नोबेल पुरस्कार विजेता जॉर्जियो पेरिसी और फ्रांसेस्को ज़ैम्पोनी ने एक दशक पुरानी भौतिकी की पहेली को सुलझाया है, जिसमें जैमिंग (ठोस अवस्था में परिवर्तन) के महत्वपूर्ण घातांकों के बीच संबंध a + b = 1 को साबित किया गया है... इस उपलब्धि में Anthropic के AI क्लॉड (संस्करण सोनेट 4.6 और ओपस 4.7) ने अहम भूमिका निभाई। शोधकर्त...

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एक दशक से भी अधिक समय से भौतिकविदों को पता था कि जैमिंग थ्योरी के दो महत्वपूर्ण घातांकों (critical exponents) a और b का योग 1 होता है। संख्यात्मक साक्ष्य (numerical evidence) बहुत मजबूत थे, लेकिन कोई भी इसे गणितीय रूप से साबित नहीं कर पाया था। 2026 में, नोबेल पुरस्कार विजेता जॉर्जियो पेरिसी (Giorgio Parisi) और फ्रांसेस्को ज़ैम्पोनी (Francesco Zamponi) ने इस कमी को पूरा किया - और यह केवल मानवीय अंतर्दृष्टि से नहीं, बल्कि एक AI के सहयोग से हुआ ।
आइए जानते हैं कि उन्होंने क्या खोजा, Anthropic के AI क्लॉड (Claude) ने इसमें कैसे योगदान दिया, और यह सबूत अव्यवस्थित प्रणालियों (disordered systems) के भौतिकी के लिए क्यों मायने रखता है।
पेरिसी और ज़ैम्पोनी ने arXiv पर एक प्रीप्रिंट (arXiv:2606.03300) प्रकाशित किया, जिसमें उन्होंने पहली बार a + b = 1 पहचान का विश्लेषणात्मक प्रमाण प्रस्तुत किया। यह जैमिंग (जाम होना) संक्रमण के पूर्ण प्रतिकृति-समरूपता-भंजन (fullRSB) सिद्धांत में दो महत्वपूर्ण घातांकों के बीच संबंध है ।
एक दशक पहले, चार्बोनो, कुरचन, पेरिसी, अर्बानी और ज़ैम्पोनी (CKPUZ, 2014) द्वारा विकसित fullRSB समाधान के अनुसार, तीन महत्वपूर्ण घातांक - a, b, और c - जैमिंग बिंदु के पास पैमाने के व्यवहार (scaling behavior) का वर्णन करते हैं ।
यह साबित होने पर कि a + b = 1 है, यह भी पता चला कि a = (1 - c)/2 होता है। इसका मतलब है कि a और b दोनों को केवल एक पैरामीटर 'c' के ज़रिए व्यक्त किया जा सकता है। इससे fullRSB समाधान की भविष्यवाणी क्षमता और भी अधिक सुसंगत हो जाती है । इसके अलावा, यह संबंध स्वतंत्र रूप से उन पैमाने के संबंधों (scaling relations) को भी जन्म देता है, जिनकी भविष्यवाणी पहले वायर्ट (Wyart) और उनके सहयोगियों ने यांत्रिक-सीमांत-स्थिरता (mechanical-marginal-stability) तर्कों के आधार पर की थी
।
यह सबूत केवल मानवीय बुद्धि का नतीजा नहीं था। शोध पत्र में स्पष्ट रूप से लिखा है: "यह सबूत क्लॉड (सोनेट 4.6 और ओपस 4.7) के साथ बातचीत के माध्यम से प्राप्त किया गया था और हमारे द्वारा सत्यापित किया गया था" ।
यह प्रीप्रिंट 2 जून, 2026 को arXiv पर पोस्ट किया गया (2 जुलाई, 2026 को अपडेट किया गया) । लेखकों की सूची में जॉर्जियो पेरिसी और फ्रांसेस्को ज़ैम्पोनी हैं; क्लॉड को एक सह-लेखक के बजाय इस्तेमाल किए गए AI उपकरण के रूप में स्वीकार किया गया है
।
दुनिया भर के मीडिया (Il Fatto Quotidiano, Correio Braziliense, 36Kr, Digg) ने इसे एक ऐतिहासिक घटनाक्रम बताया है, जहां एक नोबेल पुरस्कार विजेता ने एक लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) को एक वास्तविक शोध सहयोगी के रूप में इस्तेमाल किया और एक लंबे समय से चली आ रही सैद्धांतिक बाधा को तोड़ा । इसने यह दिखाया कि AI उन्नत सैद्धांतिक भौतिकी में केवल सहायक के रूप में नहीं, बल्कि गैर-तुच्छ गणितीय प्रमाणों को निकालने में सक्रिय भागीदार के रूप में भी योगदान दे सकता है।
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नोबेल पुरस्कार विजेता जॉर्जियो पेरिसी और फ्रांसेस्को ज़ैम्पोनी ने एक दशक पुरानी भौतिकी की पहेली को सुलझाया है, जिसमें जैमिंग (ठोस अवस्था में परिवर्तन) के महत्वपूर्ण घातांकों के बीच संबंध a + b = 1 को साबित किया गया है...
नोबेल पुरस्कार विजेता जॉर्जियो पेरिसी और फ्रांसेस्को ज़ैम्पोनी ने एक दशक पुरानी भौतिकी की पहेली को सुलझाया है, जिसमें जैमिंग (ठोस अवस्था में परिवर्तन) के महत्वपूर्ण घातांकों के बीच संबंध a + b = 1 को साबित किया गया है... इस उपलब्धि में Anthropic के AI क्लॉड (संस्करण सोनेट 4.6 और ओपस 4.7) ने अहम भूमिका निभाई। शोधकर्ताओं ने AI के साथ लगभग 40 दौर की बातचीत के बाद यह सबूत प्राप्त किया, जिसे बाद में उन्होंने सत्यापित किया [1][6][10]।
यह सबूत बताता है कि जैमिंग के तीनों घातांक (a, b, c) वास्तव में एक एकल पैरामीटर c पर निर्भर करते हैं, जिससे यह सिद्धांत आंतरिक रूप से और अधिक सुसंगत हो जाता है [1][7]।