इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर (ISW) का व्यवस्थित खंडन:
यूक्रेनी सेना और स्वतंत्र विश्लेषक:
कोस्त्यंतिनिव्का यूक्रेन के डोनेट्स्क ओब्लास्ट की 'फोर्ट्रेस बेल्ट' (किला पेटी) के दक्षिणी छोर पर स्थित है। यह एक भारी किलेबंद शहरों की श्रृंखला है, जिसमें स्लोवियांस्क, क्रामातोर्स्क और द्रुज़कीव्का शामिल हैं। ये शहर मिलकर पूर्वी डोनेट्स्क में यूक्रेन की मुख्य रक्षा पंक्ति बनाते हैं । कोस्त्यंतिनिव्का पूरे डोनबास क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार और एक प्रमुख रसद केंद्र है । स्लोवियांस्क की ओर बढ़ने में विफल रहने के बाद, रूसी सेना ने अपना ध्यान कोस्त्यंतिनिव्का पर केंद्रित कर दिया है और इसे 2026 के अपने वसंत-ग्रीष्म आक्रमण का मुख्य लक्ष्य बना लिया है । क्रेमलिन एक साथ कोस्त्यंतिनिव्का और लिमान शहर को घेरने की कोशिश कर रहा है ।
निष्कर्ष: रूस ने कोस्त्यंतिनिव्का के दक्षिण-पूर्वी बाहरी इलाकों में छोटे समूहों में घुसपैठ करके वास्तविक लेकिन सीमित सामरिक लाभ प्राप्त किए हैं, लेकिन पूर्ण कब्जे की उसकी घोषणा एक बड़ा अतिशयोक्तिपूर्ण दावा प्रतीत होती है। ISW के अनुसार, यह AI-निर्मित फुटेज का उपयोग करके एक जानबूझकर किया गया सूचना अभियान है । इस बीच, 1,200 किमी लंबे मोर्चे पर रूस की व्यापक क्षेत्रीय प्रगति काफी हद तक ठप हो गई है ।
इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर (ISW) का व्यवस्थित खंडन:
यूक्रेनी सेना और स्वतंत्र विश्लेषक:
कोस्त्यंतिनिव्का यूक्रेन के डोनेट्स्क ओब्लास्ट की 'फोर्ट्रेस बेल्ट' (किला पेटी) के दक्षिणी छोर पर स्थित है। यह एक भारी किलेबंद शहरों की श्रृंखला है, जिसमें स्लोवियांस्क, क्रामातोर्स्क और द्रुज़कीव्का शामिल हैं। ये शहर मिलकर पूर्वी डोनेट्स्क में यूक्रेन की मुख्य रक्षा पंक्ति बनाते हैं । कोस्त्यंतिनिव्का पूरे डोनबास क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार और एक प्रमुख रसद केंद्र है । स्लोवियांस्क की ओर बढ़ने में विफल रहने के बाद, रूसी सेना ने अपना ध्यान कोस्त्यंतिनिव्का पर केंद्रित कर दिया है और इसे 2026 के अपने वसंत-ग्रीष्म आक्रमण का मुख्य लक्ष्य बना लिया है । क्रेमलिन एक साथ कोस्त्यंतिनिव्का और लिमान शहर को घेरने की कोशिश कर रहा है ।
निष्कर्ष: रूस ने कोस्त्यंतिनिव्का के दक्षिण-पूर्वी बाहरी इलाकों में छोटे समूहों में घुसपैठ करके वास्तविक लेकिन सीमित सामरिक लाभ प्राप्त किए हैं, लेकिन पूर्ण कब्जे की उसकी घोषणा एक बड़ा अतिशयोक्तिपूर्ण दावा प्रतीत होती है। ISW के अनुसार, यह AI-निर्मित फुटेज का उपयोग करके एक जानबूझकर किया गया सूचना अभियान है । इस बीच, 1,200 किमी लंबे मोर्चे पर रूस की व्यापक क्षेत्रीय प्रगति काफी हद तक ठप हो गई है ।