अगले दिन, रूसी राज्य मीडिया के प्रचारक पावेल ज़ारुबिन को दिए एक अलग साक्षात्कार में, पुतिन ने घोषणा की कि रूस यूक्रेन की शर्तों पर बातचीत नहीं करेगा, भले ही यूक्रेनी सेना रूसी क्षेत्र में गहरे रणनीतिक ठिकानों पर हमले तेज कर रही हो । उन्होंने यह भी पुष्टि की कि मास्को ने सक्रिय युद्ध क्षेत्र को सिर्फ इन चार क्षेत्रों तक सीमित रखने के प्रस्तावों को ठुकरा दिया है, यह तर्क देते हुए कि इससे यूक्रेन को पुनर्संगठित होने का मौका मिलेगा ।
पूरे संघर्ष के दौरान रूस की क्षेत्रीय माँगें लगातार और विस्तृत रही हैं, जैसा कि कई स्रोतों में दर्ज है:
28 जून 2026 को, यूक्रेनी विदेश मंत्री आंद्रेई सिबिहा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक स्पष्ट संदेश पोस्ट किया: यदि तथाकथित 'एंकरेज की भावना' कभी अस्तित्व में थी भी, तो 'वह अब निश्चित रूप से मृत है' ।
यह वाक्यांश मास्को के लगातार दावे को संदर्भित करता है कि अगस्त 2025 में अलास्का के एंकरेज में ट्रंप-पुतिन शिखर सम्मेलन के दौरान, दोनों पक्ष युद्ध समाप्त करने पर एक 'समझ' पर पहुँचे थे । इस दावे का अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पूरी तरह खंडन किया है, जिन्होंने कहा: "अलास्का में एक प्रस्ताव था, लेकिन कोई समझौता नहीं हुआ था। अगर कोई समझौता हुआ होता, तो हमने युद्ध का अंत देखा होता" ।
सिबिहा ने तर्क दिया कि यूक्रेन के बिना विकसित कोई भी शांति पहल विफल होने के लिए अभिशप्त है। उन्होंने क्रेमलिन से 'भ्रम में जीना बंद करने' और कीव के साथ सीधी बातचीत करने का आग्रह किया । रूसी तर्क का मज़ाक उड़ाते हुए उन्होंने कहा: "रूसियों को 'एंकरेज की भावना' के बारे में बात करना पसंद है। किसी भी आत्मा (spirit) की तरह, कोई नहीं जानता कि यह वास्तव में क्या है। हालाँकि, रूसी इस पर विश्वास करते हैं और सोचते हैं कि बाकी सभी को भी इस पर विश्वास करना चाहिए" । उन्होंने कहा कि मास्को के लिए सबक यह है कि यूक्रेन के बिना बनाई गई कोई भी शांति योजना 'एक आत्मा की तरह विलीन हो जाएगी' ।
यह अवधारणा पहले ही अपनी विश्वसनीयता खो रही थी। जून 2026 के मध्य में G7 शिखर सम्मेलन ने क्षेत्रीय रियायतों के रूस के तर्क को खारिज कर दिया था । खुद वरिष्ठ रूसी अधिकारियों — क्रेमलिन सहायक यूरी उशाकोव और विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव — ने कुछ दिन पहले ही अमेरिका पर 'एंकरेज की भावना' को छोड़ने का आरोप लगाया था, जिससे यह स्वीकार हो गया कि यह ढाँचा ढह गया है ।
कूटनीतिक मोर्चा पूरी तरह ठप है। जून 2026 के अंत के प्रमुख संकेतक:
निचली पंक्ति: जून 2026 के अंत तक, युद्ध पूरी तरह से कूटनीतिक गतिरोध में फँसा हुआ है। पुतिन अधिकतम क्षेत्रीय लक्ष्यों पर अड़े हैं, यूक्रेन अपनी संप्रभुता पर जोर दे रहा है और कीव को दरकिनार करने के किसी भी प्रयास को खारिज कर रहा है, और दोनों ओर से लड़ाई तेज हो रही है। 'एंकरेज की भावना' — यदि यह कभी अस्तित्व में थी भी — तो अब सभी पक्षों द्वारा इसे दफना दिया गया है।