ट्रंप प्रशासन ने रूसी समुद्री तेल पर लगी तीसरी 30 दिवसीय छूट को 17 जून 2026 को खत्म होने दिया। विदेश मंत्री रुबियो और राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे दोबारा न बढ़ाने के संकेत दिए हैं [36][38]। भारत का रूसी क्रूड आयात मई 2026 में रिकॉर्ड 2.3 मिलियन बैरल प्रतिदिन पहुंच गया था, लेकिन अब छूट खत्म होने के कारण भारतीय रिफाइनरियों...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: Search & fact-check with cited sources for How is the Trump administration's decision to let its sanctions waiver on Russian seaborne oil la. Article summary: The Trump administration allowed the **third 30-day sanctions waiver on Russian seaborne oil to expire on June 17, 2026**, with strong signals from Secretary of State Marco Rubio and President Trump that it will not be r. Topic tags: general, news, general web, user generated. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts w
ट्रंप प्रशासन ने रूसी समुद्री तेल पर तीसरी 30-दिवसीय छूट को 17 जून 2026 को खत्म होने दिया। विदेश मंत्री मार्को रुबियो और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ संकेत दिए हैं कि इसे दोबारा नहीं बढ़ाया जाएगा, जिससे यह छूट स्थायी रूप से खत्म हो गई है । यह फैसला 14-15 जून को हुए अमेरिका-ईरान समझौता ज्ञापन (MOU) से गहराई से जुड़ा है, जिसने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोल दिया। प्रशासन का मानना है कि इससे वैश्विक आपूर्ति का डर कम हो गया है और अब मास्को पर पाबंदी कसी जा सकती है
। आइए जानते हैं कि ये सब कैसे जुड़ा है और भारत, बाजारों और ऊर्जा कूटनीति पर इसका क्या असर पड़ेगा।
ईरान युद्ध के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने के कारण अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने भारत जैसे देशों को रूसी प्रतिबंधित क्रूड खरीदने की लगातार तीन 30-दिवसीय छूट दी थी । तीसरी छूट 17 जून को खत्म हो गई और व्हाइट हाउस ने इसे फिर से न बढ़ाने का संकेत दिया है, यह कहते हुए कि यह एक अस्थायी उपाय था जिसकी अब जरूरत नहीं है
।
अमेरिका-ईरान समझौता ज्ञापन (MOU) के बाद तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई है। बेंचमार्क क्रूड $78 प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है, जो युद्ध के दौरान $90 से ऊपर था । होर्मुज यातायात फिर से शुरू होने और रूसी छूट खत्म होने के संयुक्त प्रभाव से कीमतों पर दबाव बना हुआ है, हालांकि गर्मियों 2027 तक आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद है
।
एसएंडपी ग्लोबल के विश्लेषकों का कहना है कि छूट खत्म होने का बाजार पर सीमित प्रभाव है क्योंकि वास्तविक आपूर्ति राहत होर्मुज के खुलने से आ रही है, लेकिन यह संकेत है कि अमेरिका संकट प्रबंधन से हटकर रूस पर अधिकतम दबाव वाली प्रतिबंध नीति की ओर बढ़ रहा है ।
ऊर्जा खुफिया फर्म कैपलर के आंकड़ों के अनुसार, भारत का रूसी क्रूड आयात मई 2026 में रिकॉर्ड 2.3 मिलियन बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गया था, क्योंकि रिफाइनरियों ने अभी भी सक्रिय छूट के तहत कार्गो लोड करने की होड़ लगाई । भारतीय रिफाइनरियों ने कम से कम 20 मिलियन बैरल गैर-प्रतिबंधित रूसी तेल सुरक्षित किया और छूट ढांचे के तहत खरीद जारी रखने पर कानूनी सलाह ली
। 10 सप्ताहों में से चार में लोडिंग 2 मिलियन बैरल/दिन से ऊपर थी, एक सप्ताह में यह 2.4 मिलियन बैरल/दिन भी पहुंच गई
।
अब जब छूट खत्म हो गई है, तो भारतीय रिफाइनरियों के सामने कठिन विकल्प है: रूसी आयात को तेजी से घटाएं (जैसा कि इकोनॉमिक टाइम्स ने अनुमान लगाया था) या द्वितीयक प्रतिबंधों का जोखिम उठाएं । भारत ने मई 2026 में अमेरिका से और विस्तार मांगा था लेकिन उसे ठुकरा दिया गया
।
होर्मुज का फिर से खुलना आंशिक राहत देता है - भारत अब खोई हुई रूसी मात्रा की भरपाई के लिए अधिक ईरानी और खाड़ी क्रूड तक पहुंच सकता है, लेकिन उच्च कीमतों पर और उन गहरी छूटों ($10-15/बैरल ब्रेंट से नीचे) के बिना जो रूसी क्रूड को इतना आकर्षक बनाती थीं ।
यह क्रम रणनीतिक है: अमेरिका-ईरान समझौता ज्ञापन (14-15 जून को हस्ताक्षरित) रूसी छूट को खत्म करने के लिए पूर्व शर्त था । जैसा कि ट्रंप ने जी7 में कहा, ईरान समझौता "मास्को पर और दबाव डालने की अनुमति देता है"
।
अमेरिका-ईरान समझौता ज्ञापन की मुख्य शर्तें:
यह दो-मोर्चा पुनर्संतुलन है: वाशिंगटन ईरान पर दबाव कम करता है (और एक महंगे युद्ध को हल करता है) जबकि रूस पर फिर से पाबंदी कसता है, यह दांव लगाते हुए कि ईरानी बैरल और होर्मुज पारगमन क्षमता की वापसी किसी भी मूल्य वृद्धि को सोख लेगी ।
यह समझौता ज्ञापन (MOU) 60 दिनों का प्रारंभिक ढांचा है, कोई अंतिम शांति संधि नहीं। शिपिंग और प्रतिबंध राहत का पूर्ण सामान्यीकरण आगे की परमाणु वार्ता पर निर्भर है । द गार्डियन और सीएफआर दोनों ने जोर दिया है कि यह 60-दिवसीय कार्यान्वयन विंडो वाली प्रारंभिक व्यवस्था है; यदि बातचीत टूट जाती है तो होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से बंद हो सकता है
। समझौता ज्ञापन के किसी भी पतन से वैश्विक बाजार फिर से उजागर हो जाएंगे - और संभावित रूप से अमेरिका को रूसी छूट जैसी किसी चीज़ को फिर से लागू करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
निचली पंक्ति: ट्रंप प्रशासन एक संतुलित व्यापार कर रहा है - होर्मुज को फिर से खोलना और ईरानी तेल को बाजार में वापस आने देना इसे रूसी प्रतिबंध छूट को स्थायी रूप से समाप्त करने का कवर देता है। भारत, जिसने छूट अवधि के दौरान रिकॉर्ड 2.3 मिलियन बैरल/दिन छूट वाले रूसी क्रूड का आयात किया, सबसे बड़ा हारा है, उसे अब अधिक लागत पर वैकल्पिक आपूर्ति खोजने के लिए मजबूर होना पड़ा है। वैश्विक तेल बाजारों ने इस समाचार को कीमतों में लगभग $78/बैरल की गिरावट के साथ आत्मसात किया है, जो उम्मीद दर्शाता है कि अतिरिक्त ईरानी आपूर्ति प्रतिबंधित रूसी प्रवाह से अधिक की भरपाई करेगी, हालांकि पूरी संरचना 60-दिवसीय अमेरिका-ईरान समझौता ज्ञापन पर टिकी हुई है।
Studio Global AI
Use this topic as a starting point for a fresh source-backed answer, then compare citations before you share it.
ट्रंप प्रशासन ने रूसी समुद्री तेल पर लगी तीसरी 30 दिवसीय छूट को 17 जून 2026 को खत्म होने दिया। विदेश मंत्री रुबियो और राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे दोबारा न बढ़ाने के संकेत दिए हैं [36][38]।
ट्रंप प्रशासन ने रूसी समुद्री तेल पर लगी तीसरी 30 दिवसीय छूट को 17 जून 2026 को खत्म होने दिया। विदेश मंत्री रुबियो और राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे दोबारा न बढ़ाने के संकेत दिए हैं [36][38]। भारत का रूसी क्रूड आयात मई 2026 में रिकॉर्ड 2.3 मिलियन बैरल प्रतिदिन पहुंच गया था, लेकिन अब छूट खत्म होने के कारण भारतीय रिफाइनरियों के सामने आयात घटाने या द्वितीयक प्रतिबंध झेलने का विकल्प है।
अमेरिका ईरान समझौते के बाद वैश्विक तेल कीमतें गिरकर लगभग $78/बैरल पर आ गई हैं। बाजारों को उम्मीद है कि ईरान से अतिरिक्त 1.5 मिलियन बैरल/दिन की आपूर्ति रूसी तेल की कमी की भरपाई करेगी।
Loading comments...
Comments
0 comments