एंटोनेली का दिल तोड़ने वाला पिछलापन: चैंपियनशिप लीडर किमी एंटोनेली, जो पोल पोजीशन पर थे , उनकी कार में रेस के अंत में मैकेनिकल खराबी आ गई
। वे 9वें स्थान पर फिनिश करने में तो कामयाब रहे, लेकिन ट्रैक लिमिट्स पेनल्टी के चलते उन्हें 11वें स्थान पर खिसकना पड़ा
। इस तरह वे पॉइंट्स से बाहर हो गए, जिससे चैंपियनशिप में उनकी बढ़त को बड़ा झटका लगा
।
वेरस्टैपन का क्रैश और गुस्सा: मैक्स वेरस्टैपन, जो पांचवें स्थान पर आ रहे थे , ने स्टोव (Stowe) कोने पर ग्रिप खो दी और सीधे ग्रेवल में जा धंसे
। वे कार को दोबारा चालू नहीं कर पाए और बाहर हो गए
। रेस से पहले ही उनकी कार में पावर यूनिट की समस्या थी, जिसे लेकर वे निराश थे
और इस क्रैश ने उनकी निराशा को और गहरा कर दिया।
FIA का सॉफ्टवेयर ग्लिच और सेफ्टी कार का अंत: जब वेरस्टैपन क्रैश हुए, तो सेफ्टी कार आई। सबको लगा कि आखिरी लैप में ग्रीन-फ्लैग फिनिश होगी, क्योंकि मैसेज आया था कि सेफ्टी कार इसी लैप में पिट्स में लौटेगी ('Safety Car In This Lap') । लेकिन FIA ने बाद में बताया कि यह मैसेज एक “सॉफ्टवेयर त्रुटि” (software error) था
। असल में, सभी लैप्ड कारों को खुद को अनलैप करने में समय लग गया, और इसलिए सेफ्टी कार को पिट्स में बुलाने का अवसर नहीं मिला
। इस तरह रेस सेफ्टी कार के पीछे खत्म हुई और रोमांच का मजा किरकिरा हो गया
।
रेस के नतीजों ने चैंपियनशिप की तस्वीर बदल दी। एंटोनेली अपनी लीड गंवा बैठे, जिससे जॉर्ज रसेल को फायदा हुआ । वेरस्टैपन के लिए यह सीज़न बेहद मुश्किलों भरा रहा है। उन्होंने खुद F1 2026 के नियमों को "जोक"
और "सुपर फ्रस्ट्रेटिंग"
बताया है।
2026 ब्रिटिश ग्रां प्री ने यह साबित कर दिया कि फॉर्मूला 1 में कुछ भी हो सकता है। फेरारी की जीत, मर्सिडीज की वापसी, और रेड बुल का संकट इस रेस के मुख्य मुद्दे रहे। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा FIA की सॉफ्टवेयर गड़बड़ी की हुई, जिसने दर्शकों को एक यादगार आखिरी लैप से वंचित कर दिया ।