जुलाई 2026 की शुरुआत में वैश्विक बाजार तीन बड़े झटकों से जूझ रहे हैं: फेड चेयरमैन केविन वार्श का 2% महंगाई लक्ष्य पर अटल रुख, जापानी येन का 162 पार कर 40 साल के निचले स्तर पर पहुंचना, और अमेरिका ईरान वार्ता में प्रगति... डॉलर 13 महीने के उच्च स्तर के करीब है, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी हुई है और येन में गिराव...

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जुलाई 2026 की शुरुआत में वैश्विक वित्तीय बाजार एक साथ तीन बड़ी ताकतों की मार झेल रहे हैं: फेडरल रिजर्व के नए चेयरमैन केविन वार्श का सख्त रुख, जापानी येन का डॉलर के मुकाबले 40 साल के निचले स्तर पर पहुंचना, और अमेरिका-ईरान वार्ता में प्रगति के चलते कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट। एशियाई शेयर बाजार, बॉन्ड बाजार और उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राएं इस जटिल स्थिति पर अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रही हैं।
ईसीबी के वार्षिक सिंट्रा फोरम में 1 जुलाई को फेड चेयरमैन केविन वार्श ने साफ संदेश दिया कि केंद्रीय बैंक अपने 2% महंगाई लक्ष्य पर "मजबूती से टिका रहेगा" और जो कोई भी ढीली मौद्रिक नीति की उम्मीद कर रहा है, उसे "निराशा" होगी । वार्श ने कहा कि महंगाई की उम्मीदें कम हुई हैं और जोखिम भी घटे हैं, लेकिन उन्होंने एफओएमसी की कीमत स्थिरता के प्रति "स्पष्ट और सर्वसम्मत" प्रतिबद्धता दोहराई
। यह सख्त रुख ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ब्याज दरों में कटौती के लिए दबाव बना रहे थे
।
फेड चेयरमैन के रूप में वार्श की पहली बैठक में जून में एफओएमसी ने 12-0 से फेडरल फंड्स रेट को 3.50%–3.75% की सीमा में अपरिवर्तित रखने का फैसला लिया था । समिति ने मौद्रिक नीति ढांचे की व्यापक समीक्षा भी शुरू की, जिसमें महंगाई, संचार और एआई पर नए टास्क फोर्स शामिल हैं
।
बाजार पर प्रभाव: ब्याज दरों पर लंबे समय तक रोक लगने की उम्मीदों के बीच डॉलर 13 महीने के उच्च स्तर के करीब स्थिर रहा । फेड के सख्त रुख के कारण अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी हुई
। व्यक्तिगत उपभोग व्यय (पीसीई) मूल्य सूचकांक के आधार पर महंगाई 2026 में 3.6% रहने का अनुमान है, जो 2% के लक्ष्य से काफी ऊपर है
।
जापानी येन डॉलर के मुकाबले 162 से अधिक कमजोर होकर 1-2 जुलाई की रात को 162.84 के 40 साल के नए निचले स्तर पर पहुंच गया । यह 1986 के बाद डॉलर के मुकाबले येन का सबसे कमजोर स्तर है
। यह गिरावट लगातार जारी है: येन जून के मध्य में 160.80 के आसपास था, 19 जून को फिसलकर 161.81 पर आ गया, 30 जून को 162 को पार कर गया और गिरता ही रहा
।
कारोबारी जापानी अधिकारियों द्वारा हस्तक्षेप के लिए पूरी तरह सतर्क हैं। अमेरिकी स्वतंत्रता दिवस की छुट्टी से पहले कम कारोबार को टोक्यो के लिए संभावित हस्तक्षेप की खिड़की के रूप में देखा जा रहा है । जापान के वित्त मंत्रालय ने पहले मुद्रा को समर्थन देने के लिए हस्तक्षेप किया है, लेकिन वे प्रयास इसकी गिरावट को रोकने में विफल रहे
। पिछले 12 महीनों में येन डॉलर के मुकाबले लगभग 13% कमजोर हुआ है
।
1 जुलाई को कच्चे तेल की कीमतों में 1% से अधिक की गिरावट आई, जो मार्च के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई। ब्रेंट क्रूड 71.57 डॉलर प्रति बैरल (1.89% नीचे) और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) 68.58 डॉलर पर बंद हुआ । राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि कतर में अमेरिका-ईरान वार्ता "अच्छी चल रही है", जिससे आपूर्ति में व्यवधान की आशंका कम हुई
।
यह गिरावट हफ्तों से बन रही थी। ब्रेंट क्रूड ने अकेले जून में लगभग 21% की गिरावट दर्ज की, जो मार्च 2020 के बाद सबसे बड़ी मासिक गिरावट है । मध्य जून में हस्ताक्षरित एक अंतरिम शांति समझौते ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोल दिया और प्रतिबंधों में राहत का संकेत दिया, जिससे ईरानी तेल निर्यात बढ़ने की संभावना बनी
। अमेरिका ने 60 दिनों की छूट दी, जिससे ईरान से कच्चे तेल और ईंधन के कुछ निर्यात की अनुमति मिल गई, जिसमें स्विट्जरलैंड में "रचनात्मक चर्चाओं" का उल्लेख किया गया
।
हालांकि, भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। पार्टियों के बीच सप्ताहांत में मिसाइल आदान-प्रदान ने स्थिति को नाजुक बना दिया है, और तेहरान से मिले-जुले कूटनीतिक संकेतों ने पूरी तरह से बिकवाली को रोक दिया है । 2 जुलाई तक ब्रेंट क्रूड 71 डॉलर प्रति बैरल के करीब था, बाजार आपूर्ति में सुधार की उम्मीद लगा रहा है लेकिन वार्ता में किसी भी उलटफेर के प्रति संवेदनशील है
।
एशियाई शेयर बाजारों ने 1 जुलाई को नई तिमाही की सतर्क शुरुआत की। अमेरिका-ईरान वार्ता में नई बाधाएं आईं और येन की गिरावट ने निवेशकों को बेचैन कर दिया । अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी के कारण बॉन्ड बाजार पर भी दबाव था
।
इससे पहले जून में, वॉल स्ट्रीट पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) शेयरों की बिकवाली के कारण एशियाई टेक शेयरों को बड़ा झटका लगा था। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (KOSPI) 8.3% गिर गया और जापान का निक्केई (Nikkei) 3.9% गिर गया क्योंकि एआई में तेजी की गति कम हो गई । उस दौरान 2 साल की ट्रेजरी यील्ड 16 महीने के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी
।
फेड के सख्त रुख के बावजूद विदेशी निवेशक एशियाई उभरते बाजारों के बॉन्ड में फिर से निवेश कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि क्षेत्रीय केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को ऊंचा रखेंगे, जिससे ये कर्ज आकर्षक बने रहेंगे । एशियाई उभरते बाजारों के बॉन्ड अमेरिकी ट्रेजरी की चाल के प्रति अपेक्षाकृत कम संवेदनशीलता दिखा रहे हैं: 5 साल के अमेरिकी और इसी अवधि के एशियाई उभरते बाजारों की पैदावार के बीच 30 दिनों का सहसंबंध लगभग 0.04 है, जबकि यह ईएमईए (यूरोप, मध्य पूर्व और अफ्रीका) के लिए 0.34 और लैटिन अमेरिका के लिए 0.44 है
।
दूसरी ओर, मजबूत डॉलर और बढ़ती अमेरिकी पैदावार उभरते बाजारों की मुद्राओं पर दबाव बना रही है और डॉलर इंडेक्स मजबूत बना हुआ है । येन डॉलर की मजबूती का सबसे बड़ा शिकार रहा है
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बाजार फेड के "लंबे समय तक ऊंची दर" वाले रुख, येन के लिए बैंक ऑफ जापान का किसी भी समय हस्तक्षेप कर सकने, और तेल की कीमतों में ईरान के साथ कूटनीतिक सफलता की पहले से तय हो चुकी कीमत को दर्शा रहे हैं। हालांकि, वार्ता में किसी भी उलटफेर के प्रति बाजार बेहद संवेदनशील है। उभरते एशियाई बॉन्ड ही एकमात्र ऐसी संपत्ति हैं जो इस सख्त वैश्विक माहौल के बावजूद लगातार विदेशी निवेश आकर्षित कर रही हैं।
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जुलाई 2026 की शुरुआत में वैश्विक बाजार तीन बड़े झटकों से जूझ रहे हैं: फेड चेयरमैन केविन वार्श का 2% महंगाई लक्ष्य पर अटल रुख, जापानी येन का 162 पार कर 40 साल के निचले स्तर पर पहुंचना, और अमेरिका ईरान वार्ता में प्रगति...
जुलाई 2026 की शुरुआत में वैश्विक बाजार तीन बड़े झटकों से जूझ रहे हैं: फेड चेयरमैन केविन वार्श का 2% महंगाई लक्ष्य पर अटल रुख, जापानी येन का 162 पार कर 40 साल के निचले स्तर पर पहुंचना, और अमेरिका ईरान वार्ता में प्रगति... डॉलर 13 महीने के उच्च स्तर के करीब है, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी हुई है और येन में गिरावट के बीच जापानी हस्तक्षेप की आशंका तेज हो गई है।
तेल बाजार पहले ही ईरान के साथ कूटनीतिक सफलता की कीमत तय कर चुका है, लेकिन किसी भी उलटफेर या सैन्य कार्रवाई के प्रति बेहद संवेदनशील है।