उपलब्ध स्रोत शिपिंग स्टॉक्स में बिकवाली के पूरे बाज़ार परिदृश्य का समर्थन करते हैं। हॉर्मुज़ में जहाज़ों की आवाजाही अमेरिका-ईरान समझौते के बाद तेज़ी से बढ़ी, ईरानी तेल निर्यात को प्रतिबंधों से राहत मिली, और IMO की निकासी योजना ओमान के पास एक जहाज पर हमले के बाद रोक दी गई । इन सभी घटनाक्रमों ने निवेशकों को यह पुनर्मूल्यांकन करने पर मजबूर कर दिया कि क्या संघर्ष के कारण मिलने वाली असाधारण टैंकर कमाई को बरकरार रखा जा सकता है। रिपोर्टों के अनुसार, इस दिन फ्रंटलाइन (Frontline) के शेयर 8%, आर्डमोर शिपिंग (Ardmore Shipping) 9%, स्कॉर्पियो टैंकर्स (Scorpio Tankers) 5% और स्टार बल्क (Star Bulk) 7.4% तक गिर गए
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17 जून को अमेरिका-ईरान समझौता ज्ञापन (memorandum of understanding) पर हस्ताक्षर के बाद, जलडमरूमध्य से जहाज़ों का आवागमन तेज़ी से बढ़ा । 18 जून को 25 वाणिज्यिक जहाज़ इस मार्ग से गुज़रे, जो मध्य-अप्रैल के बाद का सबसे उच्चतम दैनिक आंकड़ा था
। 24 जून तक यह संख्या बढ़कर 78 जहाज़ों तक पहुँच गई, जो फरवरी के अंत में युद्ध शुरू होने के बाद सबसे अधिक थी। इनमें से 42% जहाज़ों ने ओमान और IMO द्वारा प्रबंधित मार्ग का उपयोग किया
। इसका सीधा असर यह हुआ कि बाज़ार में अधिक टैंकर उपलब्ध हो गए, जिससे स्पॉट फ्रेट दरों (spot freight rates) पर दबाव पड़ा, जो पहले व्यवधान के दौरान बहुत ऊँची थीं। आपूर्ति का यह सामान्यीकरण कम कमाई की उम्मीदों का मुख्य कारण था।
17 जून को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ एक समझौते को अंतिम रूप दिया, जिसके तहत अमेरिकी प्रतिबंधों को निलंबित कर दिया गया और ईरान को अपने तेल का स्वतंत्र रूप से निर्यात करने की अनुमति दे दी गई । अमेरिका ने एक अस्थायी समझौते के तहत 60 दिनों की छूट दी, जिससे ईरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर में अपना तेल बेच सके
। इसका तत्काल प्रभाव यह हुआ कि वैश्विक बाज़ार में कच्चे तेल की एक बड़ी मात्रा वापस आ सकती है, जिससे वह कमी प्रीमियम (scarcity premium) कम हो गया जो संघर्ष के दौरान टैंकर चार्टर्स को अधिक लाभदायक बना रहा था
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IMO ने 25 जून के सप्ताह में हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में फँसे जहाज़ों के लिए एक निकासी योजना शुरू की थी । लेकिन 25 जून को ही, ओमान के तट पर एक जहाज को प्रोजेक्टाइल से मारा गया, जब कई टैंकर एक संयुक्त राष्ट्र-समर्थित मार्ग का उपयोग कर रहे थे
। इसके बाद IMO के महासचिव आर्सेनियो डोमिंग्वेज़ ने निकासी योजना को निलंबित कर दिया
। इस घटना ने इस विश्वास को कमज़ोर कर दिया कि नए युद्धविराम के तहत जलडमरूमध्य से गुज़रना सुरक्षित है। इसने संकेत दिया कि राजनयिक समझौते के बावजूद, सुरक्षा का माहौल अस्थिर बना हुआ है, जिससे टैंकर संचालन के लिए अल्पकालिक दृष्टिकोण बेहद अनिश्चित हो गया
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स्रोत तेल की कीमतों के दृष्टिकोण के पीछे आपूर्ति-पक्ष के दबाव का समर्थन करते हैं। ईरान को अधिक स्वतंत्र रूप से तेल निर्यात करने की अनुमति मिलने और अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील से तेल की आपूर्ति बढ़ने की संभावना बनी । इस संयोजन से आपूर्ति में व्यवधान की आशंकाएँ कम हुईं और संघर्ष-जनित कमी प्रीमियम कमज़ोर हुआ। कम कच्चे तेल के जोखिम प्रीमियम ने टैंकरों की भावना के लिए अप्रत्यक्ष समर्थन को भी कम कर दिया।
यातायात के आंकड़े बताते हैं कि राजनयिक खुलने के बाद हॉर्मुज़ में जहाज़ों की आवाजाही में उम्मीद से कहीं अधिक तेज़ी से सुधार हुआ । लेकिन 25 जून के प्रोजेक्टाइल हमले ने तुरंत इस धारणा को कमज़ोर कर दिया कि यातायात का सामान्यीकरण सुचारू रूप से होगा
। बाज़ार को एक तरफ यातायात की शुरुआत और दूसरी तरफ आगे और हमलों के प्रदर्शित जोखिम के बीच तौलना पड़ा — यह एक ऐसा विरोधाभास था जिसने किसी भी तेजी वाली टैंकर थीसिस (bullish tanker thesis) को पकड़ना मुश्किल बना दिया। फ्रंटलाइन के सीईओ लार्स बारस्टैड ने पहले ही सीएनबीसी को बताया था कि अगर अमेरिका और ईरान एक स्थिर समझौते पर पहुँचते हैं तो हॉर्मुज़ में व्यापारिक यातायात तेज़ी से बढ़ सकता है, जिससे भाड़ा दरों पर दबाव पड़ेगा
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प्रत्येक घटनाक्रम ने टैंकर स्टॉक्स के लिए मोटे तौर पर एक ही दिशा में काम किया, लेकिन साथ ही एक-दूसरे को ऑफसेट करने वाली अनिश्चितता भी पैदा की:
27 जून को नेट रिजल्ट एक समन्वित पुनर्मूल्यांकन था: निवेशकों ने संभवतः उस युद्ध-जोखिम लाभ (war-risk windfall) को डिस्काउंट कर दिया जो टैंकरों की भावना को समर्थन दे रहा था, जबकि ताज़ा हमले ने दिखाया कि सामान्य संचालन में त्वरित वापसी सुनिश्चित नहीं है । उद्योग एक 'प्रतीक्षा करें और देखें' (wait and see) की स्थिति में आ गया — भाड़ा दरों की उम्मीदें शांतिकाल की स्थितियों की ओर सामान्य हो रही थीं, लेकिन मुख्य पारगमन बिंदु की सुरक्षा स्पष्ट रूप से विवादित बनी हुई थी
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