EU के 22 सदस्य देशों के ऊर्जा मंत्रियों ने 26 जून 2026 को यूरोपीय ग्रिड्स पैकेज पर अपनी आम स्थिति (जनरल अप्रोच) को अपना लिया, लेकिन इस प्रक्रिया में आयोग के दो सबसे विवादास्पद प्रस्तावों केंद्रीकृत EU पर्यवेक्षण और सी... सबसे बड़ा विवाद कंजेशन आय (क्रॉस बॉर्डर बिजली लाइनों पर भीड़भाड़ से होने वाला राजस्व) के पुनर्वि...
शोध उत्तर

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यूरोपीय संघ के 22 सदस्य देशों के ऊर्जा मंत्री 26 जून 2026 को लक्ज़मबर्ग में एकत्र हुए और यूरोपीय ग्रिड्स पैकेज पर 'जनरल अप्रोच' (परिषद की औपचारिक बातचीत की स्थिति) पर सहमत हुए । यूरोपीय आयोग ने 10 दिसंबर 2025 को यह पैकेज पेश किया था, जिसका उद्देश्य TEN-E विनियमन में संशोधन और परमिट-अनुदान प्रक्रिया में तेजी लाने वाले एक निर्देश के माध्यम से यूरोप के बिजली ग्रिड को आधुनिक बनाना था
। लेकिन यह बैठक आयोग की EU-स्तरीय समन्वय की महत्वाकांक्षा और सदस्य देशों की अपने ग्रिड योजना और वित्तपोषण पर राष्ट्रीय संप्रभुता बनाए रखने की दृढ़ता के बीच गहरे मतभेदों को उजागर करने वाली रही। अंतिम समझौते ने पैकेज के दो सबसे विवादास्पद तत्वों को काफी कमजोर कर दिया
।
आयोग के प्रस्ताव का उद्देश्य बुनियादी ढांचा योजना को वास्तविक EU-स्तरीय नियंत्रण की ओर ले जाना था, जिसमें सीमा पार बुनियादी ढांचे के लिए सामान्य परिदृश्यों को परिभाषित करने और राजनीतिक बातचीत में मध्यस्थता करने में आयोग की मजबूत भूमिका होती । यह पैकेज में शामिल 'एनर्जी हाइवेज़' पहल का मुख्य उद्देश्य था
।
सदस्य देशों ने इसका कड़ा विरोध किया। यूरोपीय नेटवर्क ऑफ ट्रांसमिशन सिस्टम ऑपरेटर्स (ENTSO-E) ने चेतावनी दी कि भूमिकाओं को राष्ट्रीय से यूरोपीय स्तर पर स्थानांतरित करने से 'निर्णय लेने के परिणामों में अनिश्चितता बढ़ेगी' और समय पर बुनियादी ढांचा कार्यान्वयन में आने वाली बाधाओं का समाधान नहीं होगा । समझौते के अंतिम पाठ ने अंततः राष्ट्रीय राजधानियों को अधिक नियंत्रण दिया, जो संप्रभुता संबंधी मजबूत चिंताओं को दर्शाता है
।
सबसे अधिक विभाजनकारी तत्व आयोग का वह प्रस्ताव था जिसमें ट्रांसमिशन सिस्टम ऑपरेटरों (TSOs) को सीमा पार बिजली लाइनों पर भीड़भाड़ (कंजेशन) से होने वाली आय का 25% सीमा पार ग्रिड निवेश के लिए अलग रखने की आवश्यकता थी । इस प्रस्ताव को कई सदस्य देशों और ग्रिड ऑपरेटरों से 'बढ़ते विरोध' और 'बढ़ती नाराजगी' का सामना करना पड़ा, जिन्होंने चेतावनी दी कि इससे नेटवर्क पर राष्ट्रीय नियंत्रण कमजोर हो सकता है
। स्वीडन ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि इस योजना से उसके बिजली निर्यात पर रोक लग सकती है, जिसके कारण इस पहल को कम कर दिया गया
। मई 2026 के एक परिषद दस्तावेज से पता चला कि कुछ सदस्य देशों को चिंता थी कि 25% को केवल उन्हीं देशों तक सीमित करने वाला संशोधित पाठ जहां PCI परियोजनाएं स्थित हैं, 'मूल प्रस्ताव की भावना को काफी हद तक कमजोर करता है'
।
समझौता: सदस्य देशों के पाठ के तहत, कंजेशन राजस्व को अलग रखने की आवश्यकता 8 वर्षों के बाद समाप्त हो जाएगी । मंत्रियों ने आयोग के मूल प्रस्ताव की तुलना में 'अधिक सतर्क दृष्टिकोण' अपनाया, जिससे सीमा पार वित्तपोषण तंत्र काफी कमजोर हो गया
।
राष्ट्रीय संप्रभुता संबंधी चिंताएं ही प्रतिरोध का कारण थीं। कई सदस्य देशों ने आयोग को राष्ट्रीय ग्रिड योजना और उनकी सीमाओं के भीतर एकत्रित कंजेशन राजस्व के आवंटन का अधिकार देने पर आपत्ति जताई । स्वीडन की बिजली निर्यात को सीमित करने की धमकी ने तनाव को उदाहरण दिया: अधिशेष नवीकरणीय क्षमता वाले देशों को डर था कि EU-स्तरीय राजस्व पूलिंग प्रभावी रूप से घरेलू उपभोक्ताओं और ग्रिड ऑपरेटरों से दूसरे सदस्य देशों को समान राष्ट्रीय लाभ के बिना धन हस्तांतरित करेगी
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क्लाइमेट एक्शन नेटवर्क (CAN) यूरोप ने, जो 200 से अधिक सदस्य संगठनों का प्रतिनिधित्व करता है, 26 जून एनर्जी काउंसिल से पहले मंत्रियों को एक पत्र भेजकर उनसे पैकेज को कमजोर न करने का आग्रह किया । उनकी मांगें थीं: आयोग के नेतृत्व में एक सामान्य सीमा पार बुनियादी ढांचा परिदृश्य बनाना, ग्रिड विकास के लिए अप्रयुक्त कंजेशन राजस्व का उपयोग करना, और जीवाश्म ईंधन बुनियादी ढांचे को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने की प्रतिबद्धता जताना
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CAN Europe ने पहले पैकेज को 'पूरी तरह से नवीकरणीय और लचीले ग्रिड में यूरोप के संक्रमण में तेजी लाने की दिशा में एक बहुत जरूरी कदम' बताया था, लेकिन चेतावनी दी थी कि त्वरा 'मजबूत पर्यावरण संरक्षण के साथ हाथ से हाथ मिलाकर चलनी चाहिए' । यूरोपीय पर्यावरण ब्यूरो (EEB) ने भी मंत्रियों को पैकेज को महत्वाकांक्षी बनाए रखने की सिफारिशें भेजीं
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ग्रिड्स पैकेज गंभीर दबावों की पृष्ठभूमि में तैयार किया गया था:
परिषद के मौके पर, सार्वजनिक अधिकारियों, भंडारण क्षेत्र और औद्योगिक ऊर्जा उपभोक्ताओं के प्रतिनिधियों ने ऊर्जा भंडारण पर पहले EU त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए ।
परिषद द्वारा सहमत जनरल अप्रोच 2026 के अंत में यूरोपीय संसद के साथ त्रिपक्षीय वार्ता (ट्रिलॉग) का मार्ग प्रशस्त करता है। केंद्रीकृत बनाम राष्ट्रीय योजना और सीमा पार वित्तपोषण की प्रमुख लड़ाई की रेखाएं अब स्पष्ट हो गई हैं, और संसद आयोग की मूल महत्वाकांक्षा के कुछ हिस्सों को बहाल करने का प्रयास कर सकती है।
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EU के 22 सदस्य देशों के ऊर्जा मंत्रियों ने 26 जून 2026 को यूरोपीय ग्रिड्स पैकेज पर अपनी आम स्थिति (जनरल अप्रोच) को अपना लिया, लेकिन इस प्रक्रिया में आयोग के दो सबसे विवादास्पद प्रस्तावों केंद्रीकृत EU पर्यवेक्षण और सी...
EU के 22 सदस्य देशों के ऊर्जा मंत्रियों ने 26 जून 2026 को यूरोपीय ग्रिड्स पैकेज पर अपनी आम स्थिति (जनरल अप्रोच) को अपना लिया, लेकिन इस प्रक्रिया में आयोग के दो सबसे विवादास्पद प्रस्तावों केंद्रीकृत EU पर्यवेक्षण और सी... सबसे बड़ा विवाद कंजेशन आय (क्रॉस बॉर्डर बिजली लाइनों पर भीड़भाड़ से होने वाला राजस्व) के पुनर्वितरण को लेकर था। स्वीडन जैसे देशों ने चेतावनी दी कि इससे उनके बिजली निर्यात पर रोक लग सकती है, जिसके बाद समझौते में इस प्र...
जलवायु संगठनों (CAN Europe, EEB) ने मंत्रियों से पैकेज को और कमजोर न करने का आग्रह किया था, लेकिन सदस्य देशों की राष्ट्रीय संप्रभुता की चिंता और आयोग को अधिक अधिकार देने के विरोध के चलते यह पैकेज अपने मूल स्वरूप से का...