जापानी घरेलू निवेशक इस गिरावट के दौरान खरीदारी के लिए आगे नहीं आए। 2025 के दौरान, टोक्यो शेयरों में तेजी मुख्य रूप से विदेशी निवेशकों के दम पर आई थी, जबकि घरेलू निवेशक किनारे पर ही रहे । मई 2025 में, जापानी निवेशकों ने पांच साल में विदेशी शेयरों से अपनी सबसे बड़ी निकासी की थी, जिसका कारण मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और टेक शेयरों के ज्यादा गर्म होने की आशंका थी । इसका मतलब यह हुआ कि बिकवाली के दबाव को सोखने के लिए कोई घरेलू मांग नहीं थी, जिससे बिकवाली और तेज हो गई।
येन की मजबूती ने समस्या को और बढ़ा दिया। एक मजबूत येन विदेशी निवेशकों के जापानी इक्विटी पोर्टफोलियो के मूल्य को कम कर देता है और जापान के निर्यात-प्रधान टेक सेक्टर की कमाई पर दबाव डालता है। जून के मध्य तक, विदेशी निवेशक 'येन की मजबूती और BoJ के नीतिगत बदलाव' को इक्विटी निकासी के स्पष्ट कारणों के रूप में बता रहे थे । इस मुद्रा संबंधी झटके ने विदेशी निवेशकों को मुनाफा काटकर बाहर निकलने के लिए और अधिक प्रेरित किया।
यह बिकवाली सिर्फ जापान तक सीमित नहीं रही। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ – 24 जून को उसमें एक ही दिन में 10% की गिरावट आई, क्योंकि निवेशकों ने चिपमेकर SK हाइनिक्स और सैमसंग से पैसे निकाल लिए । 29 जून को, एक और लहर आई जब एप्पल की मूल्य वृद्धि की घोषणा के बाद एशियाई टेक शेयर फिर से लुढ़क गए। निवेशकों को चिंता थी कि बढ़ती घटक लागतें डिवाइस की मांग को कम कर देंगी और मेमोरी चिप की रैली की रफ्तार को धीमा कर देंगी, जो एआई ट्रेड को शक्ति दे रही थी ।
| कारक | प्रभाव |
|---|---|
| एप्पल की कीमत वृद्धि | वैश्विक टेक बिकवाली शुरू; दक्षिण कोरिया का कोस्पी -5.8% पर रुका |
| ब्रॉडकॉम का दृष्टिकोण | जून की शुरुआत में एशियाई टेक से पैसे निकालने का कारण |
| एआई खर्च पर रिटर्न की चिंता | लगातार बनी रहने वाली संरचनात्मक चिंता; वैल्यूएशन पर सवाल |
| येन की मजबूती + BoJ नीति | जापानी इक्विटी से विदेशी बहिर्वाह में तेजी |
| घरेलू निवेशकों की अनुपस्थिति | जापानी निवेशक विदेशी शेयरों के शुद्ध विक्रेता थे, खरीदार नहीं |
| दक्षिण कोरिया चिप तबाही | 24 जून को कोस्पी में एक ही सत्र में 10% की गिरावट |
जापानी घरेलू निवेशक इस गिरावट के दौरान खरीदारी के लिए आगे नहीं आए। 2025 के दौरान, टोक्यो शेयरों में तेजी मुख्य रूप से विदेशी निवेशकों के दम पर आई थी, जबकि घरेलू निवेशक किनारे पर ही रहे । मई 2025 में, जापानी निवेशकों ने पांच साल में विदेशी शेयरों से अपनी सबसे बड़ी निकासी की थी, जिसका कारण मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और टेक शेयरों के ज्यादा गर्म होने की आशंका थी । इसका मतलब यह हुआ कि बिकवाली के दबाव को सोखने के लिए कोई घरेलू मांग नहीं थी, जिससे बिकवाली और तेज हो गई।
येन की मजबूती ने समस्या को और बढ़ा दिया। एक मजबूत येन विदेशी निवेशकों के जापानी इक्विटी पोर्टफोलियो के मूल्य को कम कर देता है और जापान के निर्यात-प्रधान टेक सेक्टर की कमाई पर दबाव डालता है। जून के मध्य तक, विदेशी निवेशक 'येन की मजबूती और BoJ के नीतिगत बदलाव' को इक्विटी निकासी के स्पष्ट कारणों के रूप में बता रहे थे । इस मुद्रा संबंधी झटके ने विदेशी निवेशकों को मुनाफा काटकर बाहर निकलने के लिए और अधिक प्रेरित किया।
यह बिकवाली सिर्फ जापान तक सीमित नहीं रही। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ – 24 जून को उसमें एक ही दिन में 10% की गिरावट आई, क्योंकि निवेशकों ने चिपमेकर SK हाइनिक्स और सैमसंग से पैसे निकाल लिए । 29 जून को, एक और लहर आई जब एप्पल की मूल्य वृद्धि की घोषणा के बाद एशियाई टेक शेयर फिर से लुढ़क गए। निवेशकों को चिंता थी कि बढ़ती घटक लागतें डिवाइस की मांग को कम कर देंगी और मेमोरी चिप की रैली की रफ्तार को धीमा कर देंगी, जो एआई ट्रेड को शक्ति दे रही थी ।
| कारक | प्रभाव |
|---|---|
| एप्पल की कीमत वृद्धि | वैश्विक टेक बिकवाली शुरू; दक्षिण कोरिया का कोस्पी -5.8% पर रुका |
| ब्रॉडकॉम का दृष्टिकोण | जून की शुरुआत में एशियाई टेक से पैसे निकालने का कारण |
| एआई खर्च पर रिटर्न की चिंता | लगातार बनी रहने वाली संरचनात्मक चिंता; वैल्यूएशन पर सवाल |
| येन की मजबूती + BoJ नीति | जापानी इक्विटी से विदेशी बहिर्वाह में तेजी |
| घरेलू निवेशकों की अनुपस्थिति | जापानी निवेशक विदेशी शेयरों के शुद्ध विक्रेता थे, खरीदार नहीं |
| दक्षिण कोरिया चिप तबाही | 24 जून को कोस्पी में एक ही सत्र में 10% की गिरावट |