2026 की पहली छमाही में वैश्विक इक्विटी पूंजी बाजारों ने रिकॉर्ड $729.4 बिलियन जुटाए, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 73% अधिक है। इस वृद्धि का मुख्य कारण SpaceX का ऐतिहासिक $75 बिलियन का IPO और टेक्नोलॉजी सेक्ट... टेक्नोलॉजी M&A में घोषित सौदों का मूल्य $649 बिलियन रहा, और वैश्विक M&A वैल्यू में 30 41% की वृद...
शोध उत्तर

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वैश्विक इक्विटी पूंजी बाजारों ने 2021 के बाद अपनी सबसे सक्रिय पहली छमाही का प्रदर्शन किया, जिसमें कुल इश्यू $729.4 बिलियन तक पहुंच गया - जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 73% से अधिक की वृद्धि है । यह उछाल एक ही घटना - SpaceX के रिकॉर्ड-तोड़ IPO - के साथ-साथ टेक्नोलॉजी सेक्टर में डील्स की बाढ़ और मेगा-डील स्तर पर M&A गतिविधियों में नाटकीय सुधार से प्रेरित था। भारत के इक्विटी पूंजी बाजारों ने भी शानदार परिणाम दिए, जिसका आगे का पाइपलाइन साल की दूसरी छमाही में निरंतर वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए तैयार है।
12 जून को Nasdaq पर SpaceX की लिस्टिंग छमाही की, और वास्तव में किसी भी छमाही के इतिहास की, सबसे परिभाषित इक्विटी घटना थी :
SpaceX के IPO ने अकेले ही H1 2026 में वैश्विक IPO वॉल्यूम को $207 बिलियन तक पहुंचा दिया, जो 2025 की समान अवधि में जुटाए गए $68.6 बिलियन से तीन गुना अधिक है ।
H1 2026 में इक्विटी फंडरेजिंग का इंजन टेक्नोलॉजी ही था:
PwC ने नोट किया कि $5 बिलियन से अधिक के मेगाडील अब कुल वैश्विक डील वैल्यू का लगभग आधा हिस्सा हैं, और व्यापक AI अर्थव्यवस्था ने टेक्नोलॉजी सेक्टर की सामान्य सीमाओं से परे AI-संबंधित सौदों को प्रेरित किया ।
भारत के इक्विटी बाजारों ने मजबूत प्रदर्शन किया, हालांकि अमेरिकी मेगा-डील्स से अलग पैमाने पर:
कोटक इन्वेस्टमेंट बैंकिंग ने अनुमान लगाया है कि कैलेंडर वर्ष 2026 के लिए भारतीय इक्विटी पूंजी बाजार कुल इश्यू में ₹6 लाख करोड़ (~$72 बिलियन) को पार कर सकते हैं, जिसमें बिलियन-डॉलर-प्लस IPO कुल फंडरेजिंग का 35% हिस्सा होंगे, जिनका नेतृत्व न्यू-एज टेक्नोलॉजी और उपभोक्ता-उन्मुख कंपनियां करेंगी ।
बाजार सहभागियों को उम्मीद है कि यह गति जारी रहेगी। Dealogic ने नोट किया कि "AI-लिंक्ड इक्विटी इश्यू की एक बड़ी लहर" ने पहली छमाही को संचालित किया, और बड़ी, बाद के चरण की AI कंपनियों के सार्वजनिक होने के पाइपलाइन से गति बनी रहने की उम्मीद है । मॉर्गन स्टेनली ने देखा कि वर्तमान वातावरण "बड़ी, बाद के चरण की कंपनियों के बढ़ते पाइपलाइन और क्षेत्रों में व्यापक निवेशक भागीदारी" को दर्शाता है
।
भारत में, 2026 में समग्र रूप से इक्विटी इश्यू ₹6 लाख करोड़ को पार कर सकता है, जिसमें घरेलू संस्थागत निवेशक वैश्विक अस्थिरता के बीच स्थिरता प्रदान करते हुए ECM गतिविधि के लिए प्राथमिक एंकर के रूप में उभर रहे हैं ।
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2026 की पहली छमाही में वैश्विक इक्विटी पूंजी बाजारों ने रिकॉर्ड $729.4 बिलियन जुटाए, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 73% अधिक है। इस वृद्धि का मुख्य कारण SpaceX का ऐतिहासिक $75 बिलियन का IPO और टेक्नोलॉजी सेक्ट...
2026 की पहली छमाही में वैश्विक इक्विटी पूंजी बाजारों ने रिकॉर्ड $729.4 बिलियन जुटाए, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 73% अधिक है। इस वृद्धि का मुख्य कारण SpaceX का ऐतिहासिक $75 बिलियन का IPO और टेक्नोलॉजी सेक्ट... टेक्नोलॉजी M&A में घोषित सौदों का मूल्य $649 बिलियन रहा, और वैश्विक M&A वैल्यू में 30 41% की वृद्धि हुई, जो अनुमानित $2.5 $2.8 ट्रिलियन तक पहुंच गया। इस दौरान $10 बिलियन से अधिक के 47 'मेगा डील' हुए [33][34]।
AI से जुड़े इक्विटी इश्यू वैश्विक ECM में 'निर्णायक ताकत' बनकर उभरे हैं, और विशेषज्ञों को उम्मीद है कि बड़ी AI कंपनियों के आईपीओ का पाइपलाइन H2 2026 में भी गति बनाए रखेगा [10][11]।