25 जून, 2026 को यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने ऐलान किया कि उन्होंने SBU (यूक्रेन की सुरक्षा सेवा) को एक 40-दिवसीय 'प्रभाव अभियान' की मंज़ूरी दी है। इस अभियान का मकसद रूस के सैन्य और बुनियादी ढाँचे पर लगातार हमले करके क्रेमलिन पर युद्ध खत्म करने का दबाव बनाना था ।
इसके कुछ ही दिनों में, क्रीमिया — जो 2014 में रूस द्वारा कब्ज़ा किए जाने के बाद से उसका सबसे बेशकीमती इलाका था — गहरे संकट में डूब गया। ईंधन की बिक्री ठप हो गई, बच्चों के ग्रीष्मकालीन शिविर रद्द कर दिए गए, और 26 जून तक रूसी प्रशासन ने आपातकाल घोषित कर दिया ।
यहाँ हम इस अभियान की प्रमुख घटनाओं और उनके प्रभावों की पड़ताल कर रहे हैं।
ज़ेलेंस्की ने 25 जून को पुष्टि की कि उन्होंने SBU के एक निश्चित अवधि के ऑपरेशन को मंज़ूरी दी है। उन्होंने टेलीग्राम पर कहा, "मैंने सुरक्षा सेवा द्वारा आक्रामक राष्ट्र पर दबाव बनाने के लिए एक 40-दिवसीय ऑपरेशन को मंज़ूरी दी है, जिसका लक्ष्य संघर्ष को समाप्त करना है" । इस अभियान को इस तरह से डिज़ाइन किया गया था कि युद्ध "रूस के अंदर तक दर्द पहुँचाए" जब तक कि मास्को बातचीत के लिए राज़ी न हो जाए
।
1 और 2 जुलाई को, यूक्रेनी ड्रोनों ने कब्जे वाले इलाकों — क्रीमिया, लुहांस्क और डोनेट्स्क — में 12 बिजली सबस्टेशनों और 1 गैस वितरण स्टेशन को निशाना बनाया। यह जानकारी यूक्रेनी सशस्त्र बलों के मानवरहित सिस्टम बलों के कमांडर रॉबर्ट "मद्यार" ब्रोव्दी ने दी ।
48 घंटों के इस हमले में खासतौर पर क्रीमिया में 35 kV के ओज़ेरनेस्का सबस्टेशन को निशाना बनाया गया, साथ ही प्रायद्वीप के पावर नेटवर्क के अन्य महत्वपूर्ण नोड्स को भी । कई स्रोतों से पुष्टि होती है कि 1 गैस वितरण स्टेशन के साथ कुल 12 सबस्टेशनों को निशाना बनाया गया, न कि पहले बताए गए "10" को
।
ये हमले एक व्यापक "मध्यम दूरी की स्ट्राइक" अभियान का हिस्सा थे, जो हफ्तों से तेज़ हो रहा था। 9 जून तक, ब्रोव्दी ने बताया कि टोकमक के पास M-18 सड़क — जिसे 'मौत का राजमार्ग' कहा जाता है — पर रूसी सैन्य कार्गो यातायात में पिछले दो हफ्तों में 71% की गिरावट आई थी ।
जिस दिन बड़े पैमाने पर ऊर्जा हमला शुरू हुआ, उसी दिन SBU ने कब्जे वाले क्रीमिया में साकी सैन्य एयरफील्ड पर रूस के Su-30 लड़ाकू विमानों के हैंगरों पर हमला किया । SBU के विशेष अभियान केंद्र "अल्फ़ा" के ड्रोन ऑपरेटरों ने हैंगरों पर पाँच पुष्ट हिट दर्ज किए। प्रत्येक Su-30SM लड़ाकू विमान की कीमत $50 मिलियन तक आंकी गई है
।
यह कोई अकेली घटना नहीं थी। SBU ने पिछले सप्ताह में कई बार साकी और पास के ह्वारडीयस्क एयरफील्ड के साथ-साथ केर्च जलडमरूमध्य के पास S-400 वायु रक्षा प्रणालियों और पैंटसिर-S1 प्रणालियों को भी निशाना बनाया था ।
क्रीमिया में नागरिक जीवन पर ड्रोन अभियान का संचयी प्रभाव गंभीर और तत्काल था:
पर्यवेक्षकों ने इस अभियान को "ड्रोन-लागू नाकाबंदी" बताया, जिसने रसद मार्गों को काट दिया और गंभीर ईंधन और ऊर्जा की कमी पैदा कर दी । केर्च जलडमरूमध्य पुल — क्रीमिया का रूस से एकमात्र सीधा भू-संपर्क — बार-बार निशाना बनाया गया, जिससे रूस को फ़ेरी क्रॉसिंग पर निर्भर रहना पड़ा, जो खुद असुरक्षित हैं
।
यह अभियान इस विश्लेषण के समय भी जारी था, और प्रारंभिक 40-दिवसीय अवधि के बाद भी ऊर्जा और सैन्य सुविधाओं पर और हमले दर्ज किए गए ।
2026 से पहले, क्रीमिया रूसी साम्राज्यवादी महत्वाकांक्षाओं का प्रतीक था। एक दशक के कब्जे के बाद, यह प्रायद्वीप रूस के सैन्य और पर्यटन अर्थव्यवस्था में एकीकृत हो गया था। 40-दिवसीय अभियान ने यह समीकरण बदल दिया।
संचयी साक्ष्य — ईंधन प्रतिबंध, बिजली ब्लैकआउट, रद्द ग्रीष्मकालीन पर्यटन, क्षतिग्रस्त एयरफील्ड, कटे हुए आपूर्ति मार्ग, और घोषित आपातकाल — इस निष्कर्ष का जोरदार समर्थन करते हैं कि क्रीमिया एक कीमती साम्राज्यवादी क्षेत्र से क्रेमलिन के लिए एक गंभीर रसद बोझ में बदल गया है । प्रायद्वीप अब खुद को आपूर्ति करने के लिए संघर्ष कर रहा है, और वहां तैनात रूसी सेनाएं तेजी से अलग-थलग हो रही हैं।
सभी दावों की उपलब्ध स्रोतों से पुष्टि नहीं हो पाई।
| दावा | स्थिति |
|---|---|
| ज़ेलेंस्की ने 25 जून को 40-दिवसीय अभियान को मंज़ूरी दी | पुष्टि |
| 26 जून को आपातकाल घोषित किया गया | पुष्टि |
| ईंधन की बिक्री ठप, गैस स्टेशन बंद | पुष्टि |
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यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने 25 जून 2026 को SBU (यूक्रेन की सुरक्षा सेवा) के एक 40 दिवसीय ड्रोन अभियान को मंज़ूरी दी, जिसका लक्ष्य रूस पर युद्ध खत्म करने का दबाव बनाना था [4][1]।
यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने 25 जून 2026 को SBU (यूक्रेन की सुरक्षा सेवा) के एक 40 दिवसीय ड्रोन अभियान को मंज़ूरी दी, जिसका लक्ष्य रूस पर युद्ध खत्म करने का दबाव बनाना था [4][1]। मात्र 48 घंटों (1 2 जुलाई) में, यूक्रेनी ड्रोनों ने कब्जे वाले क्रीमिया, लुहांस्क और डोनेट्स्क में 12 बिजली सबस्टेशनों और 1 गैस वितरण स्टेशन को नष्ट कर दिया [8][10][24]।
इस अभियान के कारण क्रीमिया में ईंधन की बिक्री ठप हो गई, बच्चों के समर कैम्प रद्द हो गए, और रूसी प्रशासन को आपातकाल घोषित करना पड़ा [3][11][1]।
| बच्चों के समर कैम्प रद्द | पुष्टि |
| बिजली कटौती और बुनियादी ढाँचा बाधित | पुष्टि |
| 12 सबस्टेशन + 1 गैस स्टेशन (1-2 जुलाई) | पुष्टि |
| साकी में SBU का Su-30 हैंगरों पर हमला | पुष्टि |
| रूसी सैन्य कार्गो यातायात में ~71% की गिरावट | पुष्टि |
| "500 से अधिक हमले" (1 मई – 18 जून) | इन परिणामों में सीधे सत्यापित नहीं |
| "100 से अधिक दैनिक ड्रोन हमले" | इन परिणामों में सीधे सत्यापित नहीं |
| रसद बोझ के रूप में क्रीमिया | संचयी साक्ष्य द्वारा समर्थित |