न्यूजीलैंड के खिलाफ ड्रॉ के बाद (16 जून): 2-2 से ड्रॉ के बाद, तारेमी ने कहा, "सब कुछ एक बर्बादी जैसा लगता है। यह एक वर्ल्ड कप होना चाहिए, लेकिन हकीकत में, हम कई अनुचित मुद्दों का सामना कर रहे हैं।" उन्होंने बताया कि टीम को मैच के तुरंत बाद लॉस एंजेलिस से निकलने का आदेश दिया गया था ।
टूर्नामेंट से पहले (14 जून): एसोसिएटेड प्रेस को दिए एक इंटरव्यू में तारेमी ने कहा कि अमेरिका के साथ चल रहे संघर्ष के कारण टीम का अनुभव "कम आनंददायक" था और उन्होंने "दबाव महसूस किया" ।
टूर्नामेंट से पहले इंटरव्यू (13 जून): तारेमी ने कहा कि "खेल और राजनीति को अलग रहना चाहिए; एक वर्ल्ड कप संघर्ष-मुक्त दुनिया का संदेश है" ।
पाबंदियां पहली किक-ऑफ से बहुत पहले शुरू हो गई थीं और सिर्फ खिलाड़ियों को ही नहीं, बल्कि पूरे दल को प्रभावित किया।
इंफैंटिनो ने 10 जून को टूर्नामेंट की पूर्व संध्या पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस संकट को संबोधित किया।
मैदान के बाहर की इस अराजकता के ठोस परिणाम सामने आए।