तस्वीर में क्लस्टर के घने केंद्र में चमकीले नीले तारे दिखाई देते हैं, जबकि बाहरी क्षेत्रों में पुराने, नारंगी-लाल रंग के तारे बिखरे हुए नजर आते हैं । यह अंतर तारों की उम्र और उनके विकास को समझने में मदद करता है।
पहला सर्वेक्षण (साराजेदिनी) — खगोलशास्त्री एंटो साराजेदिनी (Anto Sarajedini) के नेतृत्व में हबल ने पहली बार आकाशगंगा के 65 गोलाकार क्लस्टरों का दृश्य और निकट-अवरक्त (visible and near-infrared) प्रकाश में सर्वेक्षण किया । इस सर्वेक्षण का उद्देश्य इन क्लस्टरों की संरचना और उनमें मौजूद तारों की आबादी का अध्ययन करना था
।
दूसरा अध्ययन (पियोटो) — दूसरी टीम, जिसका नेतृत्व गियामपाओलो पियोटो (Giampaolo Piotto) ने किया, ने पराबैंगनी प्रकाश (ultraviolet light) का उपयोग करके इन क्लस्टरों का अध्ययन किया । इस विश्लेषण से पता चला कि यह क्लस्टर, जो 10 अरब वर्ष से भी अधिक पुराना है, ने तारों के निर्माण के दो अलग-अलग और बहुत करीबी दौर देखे
। ये दोनों दौर एक-दूसरे से केवल 634 मिलियन वर्ष के अंतर पर घटित हुए
।
यह खोज खगोल विज्ञान के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इससे पता चलता है कि कई गोलाकार क्लस्टर (globular clusters) एक ही बार में नहीं बने, बल्कि उनमें तारों का निर्माण तेज़ी से लगातार होने वाले चरणों (closely spaced episodes) में हुआ । इतने प्राचीन (10 अरब वर्ष पुराने) क्लस्टर में केवल कुछ सौ मिलियन वर्षों के अंतर को पहचान पाना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है
। यह 'एकाधिक तारकीय आबादी' (multiple stellar populations) के सिद्धांत का प्रत्यक्ष प्रमाण देता है
।
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