रूसी सैनिक अलेक्जेंडर लुनिन ने इंस्टाग्राम पर पुतिन को संबोधित एक वीडियो जारी कर कहा कि यूक्रेन में तैनात रूसी सैनिकों को उनके ही अफसर 'बेहूदा और आत्मघाती आदेश' देने से मना करने पर प्रताड़ित और मार रहे हैं [1][4][10]। उन्होंने मांग की कि पुतिन उन्हें सीधे लाइव टीवी पर बात करने का मौका दें, नहीं तो 'सेना अपने हथियार...
यह एक विस्तृत रिपोर्ट है जो बीबीसी रशियन, मेदुज़ा, आरएफई/आरएल, द मॉस्को टाइम्स और अन्य स्रोतों के आधार पर तैयार की गई है।
25 जून, 2025 को अलेक्जेंडर लुनिन नाम के एक 39 वर्षीय रूसी यूक्रेन युद्ध के दिग्गज और इंस्टाग्राम ब्लॉगर ने सीधे राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को संबोधित एक वीडियो पोस्ट किया । वह वोरोनेज़ क्षेत्र के रहने वाले थे और उन्होंने सेना में एक जूनियर सार्जेंट के रूप में काम किया था। इस वीडियो में उन्होंने तीन बड़े दावे किए:
यह वीडियो जून 2025 में रूसी इंटरनेट पर सबसे वायरल कंटेंट में से एक बन गया। मात्र 24-48 घंटों के भीतर इस वीडियो को 1 करोड़ (10 मिलियन) से 1.5 करोड़ (15 मिलियन) तक लोगों ने देखा ।
26 जून को, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने वीडियो पर प्रतिक्रिया दी:
सिर्फ दो दिन बाद, 27 जून की रात, को स्थिति पूरी तरह बदल गई।
यह ध्यान देने वाला है कि उन पर देशद्रोह या आतंकवाद जैसे गंभीर आरोप नहीं लगाए गए। उन पर एक छोटे प्रशासनिक अपराध का मुकदमा चलाया गया, जो रूस में किसी भी आलोचक को बिना बड़े मुकदमे के चुप कराने का मानक तरीका है ।
लुनिन का मामला अकेला नहीं है, लेकिन उसकी बहादुरी और जोखिम को समझने के लिए पिछले मामलों से तुलना जरूरी है:
मुख्य अंतर: लुनिन की धमकी एक सार्वजनिक, व्यक्तिगत अल्टीमेटम थी, जो लाखों लोगों तक पहुंची। यह सैनिकों के सामूहिक इनकार और उच्च-स्तरीय वैगनर विद्रोह के बीच की एक नई और बेहद जोखिम भरी किस्म का विरोध था। हालांकि, क्रेमलिन की तुरंत और अपेक्षाकृत नरम कार्रवाई (सिर्फ 11 दिन की प्रशासनिक हिरासत) यह भी दिखाती है कि वे इस तरह के खतरे को इस हद तक नियंत्रित करने में सक्षम महसूस कर रहे थे कि उसे एक शहीद का दर्जा न दिया जाए ।
अलेक्जेंडर लुनिन के वायरल वीडियो ने एक बार फिर दिखाया कि रूसी सेना के अंदर असंतोष कितना गहरा हो सकता है, लेकिन क्रेमलिन की तत्काल प्रतिक्रिया से यह भी साफ हो गया कि सत्ता में बैठे लोग इस तरह की खुली चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। लुनिन ने युद्ध अपराधों की बात की, एक सैनिक की तरह बात की, और एक ऐसी मांग रखी जो असंभव थी। अब वह 11 दिनों के लिए जेल में हैं, और उनका 'संदेश' बाकी सैनिकों के लिए एक सबक के तौर पर दर्ज हो गया है।
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रूसी सैनिक अलेक्जेंडर लुनिन ने इंस्टाग्राम पर पुतिन को संबोधित एक वीडियो जारी कर कहा कि यूक्रेन में तैनात रूसी सैनिकों को उनके ही अफसर 'बेहूदा और आत्मघाती आदेश' देने से मना करने पर प्रताड़ित और मार रहे हैं [1][4][10]।
रूसी सैनिक अलेक्जेंडर लुनिन ने इंस्टाग्राम पर पुतिन को संबोधित एक वीडियो जारी कर कहा कि यूक्रेन में तैनात रूसी सैनिकों को उनके ही अफसर 'बेहूदा और आत्मघाती आदेश' देने से मना करने पर प्रताड़ित और मार रहे हैं [1][4][10]। उन्होंने मांग की कि पुतिन उन्हें सीधे लाइव टीवी पर बात करने का मौका दें, नहीं तो 'सेना अपने हथियार क्रेमलिन के खिलाफ कर देगी' [4][5][6]। यह वीडियो 24 48 घंटों में 10 से 15 मिलियन बार देखा गया [1][4][6]।
क्रेमलिन ने पहले इस वीडियो को 'अजीब' बताया और 'यातना के आरोपों' की जांच का वादा किया [1][7][10], लेकिन फिर 27 जून की रात को पुलिस ने लुनिन के घर पर छापा मारा और उन्हें 11 दिनों की 'प्रशासनिक हिरासत' में ले लिया [11][14]।
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