खाड़ी देशों के सॉवरेन वेल्थ फंड ने संघर्ष के दौरान भी तेजी से निवेश जारी रखा।
खाड़ी देशों द्वारा तेल पर निर्भरता कम करने के प्रयास अब ठोस परिणाम दे रहे हैं।
हालांकि संघर्ष से अल्पकालिक पूर्वानुमान प्रभावित हुए हैं, लेकिन दीर्घकालिक आधार मजबूत है।
Consulum-HarrisX सर्वे (82% निवेशक विश्वास) से पता चलता है कि अंतरराष्ट्रीय निवेशक अल्पकालिक भू-राजनीतिक व्यवधान और दीर्घकालिक संरचनात्मक ताकत के बीच फर्क कर रहे हैं। रिकॉर्ड SWF निवेश, तेजी से बढ़ता गैर-तेल क्षेत्र, मजबूत राजकोषीय भंडार और यूएई का एक शीर्ष वैश्विक निवेश गंतव्य के रूप में उभरना इस विश्वास के प्रमुख कारण हैं। यह आशावाद इस तथ्य के बावजूद बना हुआ है कि अल्पकालिक जीडीपी पूर्वानुमानों में भारी कमी आई है। निवेशकों का मानना है कि खाड़ी की बुनियादी मजबूती संघर्ष के चक्र से अधिक समय तक टिकेगी ।
खाड़ी देशों के सॉवरेन वेल्थ फंड ने संघर्ष के दौरान भी तेजी से निवेश जारी रखा।
खाड़ी देशों द्वारा तेल पर निर्भरता कम करने के प्रयास अब ठोस परिणाम दे रहे हैं।
हालांकि संघर्ष से अल्पकालिक पूर्वानुमान प्रभावित हुए हैं, लेकिन दीर्घकालिक आधार मजबूत है।
Consulum-HarrisX सर्वे (82% निवेशक विश्वास) से पता चलता है कि अंतरराष्ट्रीय निवेशक अल्पकालिक भू-राजनीतिक व्यवधान और दीर्घकालिक संरचनात्मक ताकत के बीच फर्क कर रहे हैं। रिकॉर्ड SWF निवेश, तेजी से बढ़ता गैर-तेल क्षेत्र, मजबूत राजकोषीय भंडार और यूएई का एक शीर्ष वैश्विक निवेश गंतव्य के रूप में उभरना इस विश्वास के प्रमुख कारण हैं। यह आशावाद इस तथ्य के बावजूद बना हुआ है कि अल्पकालिक जीडीपी पूर्वानुमानों में भारी कमी आई है। निवेशकों का मानना है कि खाड़ी की बुनियादी मजबूती संघर्ष के चक्र से अधिक समय तक टिकेगी ।