जुलाई 2025 की भीषण यूरोपीय गर्मी की लहर के दौरान, ईरान ने एक सार्वजनिक कूटनीतिक प्रस्ताव रखा, जिसे उसने 'दोस्ताना सुझाव' करार दिया। तेहरान ने कहा कि वह यूरोप को एयर कंडीशनर और कूलिंग उपकरण निर्यात करने को तैयार है — लेकिन केवल तभी जब यूरोपीय देश पहले ईरान पर लगे प्रतिबंधों को हटा दें । ईरान ने इस प्रस्ताव के पीछे 'पूरे यूरोप में अभूतपूर्व गर्मी और निर्दोष लोगों की दुखद मौत' को प्रेरणा बताया
।
ईरान के तुर्की स्थित दूतावास द्वारा जारी बयान में कहा गया कि वर्षों के प्रतिबंधों के बावजूद, ईरान ने अपनी स्वदेशी तकनीक का उपयोग करके कूलिंग उपकरण 'सफलतापूर्वक विकसित और निर्मित' किए हैं ।
यह प्रस्ताव उस समय आया जब परमाणु तनाव अपने चरम पर था। जुलाई 2025 में, फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन (E3) ने ईरान को चेतावनी दी: या तो परमाणु वार्ता फिर से शुरू करें और अगस्त के अंत तक ठोस प्रगति दिखाएं, या फिर वे 'स्नैपबैक' तंत्र को सक्रिय करके ईरान पर लगे सभी संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंधों को बहाल कर देंगे । E3 और ईरान के बीच कूटनीतिक वार्ता 25 जुलाई को इस्तांबुल में हुई, जो अमेरिकी और इजरायली हवाई हमलों के बाद पहली ऐसी बैठक थी
। ये वार्ता अंततः विफल रही और 28 अगस्त 2025 को E3 ने स्नैपबैक प्रक्रिया शुरू कर दी
।
ईरान के AC प्रस्ताव को व्यापक रूप से एक अलंकारिक जवाबी चाल के रूप में देखा गया: गर्मी से यूरोपीय पीड़ा को उजागर करना और प्रतिबंधों की आलोचना करना। E3 ने ईरान को सीधी बातचीत फिर से शुरू करने के बदले में 'सीमित, एक बार का स्नैपबैक विस्तार' की पेशकश की थी, लेकिन ईरान ने शर्तों को स्वीकार नहीं किया ।
साल 2025 की गर्मी यूरोप में गर्मी से होने वाली मौतों के मामले में अब तक की सबसे भयानक में से एक थी।
इस भयावह आंकड़े में रोम में 835, एथेंस में 630 और पेरिस में 409 मौतों का अनुमान शामिल है । शोधकर्ताओं ने कहा कि इनमें से कई 'मूक मौतें' थीं जो दिनों और हफ्तों में फैली हुई थीं और अक्सर आधिकारिक रिपोर्टों में गर्मी से संबंधित के रूप में सूचीबद्ध नहीं की जाती हैं
।
यूरोप में कूलिंग बुनियादी ढांचे की कमी पर जनता और मीडिया का ध्यान बढ़ा, जिससे कूलिंग को एक सामाजिक अधिकार बनाने पर नई नीतिगत चर्चाएं शुरू हुईं । यूरोपीय आयोग ने संकट को स्वीकार करते हुए कहा कि "यूरोप के शहरों को उस गर्मी के लिए डिज़ाइन नहीं किया गया था जो अब उन्हें मिल रही है" और लगभग 75% भवन अक्षम हैं
।
अमेरिका और जापान की तुलना में यूरोप में AC की पहुंच बहुत कम है। केवल लगभग 20% यूरोपीय घरों में एयर कंडीशनिंग है, जबकि अमेरिका और जापान में यह आंकड़ा 90% है । ब्रिटेन में यह आंकड़ा सिर्फ 5% और जर्मनी में 3% से भी कम है
। मुख्य संरचनात्मक बाधाएं हैं:
ईरान के 'AC सुझाव' पर कभी अमल नहीं किया गया और इसे व्यापक रूप से एक कूटनीतिक इशारा माना जाता है जिसे प्रतिबंधों के मुद्दे पर यूरोप पर दबाव बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया था। जैसे ही 28 अगस्त 2025 को स्नैपबैक शुरू हुआ, यूरोप में ईरानी कूलिंग निर्यात की संभावना समाप्त हो गई। हालांकि, इस घटना ने जलवायु-प्रेरित कूलिंग की जरूरतों और राजनीतिक और बुनियादी ढांचे की बाधाओं के बीच बढ़ते तनाव को उजागर किया जो यूरोप को चरम गर्मी के लिए खतरनाक रूप से तैयार नहीं छोड़ते हैं।
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जुलाई 2025 की भीषण यूरोपीय गर्मी की लहर के दौरान, ईरान ने यूरोप को एयर कंडीशनर निर्यात करने की पेशकश की, लेकिन शर्त रखी कि पहले उस पर लगे प्रतिबंध हटाए जाएं [20][21]।
जुलाई 2025 की भीषण यूरोपीय गर्मी की लहर के दौरान, ईरान ने यूरोप को एयर कंडीशनर निर्यात करने की पेशकश की, लेकिन शर्त रखी कि पहले उस पर लगे प्रतिबंध हटाए जाएं [20][21]। यह पेशकश तब आई जब फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन (E3) ने ईरान को परमाणु वार्ता में प्रगति न होने पर संयुक्त राष्ट्र की पाबंदियां बहाल करने की चेतावनी दी थी [18][22]।
गर्मी की लहर से यूरोप में अनुमानित 24,400 लोगों की मौत हुई, जिनमें से 68% मौतें जलवायु परिवर्तन के कारण हुईं [8][11]।