविक आंतरिक रोटेशन भी देखने को मिला: