| टियर | मासिक कीमत | कन्वर्सेशन फ़ोकस इस्तेमाल |
|---|---|---|
| मुफ्त | $0 | प्रति माह 3 घंटे तक |
| मेटा वन प्रीमियम | $19.99 | प्रति माह 15 घंटे तक |
एक एंट्री-लेवल मेटा वन प्लस ($7.99/माह) टियर भी है, लेकिन यह सामान्य Meta AI सीमाओं (जैसे थिंकिंग मोड, इमेज जनरेशन) को कवर करता है, न कि कन्वर्सेशन फ़ोकस को ।
यह कोई क्लाउड सर्विस नहीं है। यह एक ऑन-डिवाइस सिग्नल प्रोसेसिंग सिस्टम है जो 'कॉकटेल पार्टी प्रॉब्लम' को हल करने के लिए बनाया गया है - यानी शोरगुल में एक आवाज़ को अलग करना ।
मुख्य तकनीकी घटक:
यह फीचर अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, आयरलैंड, भारत, मैक्सिको, फ्रांस, इटली, यूएई, स्पेन, जर्मनी, दक्षिण कोरिया, जापान, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, स्वीडन, डेनमार्क, नॉर्वे, नीदरलैंड्स और फिनलैंड में Ray-Ban Meta और Oakley Meta HSTN ग्लासेज़ पर उपलब्ध है ।
टेक मीडिया में इस फैसले की कड़ी आलोचना हो रही है। मुख्य शिकायतें कुछ इस तरह हैं:
हार्डवेयर फीचर पर सॉफ्ट पेवॉल: यह फीचर पूरी तरह से डिवाइस पर चलता है, फिर भी मेटा इसके लिए रिकरिंग सब्सक्रिप्शन ले रहा है । यूज़र्स का तर्क है कि इसके लिए कोई क्लाउड कॉस्ट नहीं है जो फीस को जस्टिफाई कर सके।
3 घंटे की सीमा काफी प्रतिबंधात्मक: कई यूज़र्स का मानना है कि रोज़मर्रा की बातचीत के लिए 3 घंटे प्रति माह बहुत कम है - एक लंबे डिनर या कम्यूट में ही यह सीमा खत्म हो सकती है ।
प्रीमियम सब्सक्रिप्शन की भी अपनी सीमा: पैसे देने वाले यूज़र्स को भी 15 घंटे की सीमा का सामना करना पड़ता है, जो अनलिमिटेड नहीं है ।
बेट-एंड-स्विच: यह फीचर 2025 के अंत में एक एक्सेसिबिलिटी/हियरिंग-असिस्ट फीचर के रूप में लॉन्च किया गया था, और छह महीने के अंदर ही इस पर पेवॉल लगा दिया गया ।
सब्सक्रिप्शन थकान: यूज़र्स इसे एक और उदाहरण मानते हैं जहां पहले से खरीदे गए हार्डवेयर को लगातार पैसे देकर ही इस्तेमाल किया जा सकता है।
The Verge ने इसे 'बेतुकी रेट लिमिट और सॉफ्ट पेवॉल' कहा, जबकि CNET ने कहा कि यह 'ग्लासेज़ विवादों के बीच' आया है
। Android Police ने v26 अपडेट को 'गंभीर रूप से प्रतिबंधात्मक' और 'अप्रत्याशित शुल्क' वाला बताया
।
मेटा का यह कदम एक साफ मल्टी-टियर सब्सक्रिप्शन रणनीति का हिस्सा है:
मुख्य तनाव: कन्वर्सेशन फ़ोकस पूरी तरह से लोकल डिवाइस पर ऑडियो प्रोसेस करता है। आलोचकों का तर्क है कि इससे एक मिसाल बनेगी कि कोई भी अच्छा ऑन-डिवाइस फीचर भविष्य में पेवॉल के पीछे बंद हो सकता है, जो परंपरागत 'एक बार खरीदो, हमेशा इस्तेमाल करो' मॉडल को कमजोर करेगा। मेटा यह परीक्षण कर रहा है कि क्या यूज़र्स ऐसे फीचर्स के लिए पैसे देने को तैयार हैं, जिनकी डिलीवरी में कंपनी की कोई लागत नहीं आती।