GCAR1 एक ‘फर्स्ट इन क्लास’ CAR T सेल थेरेपी है जिसे कैलगरी और मैकमास्टर विश्वविद्यालयों के शोधकर्ताओं ने ठोस ट्यूमर (सॉलिड ट्यूमर) के इलाज के लिए विकसित किया है [2][10]। यह थेरेपी GPNMB नामक एक प्रोटीन को निशाना बनाती है, जो ASPS और कई अन्य कैंसर में अत्यधिक मात्रा में पाया जाता है [4]। मरीज के अपने T कोशिकाओं को आन...

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GCAR1 एक फर्स्ट-इन-क्लास, दूसरी पीढ़ी की काइमेरिक एंटीजन रिसेप्टर (CAR) T-सेल थेरेपी है। इसे कैलगरी विश्वविद्यालय (University of Calgary) और मैकमास्टर विश्वविद्यालय (McMaster University) के शोधकर्ताओं ने मिलकर विकसित किया है, जिसे खासतौर पर ठोस ट्यूमर (solid tumors) के इलाज के लिए डिजाइन किया गया है । इसे कनाडा में ठोस कैंसर के लिए अपनी तरह की पहली खोज बताया जा रहा है
।
GCAR1 कोशिका की सतह पर पाए जाने वाले GPNMB (ग्लाइकोप्रोटीन नॉन-मेटास्टैटिक मेलेनोमा प्रोटीन B) को निशाना बनाता है। GPNMB एक टाइप I ट्रांसमेम्ब्रेन ग्लाइकोप्रोटीन है, जिसे MiTF ट्रांसक्रिप्शन फैक्टर परिवार द्वारा नियंत्रित किया जाता है ।
यह थेरेपी मरीज के अपने (ऑटोलॉगस) T-कोशिकाओं को लेंटीवायरल वेक्टर की मदद से आनुवंशिक रूप से बदलकर तैयार की जाती है। इन कोशिकाओं में एक CAR बनाया जाता है जिसमें GPNMB-विशिष्ट मोनोक्लोनल एंटीबॉडी से प्राप्त पूरी तरह से मानव (fully human) सिंगल-चेन वेरिएबल फ्रैगमेंट (scFv) बाइंडिंग डोमेन होता है ।
GPNMB प्रोटीन निम्नलिखित कैंसर में अत्यधिक मात्रा में पाया जाता है:
यह GPNMB को एक सुरक्षित और क्लिनिकल परीक्षण में सिद्ध इम्यूनोथेरेपी लक्ष्य बनाता है ।
शोधकर्ताओं का कहना है कि GCAR1 ASPS के इलाज में मजबूत संभावनाएं दिखाने वाली पहली थेरेपी है ।
महत्वपूर्ण सावधानी: ये नतीजे बहुत कम संख्या में मरीजों (n=2) पर आधारित हैं और ये समाचार कवरेज में रिपोर्ट किए गए हैं, किसी पियर-रिव्यूड वैज्ञानिक पत्रिका में प्रकाशित नहीं हुए हैं। सख्त फेज I डेटा अभी किसी मेडिकल जर्नल में प्रकाशित नहीं हुआ है।
वर्तमान फेज I अध्ययन (NCT07297667, मार्च 2026 से शुरू) उन मरीजों को शामिल कर रहा है जिनके GPNMB-व्यक्त करने वाले ठोस ट्यूमर फिर से उभर आए हैं या इलाज का जवाब नहीं दे रहे हैं। ये कैंसर हैं :
ASPS के लिए एक अलग समर्पित ट्रायल (NCT06813417) भी सक्रिय है ।
CAR-T थेरेपी ब्लड कैंसर (जैसे ल्यूकेमिया और लिंफोमा) में बहुत सफल रही है, लेकिन ठोस ट्यूमर के लिए कई बड़ी बाधाएं हैं :
GCAR1 का GPNMB पर निशाना लगाना एंटीजन-विशिष्टता की चुनौती को कम करने का एक प्रयास है। शुरुआती परिणाम बताते हैं कि यह थेरेपी कम से कम कुछ मरीजों के लिए इनमें से कई बाधाओं को पार करने में सफल रही है।
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GCAR1 एक ‘फर्स्ट इन क्लास’ CAR T सेल थेरेपी है जिसे कैलगरी और मैकमास्टर विश्वविद्यालयों के शोधकर्ताओं ने ठोस ट्यूमर (सॉलिड ट्यूमर) के इलाज के लिए विकसित किया है [2][10]।
GCAR1 एक ‘फर्स्ट इन क्लास’ CAR T सेल थेरेपी है जिसे कैलगरी और मैकमास्टर विश्वविद्यालयों के शोधकर्ताओं ने ठोस ट्यूमर (सॉलिड ट्यूमर) के इलाज के लिए विकसित किया है [2][10]। यह थेरेपी GPNMB नामक एक प्रोटीन को निशाना बनाती है, जो ASPS और कई अन्य कैंसर में अत्यधिक मात्रा में पाया जाता है [4]।
मरीज के अपने T कोशिकाओं को आनुवंशिक रूप से बदलकर GCAR1 बनाया जाता है, जिसमें GPNMB विशिष्ट एंटीबॉडी का एक मानवकृत scFv डोमेन होता है [2]।