राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप — उन्होंने ट्रुथ सोशल (Truth Social) पर एक पोस्ट में ईरान के ड्रोन हमले को युद्धविराम समझौते का "मूर्खतापूर्ण उल्लंघन" (foolish violation) बताया । उन्होंने जवाबी हमलों का आदेश दिया और इसे समझौते को लागू करने की ज़रूरी कार्रवाई बताया
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CENTCOM (अमेरिकी सेंट्रल कमांड) — एक औपचारिक बयान जारी कर कहा कि अमेरिकी विमानों ने ईरानी सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमला किया। सेना ने कहा कि ये हमले अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र से गुज़र रहे एक नागरिक व्यापारिक जहाज पर ईरान के हमले की सीधी और आनुपातिक प्रतिक्रिया थे ।
अमेरिकी अधिकारी (अनाम) — वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) को बताया कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने ड्रोन हमला किया । अधिकारियों ने इसे अमेरिका-ईरान के बीच नाजुक अंतरिम समझौ Nehru के लिए अब तक की सबसे गंभीर परीक्षा बताया
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ईरान — ईरान के विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी कि तेहरान के साथ समन्वय के बिना हॉर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित नहीं किया जा सकता । ईरानी क्रांतिकारी गार्ड (IRGC) ने कहा कि अमेरिकी हमलों का जवाब "तेज और निर्णायक" होगा और "अमेरिकी आक्रमण का जवाब दिया जाएगा" — वह भी "हमारे चुने हुए समय और स्थान पर"
। सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने, 17 जून के युद्धविराम समझौते [के बाद अपने पहले बयान] में, अमेरिका को किसी भी आगे के हमले के खिलाफ चेतावनी दी
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IMO (संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन) — 25 जून को हमले के तुरंत बाद हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों और नाविकों को सुरक्षित निकालने का अपना कार्यक्रम रोक दिया, सुरक्षा जोखिम का हवाला देते हुए ।
26 जून का यह हमला 17 जून को हुए 60-दिवसीय अंतरिम युद्धविराम समझौते की सबसे बड़ी परीक्षा है। यह समझौता तीन महीने से अधिक के सीधे अमेरिका-ईरान युद्ध को समाप्त करने और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए हुआ था
। दोनों पक्षों का समझौते पर हस्ताक्षर करने के एक हफ्ते के अंदर ही एक-दूसरे पर हमला कर देना दिखाता है कि यह व्यवस्था कितनी नाजुक है।
12-17 जून के बीच हुआ समझौता — जिसके तहत अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी हटाई और ईरान ने यातायात फिर से शुरू करने की अनुमति दी — अब गंभीर संकट में है । IMO ने अपना एस्कॉर्ट कार्यक्रम रोक दिया, और जहाजों को जलडमरूमध्य से गुज़रने के बजाय वापस मुड़ते देखा गया
। ईरानी विदेश मंत्रालय की चेतावनी कि तेहरान के समन्वय के बिना सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित नहीं किया जा सकता, यह संकेत देती है कि ईरान जलडमरूमध्य को फिर से एक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर सकता है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का लगभग 20% तेल गुज़रता है । युद्धविराम के बाद किसी नागरिक कंटेनर जहाज पर यह पहला हमला है, जिसने बाजार को हिलाकर रख दिया है। नए संकट के डर से तेल की कीमतें बढ़ गई हैं
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