जैसे-जैसे यूक्रेन रूसी तेल बुनियादी ढांचे पर अपने लंबी दूरी के ड्रोन हमले तेज कर रहा है, NATO के पूर्वी छोर पर एक नया खतरा उभर रहा है: भटके हुए यूक्रेनी ड्रोन। एस्टोनिया के विदेश मंत्री मार्गस त्साहकना ने मई-जून 2026 के बीच दिए गए कई साक्षात्कारों में इस मुद्दे पर अपनी हैरान कर देने वाली स्थिति स्पष्ट की है। उनका मानना है कि ये आकस्मिक घुसपैठ युद्ध का एक स्वीकार्य परिणाम है, साथ ही उन्होंने रूस पर इन घटनाओं को प्रचार के लिए जानबूझकर हथियार बनाने का आरोप लगाया है।
एस्टोनिया का आधिकारिक रुख यह है कि ड्रोन का गलती से NATO हवाई क्षेत्र में घुसना एक जोखिम है जिसे उठाना चाहिए। त्साहकना ने कहा है कि एस्टोनिया ऐसी घटनाओं से "परेशान नहीं" है और उन्हें रूसी तेल रिफाइनरियों और सैन्य ठिकानों को नष्ट करने की तुलना में एक "मोल चुकाने लायक" कीमत मानता है । उनके अनुसार, "रूसी तेल डिपो और सैन्य लक्ष्यों का विनाश इन आकस्मिक सीमा पार घटनाओं के जोखिमों से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है"
। यह गणना तेलिन के यूक्रेन को गहरे रूस में स्थित वैध सैन्य ठिकानों पर हमला करने के अधिकार का समर्थन करने के स्थायी रुख को दर्शाती है।
हालांकि, कच्चे आंकड़े इस कूटनीतिक सिद्धांत की परीक्षा ले रहे हैं। त्साहकना और अन्य बाल्टिक अधिकारियों ने यूक्रेन के तेज हमलों के साथ भटके हुए ड्रोन की घटनाओं में भारी वृद्धि देखी है। क्षेत्रीय आंकड़ों के अनुसार, मई 2026 में अकेले कम से कम एक दर्जन यूक्रेनी लंबी दूरी के ड्रोन लिथुआनिया, लातविया, एस्टोनिया और फिनलैंड की हवाई सीमा या क्षेत्र में दाखिल हुए — जो वर्ष के पहले चार महीनों में दर्ज कुल संख्या से दोगुने से अधिक है ।
ये केवल रडार के भूत नहीं हैं। ठोस घटनाओं में एस्टोनिया के ऑवेरे में एक ड्रोन का बिजली संयंत्र की चिमनी से टकराना और लातविया के क्रास्लावा क्षेत्र में दूसरे ड्रोन का विस्फोट शामिल है । स्थिति तब और गंभीर हो गई जब 19 मई, 2026 को NATO के F-16 जेट ने दक्षिणी एस्टोनिया में एक संदिग्ध यूक्रेनी ड्रोन को मार गिराया — यह पहली बार था जब किसी NATO विमान ने उड़ान के दौरान यूक्रेनी ड्रोन को नष्ट किया
। बढ़ती घटनाओं के कारण NATO को एक ही सप्ताह में कई बार लड़ाकू विमान तैनात करने पड़े, जिससे क्षेत्र में भारी व्यवधान उत्पन्न हुआ
।
त्साहकना ने रूस के उस आरोप को जोरदार तरीके से खारिज कर दिया है कि बाल्टिक राज्य यूक्रेन को अपने क्षेत्र से ड्रोन हमले शुरू करने की अनुमति दे रहे हैं। उन्होंने ऐसे दावों को "पूरी तरह से फर्जी खबर" (टोटल फेक न्यूज़) और रूस के जानबूझकर किए गए दुष्प्रचार अभियान का हिस्सा बताया । नॉर्डिक और बाल्टिक (NB8) देशों ने एक संयुक्त बयान जारी कर रूस और बेलारूस के इन झूठे दावों की निंदा की
।
यूक्रेनी अक्षमता की कहानी को स्वीकार करने के बजाय, त्साहकना ने मास्को के खिलाफ ही आरोप पलटा है। उन्होंने कहा कि रूस इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग और हस्तक्षेप का उपयोग कर जानबूझकर यूक्रेनी ड्रोन को NATO देशों की ओर "गाइड" कर रहा है, ताकि पश्चिम का यूक्रेन के प्रति समर्थन कमजोर हो सके और कोई प्रतिक्रिया भड़काई जा सके । यह यूक्रेन के उस बयान से मेल खाता है कि रूस ड्रोन को पुनर्निर्देशित करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक युद्ध का उपयोग कर रहा है
।
यद्यपि त्साहकना ने किसी विशिष्ट डॉलर के आंकड़े का उल्लेख नहीं किया है, उन्होंने रूस को "आज कमजोर और यूक्रेन के लंबी दूरी के हमलों के प्रभाव को महसूस करने वाला" बताया है । ड्रोन अभियान से हुए व्यापक आर्थिक नुकसान के प्रमाण इस प्रकार हैं:
व्लादिमीर पुतिन के साथ वार्ता के सवाल पर त्साहकना ने सख्त रुख अपनाया है। मई 2026 के मध्य में उन्होंने कहा कि यूरोप के लिए रूस के साथ सीधी बातचीत शुरू करने का "अब समय नहीं है", उनका तर्क था कि यूक्रेन के पास वर्तमान में हमला करने की बेहतर स्थिति है और पश्चिम को इसके बजाय "प्रतिबंधों के साथ रूस को खत्म कर देना चाहिए" ।
उन्होंने चेतावनी दी कि सीधी बातचीत में शामिल होने से EU एक "तटस्थ मध्यस्थ" बन जाएगा, न कि यूक्रेन का समर्थन करने वाला पक्ष, और मास्को "पश्चिम को विभाजित करने के लिए कूटनीति की झूठी उम्मीदों" का फायदा उठा रहा है । जून 2026 के अंत में, त्साहकना ने EU देशों से अधिक "रणनीतिक धैर्य" दिखाने और रूस पर दबाव बढ़ाने का आह्वान किया, यह कहते हुए कि तेलिन को पुतिन के बातचीत के लिए तैयार होने का कोई संकेत नहीं दिखता
।
त्साहकना का मानना है कि पुतिन यूरोप की बातचीत में भागीदारी को अपने लिए फायदेमंद मानते हैं, खासकर जब अमेरिका अब वार्ता में अग्रणी भूमिका नहीं निभा रहा है । उनका लगातार संदेश यह है कि पश्चिम को मौजूदा परिस्थितियों में बातचीत नहीं करनी चाहिए — इसके बजाय, उसे तब तक प्रतिबंध और सैन्य दबाव बनाए रखना और तेज करना चाहिए जब तक कि रूस की स्थिति इतनी कमजोर न हो जाए कि सार्थक वार्ता संभव हो सके।
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एस्टोनिया के विदेश मंत्री मार्गस त्साहकना का खुला बयान: यूक्रेनी ड्रोन का NATO क्षेत्र में आकस्मिक प्रवेश, रूसी तेल रिफाइनरियों को नष्ट करने के लिए एक 'मोल चुकाने लायक' कीमत है।
एस्टोनिया के विदेश मंत्री मार्गस त्साहकना का खुला बयान: यूक्रेनी ड्रोन का NATO क्षेत्र में आकस्मिक प्रवेश, रूसी तेल रिफाइनरियों को नष्ट करने के लिए एक 'मोल चुकाने लायक' कीमत है। मई 2026 में तीव्र हुआ यूक्रेनी हमला: कम से कम एक दर्जन लंबी दूरी के ड्रोन लिथुआनिया, लातविया, एस्टोनिया और फिनलैंड की हवाई सीमा में दाखिल हुए, जो इससे पिछले चार महीनों के कुल आंकड़े से दोगुने से अधिक हैं।
रूस पर गंभीर आरोप: त्साहकना का कहना है कि मास्को जानबूझकर जैमिंग तकनीक का उपयोग कर यूक्रेनी ड्रोन को NATO देशों की सीमा में भटका रहा है।