यूक्रेनी ड्रोन ने सेंट पीटर्सबर्ग/लेनिनग्राद क्षेत्र में एक तेल टर्मिनल और बंदरगाह बुनियादी ढांचे के साथ-साथ क्रॉनस्टेड नौसैनिक अड्डे के पास सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया। राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने इसे "रूस के युद्ध प्रयासों को वित्तपोषित करने वाले प्रमुख बुनियादी ढांचे" पर हमला बताया ।
सेंट पीटर्सबर्ग के गवर्नर अलेक्जेंडर बेग्लोव ने स्वीकार किया कि 6 मिलियन की आबादी वाले शहर पर "बड़े पैमाने पर ड्रोन हमला" हुआ और तेल टर्मिनल को निशाना बनाया गया । उन्होंने कहा कि हमले में कोई हताहत नहीं हुआ और स्थिति से निपट लिया गया है
।
लेनिनग्राद क्षेत्र के गवर्नर अलेक्जेंडर ड्रोज़डेंको ने कहा कि सेंट पीटर्सबर्ग से लगभग 170 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित विसोत्स्क बंदरगाह पर भी ड्रोन ने हमला किया । रूसी अधिकारियों ने ड्रोन को मार गिराने का दावा किया, लेकिन सफल हमलों को स्वीकार किया
।
जुलाई 2026 की शुरुआत तक, यूक्रेन के जनरल स्टाफ ने रूस के ऊर्जा क्षेत्र पर अपने अभियान के प्रभाव का सबसे व्यापक आकलन प्रस्तुत किया।
रिफाइनिंग क्षमता ठप: जुलाई 2026 की शुरुआत तक रूस की कुल डिज़ाइन की गई तेल रिफाइनिंग क्षमता का 42.74% निष्क्रिय कर दिया गया । राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने एक महीने पहले लगभग 40% क्षमता के ठप होने की बात कही थी
।
रिफाइनरियों और भंडारण पर प्रहार: पिछले एक महीने में आठ रूसी रिफाइनरियों पर हमला किया गया और 60 से अधिक ईंधन भंडारण टैंक नष्ट या क्षतिग्रस्त हो गए । जनवरी से जून 2026 के बीच, यूक्रेन ने 16 प्रमुख रूसी तेल रिफाइनरियों और ईंधन टर्मिनलों पर हमला किया, जिससे रूस की 30% से अधिक तेल-रिफाइनिंग क्षमता ठप हो गई
।
कुल क्षेत्रीय नुकसान: अगस्त 2025 से संचित उद्योग घाटे का अनुमान यूक्रेनी जनरल स्टाफ ने 13.5 अरब डॉलर लगाया ।
रिकॉर्ड डाउनटाइम: अप्रैल-मई 2026 की अवधि में यूक्रेन ने रिफाइनरियों पर 26 हमले किए, जो अगस्त-सितंबर 2025 के बराबर है जब पहली बार पेट्रोल की कमी दिखाई दी थी । रूस का औसत दैनिक परिष्कृत तेल उत्पादन उस अवधि में 4,80,000 बैरल तक गिर गया, जो जुलाई 2025 की तुलना में 9 प्रतिशत कम था
। अप्रैल-मई 2026 तक यह गिरावट और तेज हो गई, जिसमें दैनिक उत्पादन 7,00,000 बैरल तक गिर गया, जो मार्च के अंत से 13 प्रतिशत कम था
।
इन हमलों के संचित प्रभाव ने रूस में गंभीर ईंधन संकट पैदा कर दिया है।
ईंधन राशनिंग और बिक्री प्रतिबंध: 23 जून 2026 तक, कम से कम 15 रूसी क्षेत्रों ने ईंधन बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिए थे । इसमें खांटी-मानसी स्वायत्त ऑक्रग भी शामिल था, जो रूस का सबसे बड़ा तेल उत्पादक क्षेत्र है और राष्ट्रीय उत्पादन का लगभग 40% हिस्सा है
। 25 जून 2026 तक, द मॉस्को टाइम्स द्वारा विश्लेषित ओपन-सोर्स डेटा के अनुसार, कम से कम 56 रूसी क्षेत्रों में ईंधन राशनिंग के उपाय लागू थे
। इनमें से 18 क्षेत्रों में, प्रति कार ईंधन की बिक्री को लगभग 30 लीटर तक सीमित कर दिया गया और केवल टैंक में ही ईंधन डालने की अनुमति दी गई, कनस्तरों में बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया
। सबसे कड़े प्रतिबंध क्रीमिया और सेवस्तोपोल में लगाए गए, जहां आम जनता को ईंधन की बिक्री प्रभावी रूप से रोक दी गई
।
पंप पर कमी प्रभावित क्षेत्रों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें आम हो गईं । जून 2026 के अंत तक, राष्ट्रपति पुतिन ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि देश भर के पेट्रोल पंपों पर "समस्याएं" और कतारें बनी हुई हैं
।
रूसी सरकार ने घरेलू ईंधन बाजार को स्थिर करने के लिए कई आपातकालीन कदम उठाए हैं।
पेट्रोल निर्यात पर प्रतिबंध: रूस ने 1 अप्रैल 2026 से उत्पादकों से पेट्रोल निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया, जो शुरू में जुलाई 2026 के अंत तक था ।
डीजल निर्यात प्रतिबंध पर विचार: 23 जून 2026 तक, उप प्रधान मंत्री अलेक्जेंडर नोवाक डीजल निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध, साथ ही संभावित ईंधन आयात और सब्सिडी पर चर्चा कर रहे थे ।
जेट ईंधन निर्यात प्रतिबंध: रूस ने नवंबर 2026 के अंत तक जेट ईंधन के निर्यात पर भी प्रतिबंध लगा दिया, जो अपनी तरह का पहला प्रतिबंध है ।
ईंधन आयात पर चर्चा मॉस्को ने दुनिया के तीसरे सबसे बड़े तेल उत्पादक के लिए एक गहरी विडंबना भरे कदम के तहत घरेलू कमी को दूर करने के लिए अन्य देशों से ईंधन आयात करने पर सक्रिय रूप से चर्चा शुरू कर दी ।
42.74% का आंकड़ा और 13.5 अरब डॉलर के नुकसान का अनुमान सीधे यूक्रेन के जनरल स्टाफ से आता है और ये एक यूक्रेनी सैन्य दावा है । स्वतंत्र ऊर्जा विश्लेषकों का अनुमान है कि कार्यात्मक व्यवधान रूस की क्षमता के लगभग एक-तिहाई के करीब है
। हालांकि, समग्र दिशा - कि यूक्रेन के अभियान ने रूस की एक तिहाई से अधिक रिफाइनिंग क्षमता को निष्क्रिय कर दिया है और एक अभूतपूर्व घरेलू ईंधन संकट को जन्म दिया है - कई पश्चिमी और रूसी स्रोतों द्वारा व्यापक रूप से पुष्टि की गई है
।